JSSC CGL Protest Ranchi: जेपीएससी-जेएसएससी गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का विधानसभा घेराव, रांची में धारा 163 लागू
JSSC CGL Protest: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी धांधली के खिलाफ छात्रों के आंदोलन का 17वां दिन। सरकार से वार्ता बेनतीजा रहने के बाद छात्र कर रहे विधानसभा घेराव।

- Jharkhand Students Protest: वार्ता बेनतीजा होने पर सड़कों पर उतरे हजारों छात्र, JSSC CGL परीक्षा रद करने और CBI जांच पर अड़े
- 17वें दिन उग्र हुआ झारखंड के छात्रों का आंदोलन, वार्ता विफल होने के बाद रांची में विधानसभा घेराव करने पहुंचे हजारों युवा
- Jharkhand News: जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का विधानसभा घेराव आज, रांची में 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू
झारखंड में लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। आंदोलन के 17वें दिन सोमवार को हजारों की संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में इकट्ठा हुए और झारखंड विधानसभा घेराव के लिए पैदल मार्च शुरू किया। रविवार को राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल और छात्र नेताओं के बीच हुई तीसरे दौर की बातचीत बेनतीजा रही, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया। छात्र मुख्य रूप से जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने और पूरी प्रक्रिया की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने नए विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
झारखंड के विभिन्न जिलों से आए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा पिछले 17 दिनों से लगातार सड़कों पर हैं। जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित हालिया परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर यह विरोध प्रदर्शन चल रहा है। रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की मैराथन बैठक आयोजित की गई थी। हालांकि, छात्र प्रतिनिधिमंडल की दो मुख्य मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। सरकार की ओर से ठोस आश्वासन न मिलने के कारण वार्ता विफल घोषित कर दी गई, जिसके विरोध में छात्रों ने पहले से घोषित कार्यक्रम के तहत विधानसभा घेराव का कदम उठाया है।
सोमवार सुबह से ही राज्य के कोने-कोने से छात्र बस, ट्रेन और निजी वाहनों के जरिए राजधानी रांची पहुंचने लगे। रांची का ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम छात्रों का मुख्य केंद्र बना, जहां हजारों अभ्यर्थियों की भीड़ जमा हो गई। हाथों में तख्तियां, तिरंगा और मांग पत्र लिए युवा लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। छात्रों की सबसे प्रमुख मांग यह है कि हाल ही में आयोजित JSSC CGL परीक्षा में भारी स्तर पर गड़बड़ी हुई है, इसलिए इस परीक्षा को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए। इसके साथ ही अभ्यर्थियों की जिद है कि आयोग के भीतर की गड़बड़ियों और पेपर लीक सिंडिकेट को बेनकाब करने के लिए मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए। जब तक इन मांगों पर कोई लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया गया है।
आंदोलनकारी छात्र नेताओं का स्पष्ट कहना है कि सरकार बार-बार बातचीत के नाम पर सिर्फ समय गंवा रही है। हमारी मांगें बिल्कुल जायज और छात्रों के भविष्य से जुड़ी हैं। जब तक परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की सिफारिश करने का आधिकारिक पत्र जारी नहीं होता, आंदोलन पीछे नहीं हटेगा। छात्रों का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रखने का दावा किया है। रांची के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त आदेश जारी कर नए विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इस दायरे में बिना अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने, हथियार ले जाने, धरना-प्रदर्शन करने और जुलूस निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। बैरिकेडिंग कर भारी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और वॉटर कैनन की तैनाती की गई है ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो।
इस बड़े आंदोलन के कारण राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। सुबह से ही शहर के प्रमुख चौराहों और विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। पुलिस ने कई मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया है, जिससे आम यात्रियों और स्कूली बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे ने राजनीतिक गलियारों में भी गर्माहट बढ़ा दी है। जैसे-जैसे छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से विधानसभा परिसर की ओर बढ़ रहे हैं, पुलिस बैरिकेडिंग पर टकराव की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन का प्रयास है कि छात्रों को सुरक्षा घेरे के बाहर ही रोककर उनके एक प्रतिनिधिमंडल की उच्च अधिकारियों या मंत्रियों से दोबारा बातचीत कराई जाए। हालांकि, छात्र इस बार बिना किसी ठोस प्रशासनिक आदेश के पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। आने वाले घंटों में स्थिति किस ओर मुड़ती है, यह सरकार के रुख और प्रशासनिक सूझबूझ पर निर्भर करेगा।
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