हरदोई में सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर टोंडरपुर ब्लॉक प्रमुख के परिवार पर गंभीर आरोप, कांग्रेस ने की रिकवरी की मांग।
Hardoi News: हरदोई जिले के शाहाबाद और टोंडरपुर क्षेत्र पंचायतों में सरकारी धनराशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों में ब्लॉक प्रमुख...
हरदोई जिले के शाहाबाद और टोंडरपुर क्षेत्र पंचायतों में सरकारी धनराशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों में ब्लॉक प्रमुख, उनके परिवार, और कुछ अधिकारियों पर विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का इल्ज़ाम लगाया गया है। टोंडरपुर विकास खंड में ब्लॉक प्रमुख नीतू त्रिवेदी के पति रामबाबू की फर्म द्वारा लाखों रुपये की निर्माण सामग्री की सप्लाई और उनकी देवरानी प्रीतू त्रिवेदी की फर्म द्वारा बड़े पैमाने पर विकास कार्य करवाए जाने की बात सामने आई है। यह सब शासनादेश के खिलाफ है, जिसमें ब्लॉक प्रमुख के परिवार के किसी भी सदस्य को क्षेत्र पंचायत के कार्यों में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं है। कांग्रेस ने इन गड़बड़ियों के खिलाफ कड़ा विरोध जताया और लगभग तीन करोड़ रुपये की रिकवरी की मांग की है। शाहाबाद और टोंडरपुर क्षेत्र पंचायतों में विकास कार्यों के लिए आवंटित सरकारी धनराशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। टोंडरपुर विकास खंड में ब्लॉक प्रमुख नीतू त्रिवेदी के पति रामबाबू की फर्म, जय बाला जी ट्रेडर्स, ने क्षेत्र पंचायत के कार्यों में 30 लाख रुपये से अधिक कीमत की ईंटों की सप्लाई की। इसके अलावा, 33 लाख रुपये के वॉटर कूलर और एलईडी लाइट्स लगाए गए। कुल मिलाकर, एक करोड़ 25 लाख रुपये से अधिक के कार्य बिना जिलाधिकारी की अनुमति के छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर करवाए गए। स्थानीय निकाय और पंचायत लेखा परीक्षा विभाग ने इस पर आपत्ति जताई और ब्लॉक प्रमुख, तत्कालीन खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), लेखाकार, और अन्य जिम्मेदारों से तीन करोड़ रुपये की रिकवरी की सिफारिश की।
इसी तरह, वित्तीय वर्ष 2022-23 में ब्लॉक प्रमुख की देवरानी प्रीतू त्रिवेदी की फर्म, मेसर्स प्रीतू त्रिवेदी, ने एक करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य करवाए। यह शासनादेश के खिलाफ है, क्योंकि नियमों के अनुसार, ब्लॉक प्रमुख के परिवार के किसी भी व्यक्ति को न तो सामग्री सप्लाई करने की अनुमति है और न ही विकास कार्य करवाने की। इन गड़बड़ियों को लेकर ऑडिट में कई आपत्तियां दर्ज की गईं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इन गंभीर आरोपों के खिलाफ कांग्रेस ने शाहाबाद और टोंडरपुर में विरोध प्रदर्शन किया। 20 जुलाई 2025 को, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष और अन्य नेताओं ने हरदोई में जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में “जवाब दो, हिसाब दो” के नारे गूंजे। कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ब्लॉक प्रमुख के परिवार द्वारा सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है, और प्रशासन इस पर चुप्पी साधे हुए है।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ने बताया कि ऑडिट में तीन करोड़ रुपये की रिकवरी की सिफारिश की गई थी, लेकिन जिला प्रशासन ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी की मदद न करने वाले ग्राम प्रधानों के खिलाफ जानबूझकर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है। कुछ ग्राम प्रधानों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिसे कांग्रेस ने बीजेपी की सियासी रणनीति का हिस्सा बताया। प्रदर्शन में जमील अहमद अंसारी, निर्भान सिंह यादव, साधू सिंह, अनिल कुमार, अजहर खान, सत्तार खान, अरुण कुमार, शकील खान, सुधीर मिश्रा, शैलेंद्र कुमार, और सुहैल खान जैसे नेता शामिल थे। उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश के अनुसार, ब्लॉक प्रमुख या उनके परिवार के किसी भी सदस्य को क्षेत्र पंचायत के विकास कार्यों में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं है। यह नियम भ्रष्टाचार और पक्षपात को रोकने के लिए बनाया गया है। फिर भी, टोंडरपुर में ब्लॉक प्रमुख नीतू त्रिवेदी के पति और देवरानी की फर्मों ने बड़े पैमाने पर कार्य किए। जय बाला जी ट्रेडर्स ने ईंटों की सप्लाई की, और मेसर्स प्रीतू त्रिवेदी ने विकास कार्यों को अंजाम दिया। ऑडिट में यह पाया गया कि कई कार्य बिना जिलाधिकारी की अनुमति के छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर करवाए गए, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
ऑडिट में यह भी सामने आया कि कई कार्यों की गुणवत्ता खराब थी। उदाहरण के लिए, कुछ निर्माण कार्यों में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया, और कई प्रोजेक्ट्स बिना पारदर्शिता के पूरे किए गए। इन गड़बड़ियों ने न केवल सरकारी धन के दुरुपयोग को उजागर किया, बल्कि स्थानीय लोगों के बीच प्रशासन के प्रति अविश्वास को भी बढ़ाया। कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान आगमपुर में एक पुलिया बनवाने की मांग भी उठाई। यह पुलिया स्थानीय लोगों के लिए जरूरी है, क्योंकि इससे क्षेत्र में आवागमन आसान होगा। हालांकि, इस मांग पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कांग्रेस ने जिला प्रशासन से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की अपील की और कहा कि विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के साथ-साथ जनता की जरूरतों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है।
कांग्रेस ने बीजेपी और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने कहा कि बीजेपी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में अपनी मदद न करने वाले ग्राम प्रधानों को निशाना बना रही है। कई ग्राम प्रधानों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं, और उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। यह आरोप बीजेपी और टीएमसी के बीच चल रहे सियासी टकराव को और गहरा करते हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई करने में ढिलाई बरत रहा है, जिससे बीजेपी के नेताओं का हौसला बढ़ रहा है। हरदोई में सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। उदाहरण के लिए, संडीला विकास खंड की पहतोइया ग्राम पंचायत में प्रधान और सचिव पर विकास कार्यों में गड़बड़ी और फर्जी भुगतान के आरोप लगे थे। इनमें पशुचर, चकरोड, और ग्राम समाज की जमीन पर खड़े 205 यूकेलिप्टस पेड़ों को काटकर बेचने का मामला शामिल था। इस मामले में लोक आयुक्त ने 18 अगस्त 2025 तक जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन और ब्लॉक प्रमुख के परिवार पर लगे आरोपों ने स्थानीय लोगों में भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्सा पैदा किया है। जिला प्रशासन ने अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। ऑडिट में तीन करोड़ रुपये की रिकवरी की सिफारिश के बावजूद, ब्लॉक प्रमुख, बीडीओ, और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, आगमपुर में पुलिया निर्माण की मांग को भी जल्द पूरा करने की जरूरत है।
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