Viral: सहारनपुर में मुहर्रम के दौरान फूड पॉइजनिंग,1 की मौत,150 से ज्यादा लोग बीमार। 

Saharanpur News: सहारनपुर जिले के नानौता कस्बे में 5 जुलाई 2025 की रात मुहर्रम के एक कार्यक्रम के दौरान फूड पॉइजनिंग की एक दुखद और गंभीर ....

Jul 7, 2025 - 11:17
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Viral: सहारनपुर में मुहर्रम के दौरान फूड पॉइजनिंग,1 की मौत,150 से ज्यादा लोग बीमार। 
सहारनपुर में मुहर्रम के दौरान फूड पॉइजनिंग,1 की मौत,150 से ज्यादा लोग बीमार। 

 Saharanpur News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नानौता कस्बे में 5 जुलाई 2025 की रात मुहर्रम के एक कार्यक्रम के दौरान फूड पॉइजनिंग की एक दुखद और गंभीर घटना सामने आई है। शिया समुदाय की मजलिस में शामिल होने के बाद वहां बांटे गए खाने और पेय पदार्थों का सेवन करने वाले 100 से 150 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। महिलाओं और बच्चों सहित कई लोग उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचे। इस घटना में 55 वर्षीय शबी हैदर की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। प्रशासन ने खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

  • घटना की शुरुआत: मुहर्रम की मजलिस और भोज

मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण महीना है, जिसमें शिया समुदाय हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करता है। इस दौरान मजलिसों का आयोजन किया जाता है, जिसमें लोग एकत्र होकर धार्मिक चर्चा करते हैं और तबर्रुक (प्रसाद) के रूप में खाना और शरबत बांटा जाता है। सहारनपुर के नानौता कस्बे में 9वीं मुहर्रम की रात को शिया समुदाय के घरों और इमामबाड़ों में ऐसी ही मजलिसों का आयोजन हुआ था। इन मजलिसों में शामिल होने वाले लोगों को शरबत और बिरयानी सहित अन्य खाद्य पदार्थ परोसे गए। लेकिन देर रात को अचानक कई लोगों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई। यह खबर तेजी से फैली, और आनन-फानन में प्रभावित लोगों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इस घटना में शबी हैदर (55), जो शेखजादगान मोहल्ले के निवासी थे, की हालत गंभीर हो गई। उन्हें पहले CHC में भर्ती किया गया, फिर जिला अस्पताल और बाद में चंडीगढ़ के एक बड़े अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी, और अस्पतालों में मरीजों की चीख-पुकार मच गई।

इस फूड पॉइजनिंग की घटना में करीब 100 से 150 लोग प्रभावित हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। कुछ सूत्रों के अनुसार, यह संख्या 200 तक भी हो सकती है। प्रभावित लोगों में से 70 से ज्यादा को सरकारी अस्पतालों में भर्ती किया गया, जबकि कई लोग निजी डॉक्टरों और अस्पतालों में इलाज कराने गए। कुछ मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें चंडीगढ़ और मेरठ के बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। जिला अस्पताल में भर्ती 54 मरीजों में से 15 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि बाकी का इलाज जारी है। सहारनपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि प्रभावित लोगों की स्थिति अब स्थिर है, और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा, "हम यह जांच कर रहे हैं कि खाने या पेय पदार्थों में क्या गड़बड़ी थी। खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए हैं और उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है।" जिला मजिस्ट्रेट मनीष बंसल ने भी स्थिति को नियंत्रण में बताया और कहा कि सभी मरीजों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।

इस घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। सहारनपुर के खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिरयानी और शरबत के नमूने एकत्र किए और उन्हें जांच के लिए लैब भेजा। सहायक खाद्य आयुक्त विनय कुमार अग्रवाल और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरेंद्र सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया और मरीजों से जानकारी ली। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खाद्य पदार्थों में क्या गड़बड़ी थी। प्रारंभिक जांच में संदेह है कि खाने में इस्तेमाल की गई सामग्री खराब हो सकती थी या उसे सही तरीके से तैयार नहीं किया गया। कुछ लोगों ने बताया कि बिरयानी में इस्तेमाल की गई सामग्री पुरानी हो सकती थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

हालांकि, यह अभी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने आयोजकों से भी पूछताछ शुरू की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि खाना कहां से और कैसे तैयार किया गया था। इस घटना के बाद सोशल मीडिया, खासकर X पर, लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई यूजर्स ने इस हादसे को दुखद बताया और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। एक यूजर ने लिखा, "मुहर्रम जैसे पवित्र अवसर पर ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। खाद्य सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है।" वहीं, कुछ लोगों ने आयोजकों की लापरवाही पर सवाल उठाए और कहा कि धार्मिक आयोजनों में खाने की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

कुछ यूजर्स ने यह भी मांग की कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा नियमों को और सख्त किया जाए। एक X पोस्ट में लिखा गया, "सहारनपुर में 150 लोग बीमार और एक की मौत। प्रशासन को अब जागना चाहिए और खाने की गुणवत्ता की जांच के लिए सख्त नियम लागू करने चाहिए।"

  • उत्तर प्रदेश में फूड पॉइजनिंग की अन्य घटनाएं

यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश में फूड पॉइजनिंग की घटना ने लोगों को प्रभावित किया है। फरवरी 2025 में अमरोहा जिले के डिडौली गांव में एक मृत्यु भोज के दौरान गाजर का हलवा खाने से 100 से ज्यादा लोग बीमार हो गए थे। उस घटना में भी संदेह था कि हलवे में नकली मावा और दूध का इस्तेमाल किया गया था। इसी तरह, 2013 में बिहार के सारण जिले में मिड-डे मील में कीटनाशक मिला होने के कारण 23 बच्चों की मौत हो गई थी, जो देश भर में एक बड़ा मुद्दा बना था। इन घटनाओं से साफ है कि सामुदायिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है। धार्मिक या सामाजिक समारोहों में बड़े पैमाने पर खाना तैयार किया जाता है, और अगर स्वच्छता और गुणवत्ता पर ध्यान न दिया जाए, तो ऐसी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

यह घटना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है। मुहर्रम जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में हजारों लोग शामिल होते हैं, और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना एक जटिल काम है। सहारनपुर के जिला मजिस्ट्रेट मनीष बंसल ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा नियमों को और सख्त किया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सभी प्रभावित लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। सहारनपुर के नानौता में मुहर्रम के दौरान हुई फूड पॉइजनिंग की घटना ने एक बार फिर सामुदायिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया है। शबी हैदर की मौत और 150 से ज्यादा लोगों के बीमार होने से पूरे इलाके में दुख और दहशत का माहौल है। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की है और खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।

यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता पर कितना ध्यान देना जरूरी है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए प्रशासन, आयोजकों और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा। इस दुखद हादसे ने सहारनपुर के लोगों को झकझोर दिया है, और अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। स्वास्थ्य विभाग ने भी स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है, ताकि लोग खाद्य पदार्थ तैयार करते समय स्वच्छता का ध्यान रखें। CMO डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा, "हम आयोजकों को सलाह दे रहे हैं कि खाना तैयार करने में ताजा सामग्री का इस्तेमाल करें और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।"

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