बिहार का ‘एपस्टीन जैसा कांड’: ईंट भट्ठा मालिक चुन्नू सिंह गिरफ्तार, बच्चियों के यौन शोषण और अश्लील वीडियो बनाने का सनसनीखेज आरोप।
बिहार के गया जिले के बोधगया और डोभी थाना क्षेत्रों की सीमा पर स्थित एक ईंट भट्ठे से मानवता को शर्मसार करने वाली खबरें सामने आई हैं। पुलिस
- ईंट भट्ठे की आड़ में चल रहा था नाबालिगों के शोषण का काला साम्राज्य: पुलिस ने छापेमारी कर बरामद किए आपत्तिजनक साक्ष्य और डिजिटल सबूत
- रसूख और पैसे के दम पर मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़: गया पुलिस की बड़ी कार्रवाई में धरा गया मुख्य आरोपी, पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
बिहार के गया जिले के बोधगया और डोभी थाना क्षेत्रों की सीमा पर स्थित एक ईंट भट्ठे से मानवता को शर्मसार करने वाली खबरें सामने आई हैं। पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ईंट भट्ठा मालिक, जिसे स्थानीय स्तर पर चुन्नू सिंह के नाम से जाना जाता है, को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आरोप है कि वह अपने रसूख और धन का दुरुपयोग कर गरीब परिवारों की नाबालिग बच्चियों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी न केवल इन मासूमों का शारीरिक शोषण करता था, बल्कि उसने उनके साथ की गई इन हरकतों के वीडियो भी बना रखे थे, जिनका इस्तेमाल वह उन्हें डराने-धमकाने और ब्लैकमेल करने के लिए करता था।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने एक विशेष टीम का गठन किया था। जब पुलिस ने आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी की, तो वहां से मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद हुए, जिनमें कई आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें पाई गई हैं। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने ईंट भट्ठे के पास ही एक गुप्त कमरा बना रखा था, जहाँ वह इन वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक कई बच्चियों के साथ इस तरह की ज्यादती की बात सामने आई है, जिनमें से अधिकांश उन प्रवासी मजदूरों की बेटियां हैं जो उसी ईंट भट्ठे पर काम करते थे। आरोपी चुन्नू सिंह का कार्य करने का तरीका काफी हद तक योजनाबद्ध था। वह अक्सर उन परिवारों को निशाना बनाता था जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर थे और कर्ज के बोझ तले दबे हुए थे। वह इन बच्चियों को मिठाई, अच्छे कपड़े या थोड़े-बहुत पैसों का लालच देकर अपने पास बुलाता था। एक बार जब कोई बच्ची उसके चंगुल में आ जाती, तो वह उसका वीडियो बना लेता और फिर उसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर बार-बार उसका शोषण करता था। इस मामले की तुलना एपस्टीन मामले से इसलिए की जा रही है क्योंकि इसमें भी एक शक्तिशाली व्यक्ति द्वारा संगठित तरीके से नाबालिगों के शोषण का तंत्र विकसित करने के संकेत मिले हैं।
गया पुलिस ने इस मामले में पोक्सो (POCSO) अधिनियम की विभिन्न सुसंगत धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया है। पुलिस उन सभी कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है जिससे यह पता चल सके कि क्या इस घिनौने खेल में आरोपी के साथ कोई और भी शामिल था। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से कई अहम नमूने इकट्ठे किए हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस उन मोबाइल नंबरों और संपर्कों की भी जांच कर रही है जिनके साथ आरोपी इन वीडियो को साझा करता था या जिनके माध्यम से वह नेटवर्क चला रहा था। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तारी के बाद अब और भी पीड़ित परिवार हिम्मत जुटाकर सामने आ सकते हैं।
पोक्सो एक्ट और सजा के प्रावधान
भारत में नाबालिगों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों को रोकने के लिए 'यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम' (POCSO) बेहद कड़ा कानून है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर उम्रकैद या मौत की सजा तक का प्रावधान है। ऐसे मामलों में पीड़ित की पहचान गोपनीय रखना अनिवार्य होता है और त्वरित सुनवाई के लिए विशेष अदालतों का गठन किया जाता है।
स्थानीय प्रशासन ने इस घटना के बाद ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों और उनके परिवारों की सुरक्षा की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि ऐसे सभी ईंट भट्ठों और निर्माण स्थलों की निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए जहाँ प्रवासी मजदूर अपने बच्चों के साथ रहते हैं। इस घटना ने एक बार फिर समाज के उन असुरक्षित वर्गों की स्थिति पर चिंता बढ़ा दी है जहाँ अभाव का फायदा उठाकर अपराधी अपनी हवस का शिकार मासूमों को बनाते हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। आरोपी के पास से बरामद डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए उन्हें साइबर सेल की लैब में भेजा गया है। विशेषज्ञों की टीम डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह काला कारोबार कब से चल रहा था। साथ ही, पुलिस इस बात की भी तफ्तीश कर रही है कि क्या इन वीडियो का इस्तेमाल किसी अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर के पोर्नोग्राफिक रैकेट में तो नहीं किया जा रहा था। गया जिले के विभिन्न हिस्सों में इस गिरफ्तारी के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठ रही है।
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