Entertainment: रवि किशन और मनोज तिवारी के बीच 13 साल की राइवलरी, 'चाय वाला इंटरव्यू' में मनोज ने खोले राज। 

भोजपुरी सिनेमा के दो दिग्गज सितारे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद, रवि किशन और मनोज तिवारी, आज भले ही मंच साझा करते...

Jul 2, 2025 - 11:29
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Entertainment: रवि किशन और मनोज तिवारी के बीच 13 साल की राइवलरी, 'चाय वाला इंटरव्यू' में मनोज ने खोले राज। 

भोजपुरी सिनेमा के दो दिग्गज सितारे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद, रवि किशन और मनोज तिवारी, आज भले ही मंच साझा करते हुए दोस्ती की मिसाल पेश करते हों, लेकिन एक समय था जब दोनों के बीच कट्टर प्रतिद्वंद्विता थी। इस राइवलरी की चर्चा हाल ही में 27 जून 2025 को न्यूज24 के 'चाय वाला इंटरव्यू' में पत्रकार मानक गुप्ता के साथ मनोज तिवारी ने की। इस इंटरव्यू में मनोज ने खुलासा किया कि रवि किशन और उनके बीच 13 साल तक तनातनी रही, जिसके पीछे का कारण था भोजपुरी सिनेमा में स्टारडम की जंग और 'बेस्ट एक्टर अवॉर्ड' को लेकर रवि किशन की कथित मैनेजमेंट।

  • रवि किशन और मनोज तिवारी: भोजपुरी सिनेमा के सितारे

रवि किशन और मनोज तिवारी भोजपुरी सिनेमा के उन चेहरों में से हैं, जिन्होंने इस इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। रवि किशन ने 2003 में अपनी पहली भोजपुरी फिल्म 'सईयां हमार' से शुरुआत की, और उनकी 2004 की फिल्म 'पंडित जी बताई ना बियाह कब होई' ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया। दूसरी ओर, मनोज तिवारी ने उसी साल 'ससुरा बड़ा पईसावाला' से डेब्यू किया, जो भोजपुरी सिनेमा की पहली ब्लॉकबस्टर फिल्म बनी। दोनों की जबरदस्त फैन फॉलोइंग और स्टारडम ने उन्हें इंडस्ट्री के शीर्ष पर पहुंचाया, लेकिन यही स्टारडम उनकी दुश्मनी का कारण भी बना।

  • 'चाय वाला इंटरव्यू' में खुलासा

27 जून 2025 को न्यूज24 के यूट्यूब चैनल पर प्रसारित 'चाय वाला इंटरव्यू' में मनोज तिवारी ने पत्रकार मानक गुप्ता से बातचीत में रवि किशन के साथ अपनी पुरानी अनबन का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "रवि किशन बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मैनेज करता रहता था, जिसके कारण हमारे बीच तनाव रहता था।" मनोज ने बताया कि दोनों के बीच 13 साल तक बातचीत नहीं हुई और वे एक-दूसरे के साथ मंच साझा करने से भी कतराते थे। इस दौरान दोनों के आसपास मौजूद कुछ लोग गलतफहमियां पैदा करते थे, जो उनकी दुश्मनी को और बढ़ाता था। मनोज ने यह भी स्वीकार किया कि उनकी और रवि की प्रतिस्पर्धा भोजपुरी सिनेमा में उनके अहंकार और स्टारडम की वजह से थी। दोनों अपनी-अपनी स्क्रिप्ट्स और किरदारों को लेकर इतने संवेदनशील थे कि साथ काम करना मुश्किल हो जाता था। इस इंटरव्यू में मनोज ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अब दोनों अच्छे दोस्त हैं और पुरानी बातों को यादकर हंसते हैं।

  • 'गंगा जमुना सरस्वती' का किस्सा

इन दोनों सितारों के बीच की अनबन का एक मशहूर किस्सा 2017 की भोजपुरी फिल्म 'गंगा जमुना सरस्वती' से जुड़ा है। इस फिल्म में रवि किशन, मनोज तिवारी और दिनेश लाल यादव (निरहुआ) मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म के एक फाइट सीन को लेकर रवि और मनोज के बीच तीखी बहस हो गई थी। रानी चटर्जी ने 'द कपिल शर्मा शो' में इस घटना का जिक्र करते हुए बताया कि मनोज, जो फिल्म में पुलिसवाले की भूमिका में थे, चाहते थे कि पहला पंच वे मारें, जबकि रवि, जो एक पावरफुल किरदार निभा रहे थे, पहले पंच मारने पर अड़े थे। इस बहस को सुलझाने के लिए निरहुआ ने सुझाव दिया कि वे बीच में आ जाएंगे और दोनों उन पर पंच मार सकते हैं। इस सुझाव को मेकर्स ने स्वीकार किया, लेकिन इस झगड़े का खामियाजा निरहुआ को थप्पड़ खाकर चुकाना पड़ा।

2000 के दशक में रवि किशन और मनोज तिवारी भोजपुरी सिनेमा के सबसे बड़े सितारे थे। रवि को 'भोजपुरी का शाहरुख खान' और मनोज को 'भोजपुरी का अमिताभ बच्चन' कहा जाता था। दोनों की फैन फॉलोइंग इतनी जबरदस्त थी कि उनकी फिल्मों की स्क्रिप्ट्स को लेकर अक्सर टकराव होता था। 'द कपिल शर्मा शो' में रवि ने स्वीकार किया कि दोनों को अपनी-अपनी स्क्रिप्ट चाहिए होती थी, जिसके कारण साथ काम करना मुश्किल था। मनोज ने मजाक में कहा कि रवि सेट पर स्क्रिप्ट बदलवाते थे, जिससे तनाव बढ़ता था। 2013 में रवि किशन और मनोज तिवारी की फिल्म 'एक चुम्मा देदा राजाजी' के टाइटल को लेकर भी मतभेद हुआ था। मनोज को यह टाइटल पसंद नहीं था, क्योंकि उनका मानना था कि यह फिल्म की कहानी से मेल नहीं खाता। हालांकि, रवि ने इस टाइटल को बरकरार रखने पर जोर दिया।

हालांकि भोजपुरी सिनेमा में दोनों के बीच 13 साल तक चली दुश्मनी की कहानियां मशहूर हैं, लेकिन राजनीति में दोनों ने एक साथ कदम रखा। मनोज तिवारी ने 2009 में समाजवादी पार्टी से गोरखपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। बाद में वे BJP में शामिल हो गए और 2014 व 2019 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद बने। रवि किशन ने 2014 में कांग्रेस से जौनपुर सीट पर चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2017 में वे भी BJP में शामिल हो गए और 2019 में गोरखपुर से सांसद चुने गए। मनोज ने 'द कपिल शर्मा शो' में बताया कि उन्होंने ही रवि को राजनीति में लाने में मदद की, हालांकि कुछ लोगों ने इसे उनकी "सबसे बड़ी समस्या" लाने वाला कदम बताया। आज दोनों BJP के सांसद हैं और कई बार मंच साझा करते हुए देखे गए हैं। 15 दिसंबर 2024 को दिल्ली के ध्यानचंद स्टेडियम में सांसदों के बीच एक क्रिकेट मैच में दोनों ने एक-दूसरे को स्लेज करते हुए मजाकिया अंदाज में पुरानी राइवलरी को याद किया। रवि ने कहा, "आज मनोज का गर्दा उड़ा देंगे," जबकि मनोज ने जवाब दिया, "मैच में बताते हैं।" 'चाय वाला इंटरव्यू' में मनोज तिवारी ने रवि किशन की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी फिल्म 'लापता लेडीज' को ऑस्कर में चुना जाना गर्व की बात है। रवि ने भी कई मौकों पर स्वीकार किया कि समय के साथ उनकी और मनोज की गलतफहमियां दूर हो गई हैं। 2023 में एक इंटरव्यू में रवि ने कहा, "हम अब अच्छे दोस्त हैं और पुरानी बातों को यादकर हंसते हैं।"

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