खाकी पर लगा गंभीर दाग, झांसी में दरोगा और सिपाही ने मिलकर युवक को दौड़ा-दौड़ा कर सरेराह पीटा।
उत्तर प्रदेश के झांसी से खाकी को शर्मसार करने वाली एक बेहद सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे
- युवक की पिटाई का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप, आरोपी दरोगा और कांस्टेबल निलंबित
- सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाने वाले वर्दीधारियों पर वरिष्ठ अधिकारियों का कड़ा एक्शन, विभागीय जांच के भी आदेश
उत्तर प्रदेश के झांसी से खाकी को शर्मसार करने वाली एक बेहद सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें कानून के रखवाले ही सरेआम गुंडागर्दी पर उतारू नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में एक दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) और एक सिपाही (कांस्टेबल) मिलकर एक आम युवक के साथ बर्बरता से मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस बल की कार्यप्रणाली और उनकी मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले में दखल देना पड़ा है।
यह पूरी घटना झांसी जिले के एक व्यस्त इलाके की बताई जा रही है, जहां दिन-दिहाड़े इस वारदात को अंजाम दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसी मामूली बात या विवाद को लेकर वहां मौजूद दरोगा और सिपाही का एक युवक से झगड़ा हो गया था। यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पुलिसकर्मियों ने अपना आपा खो दिया और कानून को पूरी तरह से अपने हाथ में ले लिया। उन्होंने युवक को बीच सड़क पर रोक लिया और उस पर थप्पड़ों और लातों की बरसात कर दी, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
सोशल मीडिया पर जो वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह दरोगा और सिपाही मिलकर एक अकेले युवक को बेरहमी से पीट रहे हैं और उसे घसीट रहे हैं। युवक लगातार उन दोनों के सामने हाथ जोड़ता रहा, रहम की भीख मांगता रहा और अपनी बेगुनाही की दुहाई देता रहा, लेकिन वर्दी के नशे में चूर इन दोनों पुलिसकर्मियों का दिल बिल्कुल नहीं पिघला। इस घटना के दौरान सड़क पर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन पुलिस के खौफ के कारण कोई भी उस बेबस युवक को बचाने के लिए आगे नहीं आया। सरेराह पीटने वाले दरोगा और सिपाही को वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे के आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। आम जनता में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है और लोग कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। किसी भी व्यक्ति को सजा देने या उस पर हाथ उठाने का अधिकार पुलिस को नहीं है, बल्कि यह काम न्यायपालिका का है। इसके बावजूद जिम्मेदार पदों पर बैठे इन दोनों वर्दीधारियों ने सड़क पर ही अपना फैसला सुनाना शुरू कर दिया, जिसने पुलिस की छवि को जनता के बीच पूरी तरह से धूमिल करने का काम किया है।
मामले की गंभीरता और चौतरफा हो रही आलोचना को देखते हुए झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने इस पर तुरंत कड़ा संज्ञान लिया है। पुलिस प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वीडियो में युवक को पीटते दिख रहे दरोगा और कांस्टेबल की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है। अनुशासनहीनता और खाकी की मर्यादा को ठेस पहुंचाने के आरोप में एसएसपी ने दोनों दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में पुलिस के इस क्रूर रवैए को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है। पीड़ित युवक के परिजनों का कहना है कि सरेआम हुई इस पिटाई के कारण युवक गहरे मानसिक तनाव और सदमे में है। सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी इस पूरी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उनका कहना है कि केवल निलंबन की कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि इन दोनों वर्दीधारियों के खिलाफ आम अपराधियों की तरह सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाना चाहिए ताकि भविष्य के लिए नजीर पेश की जा सके।
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