उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में सपा विधायक मोहम्मद फहीम का जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया, परिवार के तीन अन्य सदस्यों के प्रमाण पत्र भी निरस्त।
मुरादाबाद जिले की बिलारी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद फहीम इरफान का अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का जाति प्रमाण
- सपा विधायक फहीम इरफान का ओबीसी प्रमाण पत्र फर्जी, जिला समिति ने तत्काल निरस्त किया
- विधायक के चाचा और दो चचेरी बहनों के प्रमाण पत्र भी फर्जी, चार सदस्यों पर कार्रवाई
- फर्जी प्रमाण पत्र मामले में सपा विधायक की मुश्किलें बढ़ीं, विधायकी पर खतरा मंडराया
मुरादाबाद जिले की बिलारी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद फहीम इरफान का अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है। जनपद स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने सुनवाई के बाद विधायक फहीम का झोजा जाति का प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है। समिति ने पाया कि विधायक का झोजा जाति में वर्गीकृत होना स्पष्ट नहीं है। इस कारण ओबीसी कोटे का लाभ मिलना अनुचित है। प्रमाण पत्र तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
समिति ने विधायक फहीम के चाचा हाजी मोहम्मद उस्मान और उस्मान की दो बेटियों के झोजा जाति के प्रमाण पत्रों को भी फर्जी पाते हुए निरस्त कर दिया है। इन प्रमाण पत्रों में भी झोजा जाति में वर्गीकरण स्पष्ट नहीं पाया गया। कुल चार सदस्यों के प्रमाण पत्र रद्द किए गए हैं। समिति ने सभी पक्षों को सुनने और साक्ष्यों की जांच के बाद यह फैसला लिया है।
यह मामला 19 जुलाई 2024 को विश्वास यादव उर्फ लवली यादव की शिकायत पर शुरू हुआ था। शिकायत में विधायक फहीम पर फर्जी प्रमाण पत्र से चुनाव जीतने का आरोप लगाया गया। समिति की जांच में आरोप सही पाए गए। प्रमाण पत्र निरस्त होने से विधायक की विधायकी पर खतरा मंडरा रहा है। ओबीसी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा गया था। मुरादाबाद जिले की बिलारी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद फहीम इरफान का ओबीसी प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है। जनपद स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने डीएम अनुज सिंह की अध्यक्षता में जांच की। समिति चार सदस्यीय थी। सुनवाई के बाद प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया।
समिति ने पाया कि विधायक फहीम ने झोजा जाति का प्रमाण पत्र इस्तेमाल किया था। लेकिन झोजा जाति में उनका वर्गीकरण स्पष्ट नहीं है। इसलिए ओबीसी लाभ अनुचित है। प्रमाण पत्र तत्काल रद्द किया गया। विधायक के चाचा हाजी मोहम्मद उस्मान का प्रमाण पत्र भी निरस्त हुआ। उस्मान की दो बेटियों फरहीन और समरीन के प्रमाण पत्र भी रद्द किए गए। कुल चार प्रमाण पत्र निरस्त हुए।
शिकायतकर्ता विश्वास यादव उर्फ लवली यादव ने 19 जुलाई 2024 को समिति को शिकायत दी थी। शिकायत में फर्जीवाड़े का आरोप था। समिति ने सभी पक्षों को बुलाकर सुनवाई की। साक्ष्यों का अवलोकन किया गया। फैसले में कहा गया कि प्रमाण पत्र फर्जी हैं। ओबीसी लाभ देने की कोई आधार नहीं है। प्रमाण पत्र निरस्त करने का आदेश दिया गया। यह मामला विधायक फहीम की विधायकी पर असर डाल सकता है। प्रमाण पत्र चुनाव के समय इस्तेमाल किया गया था। समिति ने फैसला 6 फरवरी 2026 या उसके आसपास लिया। खबर फरवरी 2026 में सामने आई।
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