Delhi Weather News: उमस से परेशान दिल्ली-एनसीआर को कब मिलेगी राहत? मौसम विभाग ने जारी किया नया पूर्वानुमान

Delhi NCR Monsoon Update: दिल्ली-एनसीआर में छाए बादलों के बीच मानसून का इंतज़ार थोड़ा लंबा हो गया है। मौसम विभाग ने आज कई राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

Jun 24, 2026 - 08:11
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Delhi Weather News: उमस से परेशान दिल्ली-एनसीआर को कब मिलेगी राहत? मौसम विभाग ने जारी किया नया पूर्वानुमान
Monsoon Forecast
  • Delhi NCR Monsoon Update: दिल्ली-एनसीआर में बादलों के बीच मानसून का इंतज़ार बढ़ा, आज कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
  • दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा लेकिन मानसून के लिए करना होगा और इंतज़ार, आज इन राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी
  • मौसम का मिजाज: दिल्ली-एनसीआर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज, बुधवार को देश के कई राज्यों में तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश का अनुमान

दिल्ली-एनसीआर के लोग भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस से राहत पाने के लिए बेसब्री से आसमान की ओर देख रहे हैं। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के बावजूद स्थानीय निवासियों को असली मानसूनी राहत के लिए अभी थोड़ा और इंतज़ार करना होगा। हालांकि स्थानीय मौसमी बदलावों के कारण दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलने से तापमान में मामूली गिरावट आई है, लेकिन दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अभी तक आधिकारिक रूप से दिल्ली में दस्तक नहीं दी है। इस बीच, मौसम विभाग ने बुधवार को देश के कई अन्य राज्यों में बड़े पैमाने पर आंधी-तूफान, तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। आने वाले दिनों में मानसूनी हवाओं के आगे बढ़ने की गति ही यह तय करेगी कि दिल्ली-एनसीआर को उमस से पूरी तरह कब आजादी मिलेगी।

उत्तर-पश्चिम भारत विशेषकर दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। 'Delhi NCR Monsoon Update' को लेकर आम जनता में असमंजस की स्थिति बनी हुई है क्योंकि आसमान में काले बादल छाने के बाद भी वैसी बारिश नहीं हो रही है जो उमस को पूरी तरह खत्म कर सके। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में जो हवाएं चल रही हैं और हल्की बारिश हो रही है, वह प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा हैं। असली दक्षिण-पश्चिम मानसून की ट्रफ लाइन अभी दिल्ली की सीमा से कुछ दूरी पर ठहरी हुई है, जिसके चलते राजधानी को अभी मानसूनी झमाझम के लिए दो से तीन दिन और तरसना पड़ सकता है।

जून महीने के इस उत्तरार्ध में आम तौर पर मानसून दिल्ली पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में नमी की मात्रा बहुत अधिक बढ़ गई है। इसके चलते तापमान भले ही 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया हो, लेकिन हवा में मौजूद भारी उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।

बुधवार सुबह से ही दिल्ली के कई हिस्सों में घने बादल छाए हुए हैं और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। इसके साथ ही देश के अन्य हिस्सों जैसे बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और तटीय इलाकों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए सैटेलाइट तस्वीरों का हवाला देते हुए बताया है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है जो अन्य राज्यों में भारी बारिश लाएगा, लेकिन दिल्ली-एनसीआर को मुख्य मानसूनी धारा से जुड़ने में अभी समय लगेगा।

इस बदलते मौसम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है, "मौसम के पैटर्न पर हमारी पैनी नजर बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नम हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं, लेकिन पश्चिमी हवाओं के प्रतिरोध के कारण मानसून की एंट्री थोड़ी सुस्त है। हालांकि, अगले 48 से 72 घंटों में परिस्थितियां अनुकूल होने की पूरी संभावना है।" दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर के आम नागरिकों और कामकाजी लोगों का कहना है कि बिना बारिश के छाने वाले बादल केवल उमस बढ़ा रहे हैं, जिससे कूलर और पंखे भी फेल साबित हो रहे हैं। लोगों को अब केवल एक अच्छी मानसूनी बारिश का ही सहारा है।

मौसम के इस वर्तमान रुख का जनजीवन और स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है:

  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: तापमान गिरने और उमस बढ़ने से अस्पतालों में मौसमी बीमारियों, त्वचा के संक्रमण और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है।

  • कृषि पर असर: दिल्ली के ग्रामीण इलाकों और पड़ोसी राज्यों पंजाब-हरियाणा के किसानों को धान की बुवाई के लिए मुख्य मानसूनी बारिश का इंतजार है, क्योंकि केवल ट्यूबवेल के पानी पर निर्भर रहना खर्चीला साबित हो रहा है।

  • यातायात में आंशिक व्यवधान: धूल भरी आंधियों और अचानक होने वाली तेज हवाओं के कारण उड़ानों के संचालन और सड़क यातायात पर आंशिक असर पड़ा है।

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, बुधवार को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान के कुछ हिस्सों और उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दिल्ली-एनसीआर के लिए राहत की बात यह है कि भले ही मानसून की आधिकारिक घोषणा में देरी हो, लेकिन स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा। इससे तापमान नियंत्रण में रहेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर-पश्चिम भारत के बचे हुए हिस्सों को कवर कर लेगा, जिसके बाद दिल्ली-एनसीआर में भी झमाझम बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।

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