Udaipur News: फतहनगर जामा मस्जिद गेट पर सामुदायिक भवन के कब्जे को लेकर भिड़े दो पक्ष, जमकर हुई मारपीट
राजस्थान के उदयपुर जिले के फतहनगर में जामा मस्जिद के गेट पर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। डंडे और सरियों से हुए इस हमले में 8 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

- उदयपुर के फतहनगर में जामा मस्जिद के बाहर दो गुटों में खूनी संघर्ष, सरिए और डंडे चले, 8 से अधिक घायल
- उदयपुर के फतहनगर में मस्जिद परिसर के पास दो पक्षों में पथराव और लाठी-डंडे चले, कई लोग अस्पताल में भर्ती
- राजस्थान: उदयपुर के फतहनगर में जामा मस्जिद के पास दो गुटों में हिंसक झड़प, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
राजस्थान के उदयपुर जिले के फतहनगर कस्बे में जामा मस्जिद के मुख्य गेट पर दो गुटों के बीच भीषण हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। हाल ही में हुए इस टकराव में दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर लाठी, डंडों और लोहे के सरियों से जानलेवा हमला कर दिया। इस अचानक भड़की हिंसा में अब तक 8 से अधिक लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद मस्जिद परिसर में स्थित एक सामुदायिक भवन के मालिकाना हक और कब्जे को लेकर लंबे समय से चल रहा था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
उदयपुर जिले का शांतिप्रिय माना जाने वाला फतहनगर कस्बा उस समय दहल उठा, जब जामा मस्जिद के ठीक बाहर दो स्थानीय गुट आपस में भिड़ गए। यह टकराव कोई सामान्य कहासुनी नहीं थी, बल्कि देखते ही देखते इसने एक हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। मस्जिद के प्रवेश द्वार पर ही दोनों तरफ से भारी संख्या में लोग जमा हो गए और हथियारों के रूप में डंडे और सरियों का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया। दिनदहाड़े हुई इस मारपीट से बाजार और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस संघर्ष में दोनों पक्षों के कई लोग लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े।
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, फतहनगर की जामा मस्जिद परिसर में बने एक सामुदायिक भवन को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी समय से असहमति और तनाव की स्थिति बनी हुई थी। एक पक्ष इस भवन की व्यवस्थाओं और नियंत्रण पर अपना दावा ठोक रहा था, जबकि दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा था। इस मुख्य विवाद के अलावा भी कुछ अन्य स्थानीय और आंतरिक मामलों को लेकर दोनों गुटों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी।
घटना वाले दिन, किसी बात को लेकर मस्जिद के गेट के पास दोनों पक्षों के कुछ लोग आमने-सामने आ गए। शुरुआत में उनके बीच तीखी बहस हुई, लेकिन कुछ ही मिनटों में दोनों तरफ से और भी लोग वहां लाठी-डंडे और लोहे के सरिए लेकर पहुंच गए। इसके बाद बिना किसी चेतावनी के एक-दूसरे पर हमला बोल दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सिर और हाथ-पैरों पर सरियों से वार किए जाने के कारण मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के दुकानदारों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर दीं। सूचना मिलने के बाद फतहनगर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।
इस गंभीर घटना के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घायलों को तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और कुछ को जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था को भंग करने वाले किसी भी अराजक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। दोनों पक्षों की ओर से शिकायत मिलने के बाद उचित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, स्थानीय समुदाय के प्रबुद्ध जनों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनका कहना है कि बातचीत के माध्यम से सुलझाए जा सकने वाले आंतरिक मामलों को इस तरह सड़क पर लाकर हिंसा का रूप देना बेहद निंदनीय है। दोनों ही पक्षों के वरिष्ठ लोग अब शांति बहाली की अपील कर रहे हैं ताकि कस्बे का माहौल और ज्यादा खराब न हो।
इस हिंसक झड़प का असर फतहनगर के स्थानीय जनजीवन और व्यापार पर साफ तौर पर देखा जा रहा है। मस्जिद के आसपास के बाजारों में एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। घटना के बाद से ही इलाके में एक अजीब सा सन्नाटा और तनाव पसरा हुआ है। अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए पुलिस सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रख रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि स्थानीय संपत्तियों और भवनों से जुड़े विवादों का समय पर निपटारा न होने से वे किस तरह गंभीर कानून-व्यवस्था की समस्या बन सकते हैं।
प्रशासन की पहली प्राथमिकता फिलहाल इलाके में पूरी तरह शांति और सौहार्द कायम रखना है। इसके लिए फतहनगर और आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल को संवेदनशील मोर्चों पर तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे घटना के सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो की जांच कर रहे हैं ताकि हमलावरों की सटीक पहचान की जा सके। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के प्रमुख लोगों को बुलाकर शांति समिति की बैठक आयोजित की जा सकती है, जिससे इस विवाद का कोई स्थाई और शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके। दोषियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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