असम कैबिनेट ने तीन कांग्रेस नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए
7 फरवरी 2026 को गुवाहाटी में असम कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस की परिवर्तन या
असम कैबिनेट ने 7 फरवरी 2026 को एक बैठक के बाद पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं देबब्रत सैकिया, भूपेन कुमार बोरा और मीरा बोर्थाकुर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। यह निर्देश कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान गुवाहाटी में हुई एक घटना से जुड़ा है, जहां इन नेताओं पर महिलाओं की ओर आपत्तिजनक इशारा करने का आरोप लगा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए वीडियो को असम राज्य महिला आयोग को भेजने का आदेश दिया और कांग्रेस पार्टी से इन नेताओं को निकालने की मांग की। इस मामले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। अब इस पूरी घटना के तथ्यों को विस्तार से समझते हैं।
7 फरवरी 2026 को गुवाहाटी में असम कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान हुई एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देबब्रत सैकिया, जो असम विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं, भूपेन कुमार बोरा, जो पूर्व असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं, और मीरा बोर्थाकुर, जो राज्य महिला कांग्रेस की अध्यक्ष हैं, ने यात्रा के दौरान बस के ऊपर से महिलाओं की ओर एक ऐसा इशारा किया जो आपत्तिजनक था। मुख्यमंत्री ने इस इशारे को असम की महिलाओं और लड़कियों का सामूहिक अपमान बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह का बॉडी लैंग्वेज इतना खराब था कि कोई सामान्य राजनेता या सज्जन व्यक्ति किसी महिला की ओर इस तरह इशारा नहीं कर सकता।
कैबिनेट ने इस घटना पर विचार किया और पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि इन तीन नेताओं के खिलाफ उचित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। यह घटना परिवर्तन यात्रा के दौरान गुवाहाटी में कुछ दिन पहले हुई थी। यात्रा कांग्रेस की राज्यव्यापी रैली थी, जिसमें नेता बस पर सवार थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीडियो क्लिप में साफ दिख रहा है कि इशारा महिलाओं की ओर किया गया था। उन्होंने इस वीडियो को असम राज्य महिला आयोग को भेजने के निर्देश दिए ताकि आयोग इसकी जांच कर सके। कैबिनेट के फैसले के अनुसार, पुलिस को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है। देबब्रत सैकिया ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री क्या कह रहे हैं, उन्हें नहीं पता और कुछ ऐसा नहीं हुआ जैसा बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोई बातचीत चल रही थी और वे सिर्फ हंसे थे। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी से मांग की कि अगर पार्टी इन नेताओं को नहीं निकालती तो वे असम समाज में कहीं नहीं जा सकेंगे। यह मामला महिलाओं की गरिमा से जुड़ा है और किसी समुदाय विशेष से नहीं। कैबिनेट की बैठक में इस मुद्दे को गंभीरता से लिया गया और कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया गया। घटना का वीडियो दिल्ली तक पहुंचा था, जहां लोगों ने पूछा कि क्या असम में ऐसा व्यवहार सामान्य हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस मुद्दे को दुख के साथ उठा रहे हैं और उनका कोई व्यक्तिगत वैर नहीं है।
असम कैबिनेट की बैठक 7 फरवरी 2026 को गुवाहाटी में हुई, जिसमें पुलिस महानिदेशक को देबब्रत सैकिया, भूपेन कुमार बोरा और मीरा बोर्थाकुर के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया।
आपत्तिजनक इशारे के आरोप में देबब्रत सैकिया, भूपेन बोरा और मीरा बोर्थाकुर पर कार्रवाई
कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा असम में राज्यव्यापी रैली थी, जो विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जा रही थी। गुवाहाटी में यात्रा के दौरान बस पर सवार नेताओं ने सड़क किनारे खड़े लोगों की ओर इशारा किया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया कि यह इशारा आपत्तिजनक था और महिलाओं की ओर निर्देशित था। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता और पूर्व पार्टी अध्यक्ष का ऐसा इशारा कल्पना से परे है, खासकर जब मीरा बोर्थाकुर भी उनके साथ थीं। वीडियो में दिख रहा है कि इशारा सड़क किनारे से नारे लगाने वालों की ओर था, जो संभवतः महिलाएं थीं जो कांग्रेस को वोट न देने की बात कह रही थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी उकसावे पर ऐसा व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने इस घटना को महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़ा बताया और कहा कि कांग्रेस अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। कैबिनेट ने इस मुद्दे पर चर्चा की और फैसला लिया कि पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया जाए कि तीनों नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी भूपेन कुमार बोरा और देबब्रत सैकिया को नहीं निकालती तो वे कहीं नहीं जा सकेंगे। यह मुद्दा सभी महिलाओं से जुड़ा है।
असम राज्य महिला आयोग को वीडियो क्लिप भेजी गई है ताकि आयोग इसकी जांच कर सके और उचित कार्रवाई करे। देबब्रत सैकिया ने आरोप का खंडन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के मन में क्या चल रहा है, पता नहीं और कुछ ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि बातचीत चल रही थी और वे सिर्फ हंसे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सदमे में हैं और ऐसा व्यवहार महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करने वाले नेताओं से अपेक्षित नहीं है। घटना का वीडियो वायरल हो गया है और इससे राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। कैबिनेट के निर्देश के अनुसार, पुलिस को उचित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मीटिंग के बाद इस फैसले की जानकारी दी। परिवर्तन यात्रा कांग्रेस की चुनावी तैयारी का हिस्सा थी, लेकिन इस घटना ने विवाद पैदा कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस मुद्दे पर और डिटेल कैबिनेट ब्रीफिंग के बाद देंगे। कांग्रेस पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
परिवर्तन यात्रा के दौरान गुवाहाटी में बस पर सवार नेताओं ने सड़क किनारे की ओर इशारा किया, जिसे मुख्यमंत्री ने महिलाओं का अपमान बताया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि इशारा असम की सभी महिलाओं का अपमान है और कांग्रेस को नेताओं को निकालना चाहिए।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने महिलाओं के सम्मान का मुद्दा उठाया, जांच की मांग
7 फरवरी 2026 को एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेताओं की घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे सदमे में हैं और ऐसा इशारा अस्वीकार्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता, पूर्व पार्टी अध्यक्ष और महिला नेता की मौजूदगी में ऐसा व्यवहार महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने वीडियो को दिल्ली में देखा जहां लोगों ने पूछा कि असम में ऐसा सामान्य है क्या। मुख्यमंत्री ने असम राज्य महिला आयोग से जांच की मांग की और वीडियो क्लिप भेजने के निर्देश दिए। कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे को उठाया गया और पुलिस महानिदेशक को FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अगर नेताओं को नहीं निकालती तो असम समाज उन्हें स्वीकार नहीं करेगा।
देबब्रत सैकिया ने कहा कि आरोप निराधार हैं और मुख्यमंत्री को राज्य की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। घटना परिवर्तन यात्रा से जुड़ी है, जो कांग्रेस की रैली थी। वीडियो में दिख रहा इशारा हाथ का था, जो बस से किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बॉडी लैंग्वेज खराब था और कोई सज्जन ऐसा नहीं करता। कैबिनेट के फैसले से पुलिस को कार्रवाई करनी है। महिला आयोग को मामले की जांच सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा महिलाओं की गरिमा से जुड़ा है और गंभीर जांच जरूरी है। कांग्रेस की यात्रा चुनावी थी, लेकिन विवाद ने ध्यान खींचा। पुलिस महानिदेशक को निर्देश मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट के बाद मीडिया को जानकारी दी। घटना कुछ दिन पहले की है। वीडियो वायरल है। देबब्रत सैकिया ने कहा कि हंसी थी, इशारा नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस निचले स्तर पर है। महिला आयोग जांच करेगा। कैबिनेट ने कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया।
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