'खालिस्तानी' एजेंडे के तहत दहलाने की साजिश- ईमेल के जरिए गुरुग्राम के स्कूलों और रेल ट्रैक को उड़ाने की धमकी, मचा कोहराम
केवल स्कूल ही नहीं, बल्कि परिवहन और ऐतिहासिक स्मारकों पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे इनपुट मिले हैं जिनमें अंबाला से दिल्ली के बीच के व्यस्त रेल ट्रैक को निशाना बनाने की बात कही गई है। धमकी में विशेष रूप से 24 अप्रैल और 29
- साइबर आतंक की दस्तक: हरियाणा और दिल्ली में बम की धमकियों से हड़कंप, स्कूलों से लेकर लाल किले तक सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
- खौफ के साये में लोकतंत्र: दिल्ली-हरियाणा सीमा पर चौकसी तेज, अलगाववादी समूहों की सक्रियता ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
हरियाणा और देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर साइबर आतंकवाद और अलगाववादी धमकियों के निशाने पर हैं। बुधवार, 29 अप्रैल 2026 की सुबह गुरुग्राम के कई प्रतिष्ठित स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसने अभिभावकों और प्रशासन के बीच भारी हड़कंप मचा दिया। इन धमकियों में न केवल शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाया गया, बल्कि ऐतिहासिक लाल किले और अंबाला-दिल्ली रेल मार्ग को भी बम से उड़ाने की बात कही गई है। धमकी भरे संदेशों में 'हरियाणा बनेगा खालिस्तान' जैसे आपत्तिजनक नारों का उपयोग किया गया है, जो सीधे तौर पर देश की संप्रभुता को चुनौती देने वाले अलगाववादी समूहों की ओर इशारा करते हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्ते (BDS) और डॉग स्क्वायड की टीमों ने मोर्चा संभाला और संबंधित स्थलों पर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। गुरुग्राम के जिन स्कूलों को निशाना बनाया गया, उनमें श्री राम स्कूल, एमिटी इंटरनेशनल और एचडीएफसी स्कूल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। सुबह करीब 8:33 बजे जब कक्षाओं का संचालन हो रहा था, तभी स्कूलों के आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरे संदेश प्राप्त हुए। ईमेल में दावा किया गया था कि स्कूल परिसर के भीतर विस्फोटक रखे गए हैं जो कुछ ही समय में सक्रिय हो जाएंगे। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल प्रबंधनों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके अभिभावकों को घर ले जाने के लिए संदेश भेज दिए। हालांकि, घंटों चली तलाशी के बाद अब तक किसी भी संदिग्ध वस्तु की बरामदगी नहीं हुई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने इसे एक 'होक्स कॉल' या शरारती तत्वों की साजिश करार दिया है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से कोई ढील नहीं बरती जा रही है।
केवल स्कूल ही नहीं, बल्कि परिवहन और ऐतिहासिक स्मारकों पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे इनपुट मिले हैं जिनमें अंबाला से दिल्ली के बीच के व्यस्त रेल ट्रैक को निशाना बनाने की बात कही गई है। धमकी में विशेष रूप से 24 अप्रैल और 29 अप्रैल की तारीखों का जिक्र करते हुए सुबह के समय धमाके करने की चेतावनी दी गई थी। इसके अतिरिक्त, दिल्ली स्थित लाल किले की सुरक्षा को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। रेल पटरियों पर किसी भी प्रकार के अवरोध या विस्फोटक की जांच के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने गश्त बढ़ा दी है। संवेदनशील स्टेशनों जैसे लुधियाना, अमृतसर और अंबाला में यात्रियों की गहन चेकिंग की जा रही है और पटरियों की तकनीकी जांच के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है।
विदेशी धरती से रची गई साजिश
साइबर विशेषज्ञों की प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ईमेल का मूल स्रोत भारत के बाहर, संभवतः अमेरिका या किसी यूरोपीय देश में स्थित सर्वर से है। इन ईमेल में जिस भाषा का प्रयोग किया गया है, वह पूर्व में प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' (SFJ) द्वारा जारी किए गए वीडियो संदेशों से मेल खाती है। एजेंसियों का मानना है कि यह केवल दहशत फैलाने का प्रयास है ताकि देश की आंतरिक शांति को भंग किया जा सके।
अलगाववादी समूह 'खालिस्तान' के नाम पर हरियाणा में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो सुरक्षा बलों के लिए सिरदर्द बन गया है। धमकी भरे संदेशों में बार-बार 'हरियाणा बनेगा खालिस्तान' का जिक्र होना इस बात का प्रमाण है कि ये समूह पंजाब के साथ-साथ अब हरियाणा के युवाओं को भी गुमराह करने और राज्य में अस्थिरता पैदा करने की योजना बना रहे हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा की खुफिया इकाइयां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इन धमकियों के पीछे कोई स्लीपर सेल या स्थानीय मददगार शामिल है। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर उच्च स्तरीय बैठक कर स्पष्ट किया है कि प्रदेश की शांति और भाईचारे को चुनौती देने वाली किसी भी ताकत को बख्शा नहीं जाएगा और सभी स्कूलों को सुरक्षा ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस घटना के बाद गुरुग्राम और फरीदाबाद के स्कूलों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं। अब किसी भी अनजान ईमेल या कॉल को हल्के में न लेते हुए तुरंत रिपोर्ट करने और स्कूल परिसर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की बायोमेट्रिक और फिजिकल चेकिंग अनिवार्य कर दी गई है। अभिभावकों में इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि बार-बार होने वाली इन धमकियों से बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। पुलिस ने साइबर विशेषज्ञों को ईमेल के आईपी एड्रेस और 'सेंडर आईडी' को ट्रेस करने के काम में लगाया है ताकि अपराधियों के गिरोह तक पहुंचा जा सके। पिछले कुछ महीनों में इस तरह की फर्जी धमकियों में इजाफा हुआ है, जो जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। दिल्ली-हरियाणा सीमा पर स्थित नाकों पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली जा रही है। लाल किले के आसपास के क्षेत्रों में कमांडो की तैनाती की गई है और पर्यटकों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जा रही है। यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की धमकियां दी गई हैं, लेकिन 'हरियाणा' को केंद्रित कर दी गई यह धमकी सुरक्षा के नए समीकरणों की ओर इशारा करती है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने भी इस मामले में रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले भ्रामक संदेशों की पुष्टि किए बिना उन्हें साझा न करें।
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