उत्तर भारत में शीतलहर का कहर- दिल्ली में 3 डिग्री तक लुढ़का पारा, राजस्थान से हिमाचल तक जम गया पानी।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जनवरी की ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जहां लगातार दूसरे दिन न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास

Jan 13, 2026 - 12:06
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उत्तर भारत में शीतलहर का कहर- दिल्ली में 3 डिग्री तक लुढ़का पारा, राजस्थान से हिमाचल तक जम गया पानी।
उत्तर भारत में शीतलहर का कहर- दिल्ली में 3 डिग्री तक लुढ़का पारा, राजस्थान से हिमाचल तक जम गया पानी।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जनवरी की ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जहां लगातार दूसरे दिन न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। बर्फीली हवाओं ने गलन को और बढ़ा दिया है, जिससे पारा लगातार गिरता जा रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं, जिसमें ठंड और बढ़ने की संभावना है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो मौसमी औसत से 4.2 डिग्री नीचे है, और यह जनवरी का सबसे ठंडा दिन साबित हुआ। शहर के कुछ इलाकों में तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस तक गिरा, जबकि अधिकतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। ठंडी हवाओं की वजह से सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई और ठंड की तीव्रता बढ़ गई। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि दिल्ली में ठंडी लहर की स्थिति कुछ जगहों पर अलग-अलग रूप से बनी रहेगी, और न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे सामान्य से रह सकता है। अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद 2-3 डिग्री की मामूली बढ़ोतरी संभव है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ठंड की वजह से खुले इलाकों में ओस जमकर बर्फ की परत बन गई, जिससे वाहनों और घास पर फ्रॉस्ट देखा गया।

राजस्थान में ठंड ने और विकराल रूप धारण कर लिया है, जहां कई जिलों में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया। फतेहपुर शेखावाटी में न्यूनतम तापमान -0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पिछले दिन यह -1.9 डिग्री तक गिरा था। लुंकारनसर में 0.4 डिग्री, चुरू में 1.3 डिग्री, गंगानगर में 1.4 डिग्री और करौली में 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। पिलानी में 1.2 डिग्री और प्रतापगढ़ में -2 डिग्री तक पारा गिरा। ठंड की वजह से नलों से आने वाला पानी जम गया, और सिंचाई पाइपलाइनों में पानी बर्फ बन गया। खेतों, झाड़ियों और फसलों पर बर्फ की परत जम गई, जिससे सरसों की फसल पर फ्रॉस्ट की चादर चढ़ गई और यह बर्फ से ढके मैदान जैसा लग रहा है। मौसम विभाग ने राजस्थान में ठंडी लहर से गंभीर ठंडी लहर की स्थिति अगले दो दिनों तक बने रहने की चेतावनी दी है, जिसमें अलग-अलग जगहों पर ठंड और बढ़ सकती है। पश्चिमी राजस्थान में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता कम हुई और यातायात प्रभावित हुआ। राज्य के कई हिस्सों में रात का तापमान 8 डिग्री से नीचे रहा, और ठंड की तीव्रता ने दैनिक जीवन को प्रभावित किया। पूर्वानुमान के मुताबिक, 12 और 13 जनवरी को ठंडी लहर की स्थिति बनी रहेगी, और उसके बाद धीरे-धीरे कमी आएगी।

हिमाचल प्रदेश में भी ठंड का प्रकोप जारी है, जहां ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान माइनस में पहुंच गया। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान -9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बर्थिन और हमीरपुर में गंभीर ठंडी लहर की स्थिति रही, जबकि कांगड़ा, ऊना और मंडी में ठंडी लहर बनी रही। पिछले 24 घंटों में मौसम शुष्क रहा, लेकिन ठंड की वजह से नदियां, नाले और झरने जम गए। चंबा जिले में अलग-अलग जगहों पर ठंडी लहर की चेतावनी जारी है, जो 14 जनवरी तक बनी रहेगी। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर में घने कोहरे की चेतावनी है, जो 15 जनवरी तक जारी रहेगी। मौसम विभाग ने 16 से 18 जनवरी तक ऊंचे पहाड़ों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है, जो पश्चिमी विक्षोभ की वजह से होगी। राज्य में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, लेकिन ठंड की वजह से पानी के स्रोत जम गए और ठंडी हवाओं ने गलन बढ़ा दी। ठंडी लहर की स्थिति 12 और 13 जनवरी को अलग-अलग जगहों पर बनी रहेगी, और 14 जनवरी को भी कुछ इलाकों में जारी रह सकती है।

पंजाब और हरियाणा में ठंड ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है, जहां तापमान शून्य के करीब पहुंच गया। हरियाणा के गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि नारनौल में 1.2 डिग्री रहा। चंडीगढ़ में 3.3 डिग्री तापमान रहा। ठंड की वजह से ग्रामीण इलाकों में जमीन पर फ्रॉस्ट जमा, जो खेतों की सीमाओं और वाहनों की खिड़कियों पर दिखाई दिया। पंजाब के बठिंडा में 0.6 डिग्री, फरीदकोट में 2.9 डिग्री, लुधियाना में 4.6 डिग्री, पटियाला में 3.8 डिग्री और अमृतसर में 3.2 डिग्री तापमान रहा। ठंडी लहर की वजह से खुले इलाकों में ओस जमकर बर्फ की परत बन गई। मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में ठंडी लहर से गंभीर ठंडी लहर की स्थिति 12 और 13 जनवरी तक बने रहने की चेतावनी दी है। घना कोहरा सुबह के समय जारी रहेगा, जो 16 जनवरी तक उत्तर-पश्चिम भारत में बना रहेगा, और पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में 17 जनवरी तक अलग-अलग जगहों पर बहुत घना कोहरा हो सकता है। न्यूनतम तापमान में अगले तीन दिनों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है।

उत्तराखंड में ठंड की स्थिति विकराल बनी हुई है, जहां कुछ जगहों पर तापमान शून्य से नीचे रहा। अलग-अलग इलाकों में ग्राउंड फ्रॉस्ट दर्ज किया गया, और न्यूनतम तापमान 1-5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में ठंडी लहर से गंभीर ठंडी लहर की स्थिति 12 और 13 जनवरी तक बने रहने की संभावना जताई है, और 14 जनवरी को अलग-अलग जगहों पर ठंडी लहर जारी रह सकती है। घना कोहरा सुबह के समय बना रहेगा, जो दृश्यता को प्रभावित करेगा। ठंड की वजह से पानी के स्रोत जम गए, और ठंडी हवाओं ने गलन बढ़ा दी। पूर्वानुमान के मुताबिक, न्यूनतम तापमान में अगले तीन दिनों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद मामूली बढ़ोतरी हो सकती है।

समग्र रूप से उत्तर भारत में ठंडी लहर की स्थिति ने कई राज्यों को प्रभावित किया है, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-6 डिग्री नीचे रहा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल के कुछ हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे रहा, जबकि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तरी राजस्थान में 1-5 डिग्री के बीच। ठंडी लहर की वजह से फसलें प्रभावित हुईं, और खड़े फसलों को हल्की सिंचाई की सलाह दी गई है ताकि ठंड से बचाव हो सके। सब्जी नर्सरी और युवा फल पौधों को पुआल या पॉलीथिन से ढकने की सिफारिश है। पशुओं को रात में शेड में रखने और सूखे बिस्तर की व्यवस्था करने की बात कही गई है। मुर्गी शेड में कृत्रिम रोशनी से चूजों को गर्म रखने की सलाह है। ठंड की वजह से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे फ्लू या नाक बहना बढ़ सकता है, और ठंड में लंबे समय तक रहने से फ्रॉस्टबाइट का खतरा है, जिसमें उंगलियां, पैर की उंगलियां, नाक और कान प्रभावित हो सकते हैं।

ठंडी लहर की स्थिति कृषि, फसल, पशुधन, जल आपूर्ति, परिवहन और बिजली क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिम भारत में घना कोहरा 16 जनवरी तक जारी रहेगा, और पश्चिमी राजस्थान में 13 जनवरी तक। दिल्ली में 12 और 14 जनवरी को हल्का से मध्यम कोहरा, जबकि 13 जनवरी को मध्यम कोहरा रहेगा। ठंडी लहर की स्थिति 12 और 13 जनवरी को राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बनी रहेगी, और 14 जनवरी को अलग-अलग जगहों पर। उसके बाद ठंड में कमी आएगी। ठंड की वजह से नदियां, नाले, झरने और पानी के अन्य स्रोत जम गए, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हुआ। राजस्थान के कुछ हिस्सों में पानी की पाइपलाइनें जम गईं, और हिमाचल में ऊंचाई वाले इलाकों में पानी के स्रोत बर्फ बन गए। दिल्ली-एनसीआर में ओस जमकर बर्फ की परत बनी, जो सुबह के समय वाहनों और मैदानों पर दिखाई दी। ठंडी हवाओं ने पूरे क्षेत्र में गलन पैदा की, और पारा लगातार गिरता रहा। पूर्वानुमान के अनुसार, न्यूनतम तापमान में अगले कुछ दिनों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 14 जनवरी के बाद स्थिति में सुधार शुरू हो सकता है। ठंड की तीव्रता ने उत्तर भारत के बड़े हिस्से को प्रभावित किया, जहां तापमान सामान्य से नीचे रहा और ठंडी लहर की चेतावनी जारी रही।

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