नेटफ्लिक्स पर हॉलीवुड का जलवा- 'एपेक्स' ने चटाई बॉलीवुड-साउथ की फिल्मों को धूल, बनी नंबर-1

'एपेक्स' की सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने पवन कल्याण की 'उस्ताद भगत सिंह' और सिद्धांत चतुर्वेदी की 'दो दीवाने शहर में' जैसी चर्चित भारतीय फिल्मों को पछाड़ दिया है। फिल्म की कहानी एक ऐसी महिला के इर्द-गिर्द घूमती है जो ऑस्ट्रेलियाई जंगल की निर्ज

Apr 29, 2026 - 14:33
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नेटफ्लिक्स पर हॉलीवुड का जलवा- 'एपेक्स' ने चटाई बॉलीवुड-साउथ की फिल्मों को धूल, बनी नंबर-1
नेटफ्लिक्स पर हॉलीवुड का जलवा- 'एपेक्स' ने चटाई बॉलीवुड-साउथ की फिल्मों को धूल, बनी नंबर-1

  • थ्रिलर का नया बादशाह: 'एपेक्स' की रफ़्तार के आगे फीके पड़े पवन कल्याण और सिद्धांत चतुर्वेदी, ग्लोबल चार्ट्स पर भी कब्जा
  • ओटीटी की जंग में हॉलीवुड का प्रहार: शार्क और सरवाइवल थ्रिलर 'थ्रैश' और 'एपेक्स' का दबदबा, टॉप-10 से बाहर हुई कई बड़ी फिल्में

ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर इन दिनों कंटेंट की जबरदस्त जंग देखने को मिल रही है। भारतीय दर्शकों के बीच अक्सर बॉलीवुड और साउथ की फिल्मों का बोलबाला रहता है, लेकिन इस हफ्ते एक नई हॉलीवुड फिल्म ने सभी समीकरणों को पलट कर रख दिया है। हॉलीवुड की नवीनतम सरवाइवल थ्रिलर फिल्म 'एपेक्स' (Apex) ने नेटफ्लिक्स इंडिया के चार्ट पर नंबर-1 की कुर्सी हासिल कर ली है। इस फिल्म ने न केवल दर्शकों का ध्यान खींचा है, बल्कि भारत में टॉप-10 की सूची में शामिल 9 अन्य बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए अपनी बादशाहत कायम की है। चार्लीज़ थेरॉन और टैरॉन एगर्टन जैसे सितारों से सजी इस फिल्म की लोकप्रियता यह दर्शाती है कि भारतीय दर्शक अब भाषा की सीमाओं को तोड़कर विश्वस्तरीय थ्रिलर और एक्शन फिल्मों को तरजीह दे रहे हैं।

'एपेक्स' की सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने पवन कल्याण की 'उस्ताद भगत सिंह' और सिद्धांत चतुर्वेदी की 'दो दीवाने शहर में' जैसी चर्चित भारतीय फिल्मों को पछाड़ दिया है। फिल्म की कहानी एक ऐसी महिला के इर्द-गिर्द घूमती है जो ऑस्ट्रेलियाई जंगल की निर्जन वादियों में अपनी सीमाओं का परीक्षण कर रही होती है, लेकिन अचानक वह एक क्रूर शिकारी के जाल में फंस जाती है। यह फिल्म जिस तरह की सस्पेंस और एड्रेनालिन रश प्रदान करती है, उसने इसे भारतीय युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय बना दिया है। नेटफ्लिक्स पर जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस फिल्म को न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में करोड़ों घंटे देखा जा चुका है, जिससे यह वैश्विक स्तर पर भी टॉप ट्रेंड्स में बनी हुई है। इस हफ्ते की नेटफ्लिक्स टॉप-10 लिस्ट पर नजर डालें तो हॉलीवुड का एक और धमाका 'थ्रैश' (Thrash) के रूप में भी देखने को मिल रहा है। यह एक डिजास्टर थ्रिलर फिल्म है जिसमें एक गर्भवती महिला शक्तिशाली तूफान और बाढ़ के पानी में शार्क मछलियों के बीच घिरी नजर आती है। 'एपेक्स' और 'थ्रैश' जैसी फिल्मों ने मिलकर नेटफ्लिक्स के प्लेटफॉर्म पर भारतीय फिल्मों के वर्चस्व को चुनौती दी है। बॉलीवुड की फिल्में जैसे 'टोस्टर' (राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा) और 'मर्दानी 3' जो कई हफ्तों से सूची में बनी हुई थीं, अब धीरे-धीरे नीचे खिसक रही हैं। साउथ की बड़ी रिलीज़ 'यूथ' और 'उस्ताद भगत सिंह' भी हॉलीवुड की इस रफ्तार का मुकाबला करने में पीछे छूटती दिख रही हैं।

कौन सी हैं वे 9 फिल्में जिन्हें 'एपेक्स' ने पछाड़ा?

नेटफ्लिक्स इंडिया की नवीनतम रैंकिंग के अनुसार, 'एपेक्स' ने जिन फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए नंबर-1 का स्थान पाया है, उनमें उस्ताद भगत सिंह (पवन कल्याण), दो दीवाने शहर में (सिद्धांत चतुर्वेदी-मृणाल ठाकुर), टोस्टर (राजकुमार राव), यूथ (तमिल रॉम-कॉम), थ्रैश (हॉलीवुड डिजास्टर), धुरंधर (रणवीर सिंह - पुरानी लिस्टिंग), तू या मैं (सर्वाइवल थ्रिलर), नी फॉरएवर और मर्दानी 3 शामिल हैं। यह विविधता दर्शाती है कि 'एपेक्स' ने हर जॉनर की फिल्मों को टक्कर दी है।

हॉलीवुड फिल्मों के प्रति भारतीय दर्शकों का यह झुकाव ओटीटी पर बदलती प्राथमिकताओं की ओर इशारा करता है। 'एपेक्स' जैसी फिल्मों में वीएफएक्स और सिनेमाटोग्राफी का स्तर काफी ऊंचा है, जो दर्शकों को एक अलग अनुभव प्रदान करता है। इसके अलावा, नेटफ्लिक्स द्वारा इन फिल्मों को हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में डब करके उपलब्ध कराना भी इनकी सफलता का एक बड़ा कारण है। फिल्म के मुख्य कलाकार चार्लीज़ थेरॉन का एक्शन अवतार भारतीय फैंस को काफी पसंद आ रहा है। बिना किसी बड़े प्रमोशन के भी इस फिल्म का वर्ड-ऑफ-माउथ (प्रशंसा) इतना मजबूत रहा कि इसने रिलीज के चंद दिनों के भीतर ही नंबर-1 का पायदान हासिल कर लिया।

दूसरी ओर, भारतीय फिल्मों की बात करें तो पवन कल्याण की 'उस्ताद भगत सिंह' थिएटर में फ्लॉप होने के बावजूद नेटफ्लिक्स पर काफी समय से नंबर-1 बनी हुई थी। लेकिन अब इसे 'एपेक्स' से कड़ी चुनौती मिली है। इसी तरह राजकुमार राव की डार्क कॉमेडी 'टोस्टर' और सिद्धांत चतुर्वेदी की रोमांटिक ड्रामा 'दो दीवाने शहर में' भी दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रखने में विफल रही हैं। साउथ की फिल्में आमतौर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लंबी पारी खेलती हैं, लेकिन इस बार हॉलीवुड के सरवाइवल और थ्रिलर जॉनर ने बाजी मार ली है। यह ट्रेंड बताता है कि दर्शक अब केवल बड़े नामों के पीछे नहीं भाग रहे, बल्कि उन्हें कंटेंट में नयापन और रोमांच चाहिए। आने वाले हफ्तों में भी कई बड़ी फिल्में रिलीज होने वाली हैं, लेकिन फिलहाल 'एपेक्स' का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। नेटफ्लिक्स की इस टॉप-10 सूची में '28 इयर्स लेटर: द बोन टेम्पल' जैसी अन्य विदेशी फिल्में भी जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं। ओटीटी स्पेस में अब प्रतिस्पर्धा केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर हो गई है। 'एपेक्स' की नंबर-1 पोजीशन ने यह साफ कर दिया है कि अगर कंटेंट दमदार है, तो वह किसी भी बड़े सितारे की फिल्म को पीछे छोड़ सकता है। फिलहाल, 'एपेक्स' अपनी बेहतरीन कहानी और अभिनय के दम पर भारतीय ओटीटी चार्ट्स पर राज कर रही है और इसे हटाने के लिए किसी बड़ी भारतीय ब्लॉकबस्टर की जरूरत होगी।

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