UP का संभल जिला बना AI का उपयोग करने वाला पहला न्यायालय, AI टूल से बयान दर्ज हुए
संभल जिला न्यायालय में एआई ट्रांसक्रिप्शन टूल का उपयोग न्यायिक कार्यवाही को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम है। टूल गवाहों के बयान को वास्तविक समय में रिकॉर्ड क
उत्तर प्रदेश के संभल जिले ने न्यायिक प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संभल उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है जहां न्यायिक कार्यवाही में ट्रांसक्रिप्शन आधारित AI टूल्स का इस्तेमाल शुरू हो गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति अरूण कुमार सिंह देशवाल की मौजूदगी में संभल हिंसा से जुड़े एक मुकदमे में गवाह के बयान AI टूल के माध्यम से दर्ज किए गए। इस टूल से बयान तत्काल रिकॉर्ड होकर प्रिंट हो जाता है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है और बयान में छेड़छाड़ की संभावना समाप्त हो गई है। साथ ही समय की भी बचत होती है। यह घटना 7 फरवरी 2026 को चंदौसी स्थित जिला न्यायालय में हुई। अब इस पूरी घटना के तथ्यों को विस्तार से समझते हैं।
संभल जिला न्यायालय उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है जहां न्यायिक कार्यवाही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ट्रांसक्रिप्शन टूल्स का उपयोग शुरू किया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति अरूण कुमार सिंह देशवाल ने तीन दिवसीय दौरे के दौरान शुक्रवार को जिला न्यायालय चंदौसी में इन टूल्स का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के साथ ही संभल उत्तर प्रदेश का पहला जनपद बन गया जहां न्यायिक प्रक्रिया में AI तकनीक का प्रयोग होगा। इस टूल का उपयोग गवाहों के बयान रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है। टूल बयान को तत्काल ट्रांसक्राइब करके प्रिंट कर देता है। इससे प्रक्रिया तेज, सटीक और पारदर्शी हो जाती है। बयान में किसी प्रकार की छेड़छाड़ या बदलाव की गुंजाइश नहीं रहती। समय की बचत भी होती है क्योंकि पारंपरिक तरीके से बयान लिखने में ज्यादा समय लगता है। न्यायमूर्ति देशवाल ने इस टूल का शुभारंभ किया और संभल को इस पहल के लिए चुना गया। यह कदम न्याय व्यवस्था में तकनीकी सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण है। उद्घाटन के बाद इसी टूल का उपयोग एक मुकदमे में किया गया। संभल हिंसा से जुड़े मामले में गवाह के बयान इसी AI टूल से दर्ज किए गए। यह सुनवाई जिला न्यायालय चंदौसी में हुई। टूल का उपयोग गवाहों के बयान को रिकॉर्ड करने में किया गया। इससे न्यायिक प्रक्रिया में नई तकनीक की शुरुआत हुई। संभल जिला इस प्रयोग का पहला केंद्र बना। संभल उत्तर प्रदेश का पहला जिला जहां न्यायिक कार्यवाही में AI ट्रांसक्रिप्शन टूल्स का उपयोग शुरू। प्रशासनिक न्यायमूर्ति अरूण कुमार सिंह देशवाल ने उद्घाटन किया। AI टूल गवाहों के बयान को तत्काल रिकॉर्ड और प्रिंट करता है, पारदर्शिता बढ़ती है और छेड़छाड़ की संभावना खत्म होती है।
संभल हिंसा मामले में AI से पहली सुनवाई, एसआई राजीव कुमार का बयान दर्ज
संभल हिंसा से जुड़े मुकदमे में शुक्रवार को AI टूल के माध्यम से सुनवाई हुई। यह प्रदेश में AI तकनीक से हुई पहली अदालती सुनवाई है। मामले में घायल हुए उपनिरीक्षक राजीव कुमार मलिक ने गवाही दी। उनका बयान पूरी तरह AI टूल किट के जरिए दर्ज किया गया। उपनिरीक्षक राजीव कुमार मलिक संभल हिंसा में घायल हुए मुख्य गवाह थे। वे जिला न्यायालय में उपस्थित हुए और AI के माध्यम से बयान दिए। सुनवाई चंदौसी कोतवाली स्थित जिला न्यायालय में हुई।
प्रशासनिक न्यायमूर्ति अरूण कुमार सिंह देशवाल की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी हुई। टूल ने बयान को तत्काल ट्रांसक्राइब किया और प्रिंट कर दिया। इससे बयान की सटीकता सुनिश्चित हुई। मामले का संबंध 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा से है। हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी। यह मामला विवादित धार्मिक स्थल श्रीहरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद सर्वे से जुड़ा है। सर्वे के दौरान हिंसा हुई थी। उपनिरीक्षक राजीव कुमार मलिक हिंसा में घायल हुए थे। उनका बयान AI से दर्ज होने से प्रक्रिया तेज हुई। यह सुनवाई संभल हिंसा मामले में AI का पहला उपयोग था। टूल का उपयोग गवाही दर्ज करने में किया गया। इससे न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता आई। समय की बचत भी हुई।
AI टूल से पारदर्शिता और समय बचत, संभल न्यायालय में नई शुरुआत
संभल जिला न्यायालय में AI ट्रांसक्रिप्शन टूल का उपयोग न्यायिक कार्यवाही को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम है। टूल गवाहों के बयान को वास्तविक समय में रिकॉर्ड करता है। बयान तत्काल ट्रांसक्राइब होकर प्रिंट हो जाता है। इससे बयान में कोई बदलाव या छेड़छाड़ नहीं हो सकती। प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो जाती है। पारंपरिक तरीके से बयान लिखने में समय लगता है और गलती की संभावना रहती है। AI टूल से समय की बचत होती है। बयान की सटीकता बढ़ती है। संभल में यह प्रयोग शुरू होने से जिला उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा स्थान बन गया। प्रशासनिक न्यायमूर्ति अरूण कुमार सिंह देशवाल ने तीन दिवसीय दौरे पर संभल पहुंचकर टूल का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद संभल हिंसा मामले में इसका उपयोग किया गया। उपनिरीक्षक राजीव कुमार मलिक के बयान AI से दर्ज हुए। टूल का उपयोग गवाही दर्ज करने में हुआ। इससे न्याय प्रक्रिया तेज और भरोसेमंद बनी। संभल जिला न्यायालय चंदौसी में यह सुविधा उपलब्ध है। यह पहल न्याय व्यवस्था में तकनीकी सुधार की ओर इशारा करती है। भविष्य में अन्य जिलों में भी विस्तार संभव है। टूल से बयान की विश्वसनीयता बढ़ी है। यह पूरी घटना न्यायिक प्रक्रिया में तकनीकी उपयोग की नई शुरुआत दिखाती है। संभल जिला उत्तर प्रदेश में अग्रणी बन गया। AI टूल से बयान दर्ज होने से प्रक्रिया बेहतर हुई।
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