इंडिगो का बड़ा फैसला: संकट के बाद पायलट भत्तों में बढ़ोतरी और नए अलाउंस की शुरुआत, 1 जनवरी 2026 से लागू। 

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने हाल के ऑपरेशनल संकट और फ्लाइट कैंसिलेशन के दौर के बाद पायलटों के भत्तों में संशोधन

Dec 30, 2025 - 12:25
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इंडिगो का बड़ा फैसला: संकट के बाद पायलट भत्तों में बढ़ोतरी और नए अलाउंस की शुरुआत, 1 जनवरी 2026 से लागू। 
इंडिगो का बड़ा फैसला: संकट के बाद पायलट भत्तों में बढ़ोतरी और नए अलाउंस की शुरुआत, 1 जनवरी 2026 से लागू। 

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने हाल के ऑपरेशनल संकट और फ्लाइट कैंसिलेशन के दौर के बाद पायलटों के भत्तों में संशोधन का ऐलान किया है। कंपनी ने विभिन्न प्रकार के भत्तों में बढ़ोतरी करने के साथ-साथ कुछ नए अलाउंस भी शुरू करने का निर्णय लिया है, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होंगे। यह कदम पायलटों की विभिन्न ड्यूटी स्थितियों में अतिरिक्त मुआवजे को ध्यान में रखकर उठाया गया है। इंडिगो ने घरेलू लेओवर अलाउंस में बदलाव किया है, जहां 10 घंटे 1 मिनट से 24 घंटे की अवधि के लिए कैप्टन को पहले 2000 रुपये मिलते थे, अब 3000 रुपये मिलेंगे। इसी अवधि के लिए फर्स्ट ऑफिसर को पहले 1000 रुपये की जगह अब 1500 रुपये दिए जाएंगे। 24 घंटे से अधिक लेओवर की स्थिति में कैप्टन को प्रति घंटा 150 रुपये और फर्स्ट ऑफिसर को 75 रुपये प्रति घंटा अतिरिक्त मिलेगा। यह अलाउंस पायलटों को घर से दूर रुकने की स्थिति में दिया जाता है।

डेडहेड अलाउंस में भी बदलाव किया गया है, जो तब दिया जाता है जब पायलट यात्री के रूप में यात्रा करके किसी अन्य स्थान पर ड्यूटी के लिए पहुंचते हैं। अब कैप्टन को प्रति शेड्यूल्ड ब्लॉक आवर 4000 रुपये मिलेंगे, जो पहले 3000 रुपये थे। फर्स्ट ऑफिसर को यह अलाउंस 1500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति ब्लॉक आवर कर दिया गया है। यह बदलाव ऑपरेशनल जरूरतों के कारण पायलटों की पोजिशनिंग यात्रा को कवर करता है। नाइट अलाउंस को नई व्यवस्था के तहत फिक्स्ड किया गया है। पहले यह ब्लॉक आवर्स पर मल्टीप्लायर आधारित था, अब मध्यरात्रि से सुबह 6 बजे के बीच उड़ान भरने वाले घंटों के लिए कैप्टन को 2000 रुपये प्रति घंटा और फर्स्ट ऑफिसर को 1000 रुपये प्रति घंटा मिलेगा। यह अलाउंस भारतीय मानक समय के आधार पर लागू होगा और नाइट ड्यूटी की शारीरिक चुनौतियों को ध्यान में रखता है।

ट्रांजिट अलाउंस भी संशोधित किया गया है, जो घरेलू ऑपरेशंस में 90 मिनट से अधिक ट्रांजिट की स्थिति में लागू होता है। जहां लाउंज सुविधा नहीं होती, वहां कैप्टन को 1000 रुपये प्रति घंटा और फर्स्ट ऑफिसर को 500 रुपये प्रति घंटा मिलेगा। यदि टेल स्वैप और लंबा ट्रांजिट दोनों लागू होते हैं, तो पायलट दोनों अलाउंस के हकदार होंगे। यह अलाउंस एयरपोर्ट पर इंतजार की अवधि को कवर करता है। इंडिगो ने पहली बार टेल स्वैप अलाउंस शुरू किया है, जो तब लागू होता है जब ड्यूटी के दौरान विमान बदलना पड़ता है और हॉल्ट 90 मिनट से अधिक होता है। कैप्टन को प्रति स्वैप 1500 रुपये और फर्स्ट ऑफिसर को 750 रुपये मिलेंगे। यह सभी ऑपरेटिंग और डेडहेड सेक्टर पर लागू होगा। टेल स्वैप का मतलब है कि पायलट को निर्धारित विमान की जगह दूसरे विमान पर उड़ान भरनी पड़ती है, जिसमें अतिरिक्त तैयारी और चेक की जरूरत होती है। ट्रांजिट के दौरान मील अलाउंस भी बढ़ाया गया है, जहां कैप्टन को पहले 500 रुपये की जगह अब 1000 रुपये मिलेंगे। ये सभी बदलाव पायलट एडमिनिस्ट्रेशन हैंडबुक में जल्द अपडेट किए जाएंगे। कंपनी ने विभिन्न आधारों पर पायलटों से चर्चा के बाद इन संशोधनों को लागू करने का फैसला लिया है।

हाल के समय में इंडिगो को फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियमों के लागू होने से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण व्यापक फ्लाइट कैंसिलेशन हुए। इन नियमों में पायलटों के लिए अधिक आराम और नाइट ड्यूटी पर प्रतिबंध शामिल हैं। इस संदर्भ में भत्तों का संशोधन पायलटों की विभिन्न ड्यूटी स्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया है। कंपनी भर्ती और ट्रेनिंग को भी तेज कर रही है, ताकि ऑपरेशनल स्थिरता फरवरी 2026 तक पूरी तरह बहाल हो सके। इंडिगो के पास लगभग 5000 पायलट हैं और यह देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। भत्तों में ये बदलाव घरेलू लेओवर, डेडहेड ट्रैवल, नाइट फ्लाइंग, ट्रांजिट और टेल स्वैप जैसी स्थितियों को कवर करते हैं। लेओवर अलाउंस में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि डेडहेड में लगभग 33 प्रतिशत। नाइट अलाउंस को अब फिक्स्ड रेट पर रखा गया है।

ट्रांजिट अलाउंस घरेलू हॉल्ट में 90 मिनट से अधिक इंतजार की स्थिति में लागू होता है, जहां पायलट अगली फ्लाइट के लिए एयरपोर्ट पर रुकते हैं। टेल स्वैप अलाउंस नई शुरुआत है, जो बार-बार विमान बदलने की स्थिति में अतिरिक्त कार्यभार को ध्यान में रखता है। इन संशोधनों से पायलटों को विभिन्न ऑपरेशनल परिस्थितियों में अतिरिक्त मुआवजा मिलेगा। कंपनी ने इन बदलावों को पायलटों को सूचित करने के लिए आंतरिक संदेश जारी किया है। सभी प्रावधान 1 जनवरी 2026 से लागू होंगे। यह संशोधन विभिन्न ड्यूटी प्रकारों में पायलटों के मुआवजे को संतुलित करने की दिशा में है। इंडिगो की यह पहल हाल की ऑपरेशनल चुनौतियों के बाद आई है, जहां रोस्टरिंग और क्रू उपलब्धता से जुड़े मुद्दे सामने आए। भत्तों में बढ़ोतरी और नए अलाउंस की शुरुआत से विभिन्न ड्यूटी स्थितियों को कवर किया जा रहा है। लंबे लेओवर, नाइट उड़ानें, पोजिशनिंग यात्रा और विमान बदलने जैसी परिस्थितियां अब बेहतर मुआवजे के दायरे में आएंगी।

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