Sikkim Landslide: ग्यालशिंग के रिंबी में भारी बारिश से भीषण भूस्खलन, मलबे में बहे कई मकान और पुल; सीएम प्रेम सिंह तमांग बोले- हालात गंभीर
सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के रिंबी में भारी बारिश से भीषण भूस्खलन हुआ है। 30 से अधिक घर प्रभावित हुए और 128 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। सीएम तमांग ने हालात गंभीर बताए हैं।

- सिक्किम में कुदरत का कहर: रिंबी गांव में पहाड़ी दरकने से 30 से अधिक घर प्रभावित, 128 लोग रेस्क्यू, मुख्यमंत्री ने जारी किया हाई अलर्ट
- Sikkim Weather & Landslide Alert: भारी बारिश के बाद पश्चिमी सिक्किम में तबाही का मंजर, रिंबी-खेचुपेरी मार्ग ठप, सीएम तमांग ने की सतर्कता की अपील
- सिक्किम भूस्खलन अपडेट: ग्यालशिंग जिले में मकान और सरकारी क्वार्टर क्षतिग्रस्त, तीस्ता बेसिन में प्रशासन मुस्तैद, राहत कार्य तेज
गंगटोक/ग्यालशिंग। पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में मूसलाधार बारिश के चलते हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। पश्चिमी सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में आने वाले रिंबी इलाके में देर रात भारी बारिश के बाद एक बड़ा और विनाशकारी भूस्खलन हुआ है। पहाड़ों की ऊपरी ढलानों से अचानक गिरे विशाल मलबे, भारी पत्थरों और कीचड़ के तेज बहाव ने रिंबी गांव के एक बड़े हिस्से को अपनी जद में ले लिया। इस प्राकृतिक आपदा में 30 से अधिक आवासीय मकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जबकि ऊर्जा विभाग के सरकारी क्वार्टर और अन्य संपत्तियां मलबे के साथ बह गईं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति को 'गंभीर' बताया है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) को चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर रहने और ग्राउंड जीरो पर त्वरित राहत-बचाव अभियान संचालित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और भूस्खलन संभावित ढलानों व नदी किनारों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहें।
- कैसे हुआ हादसा और कितना हुआ नुकसान?
मिली आधिकारिक और प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, युक्सोम-ताशीडिंग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रिंबी गांव में पिछले 48 घंटों से लगातार तेज बारिश दर्ज की जा रही थी। देर रात पहाड़ों की कमजोर हो चुकी मिट्टी का बड़ा हिस्सा अचानक खिसक गया। इसके साथ ही 'निक खोलसा' (NiK Kholsa) जलधारा के उफान पर आने से भारी मात्रा में कीचड़ और बड़े-बड़े बोल्डर रिंबी बस्ती की ओर बहने लगे।
मलबे के इस तीव्र बहाव के कारण रिंबी क्षेत्र का आरसीसी पुल भी पूरी तरह बह गया है, जिससे क्षेत्र का मुख्य सड़क संपर्क टूट गया है। अब तक सामने आई प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार:
लगभग 30 से अधिक निजी मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
ऊर्जा विभाग के 6 कर्मचारी क्वार्टर और स्थानीय दुकानें सैलाब के बहाव में नष्ट हो गईं।
राहत की बात यह है कि समय रहते ग्रामीणों की सतर्कता और त्वरित निकासी के चलते किसी भी व्यक्ति की जान जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
- 128 लोगों का रेस्क्यू, सुरक्षित आश्रयों में भेजा गया
आपदा की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस बल और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमों ने मौके पर मोर्चा संभाला। खतरे की जद में आए 28 परिवारों के 128 से अधिक लोगों को तुरंत रेस्क्यू कर सुरक्षित राहत शिविरों और सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित किया गया है।
प्रशासन द्वारा इन विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी भोजन, स्वच्छ पेयजल, प्राथमिक उपचार और आवश्यक राहत सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि रिंबी-सिंगलिताम और आसपास के ढलानों पर मिट्टी का कटाव अभी भी जारी है, इसलिए किसी भी ग्रामीण को फिलहाल अपने घरों में वापस लौटने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
इस भीषण भूस्खलन का असर स्थानीय और अंतर-जिला आवागमन पर सीधा पड़ा है। रिंबी-खेचुपेरी मुख्य मार्ग पर भारी मलबा, पेड़ और चट्टानें जमा होने के कारण सड़क यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) और लोक निर्माण विभाग की भारी मशीनरी और जेसीबी की मदद से सड़क से मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया है, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण मलबा हटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इतना ही नहीं, उत्तरी सिक्किम के मंगन जिले और गंगटोक को जोड़ने वाले मार्गों पर भी कई स्थानों पर चट्टानें गिरने की सूचनाएं हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-10 (NH-10) पर भी संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात को नियंत्रित किया गया है। तीस्ता नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के कारण निचले तटीय क्षेत्रों में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
- मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अपील
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने आपदा पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और नुकसान के विस्तृत आकलन के बाद हर संभव वित्तीय व ढांचागत सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता हर एक नागरिक के जीवन की रक्षा करना है।
सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जनता के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है:
अनावश्यक यात्रा से बचें: भारी बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर गैर-जरूरी यात्रा बिल्कुल न करें।
नदी व नालों से दूरी: उफनती नदियों और पहाड़ी नालों के पास जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
आपातकालीन संपर्क: स्थानीय प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष के संपर्क नंबरों पर किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना दें।
फिलहाल ग्यालशिंग जिले में प्रशासनिक मशीनरी अलर्ट मोड पर है और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
What's Your Reaction?

