Mushtaq Khan Passes Away: दिग्गज अभिनेता मुश्ताक खान का मुंबई में निधन, 'वेलकम' और 'गदर' जैसी फिल्मों से बनाई थी खास पहचान
हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता मुश्ताक खान का मुंबई के नानावती अस्पताल में निधन हो गया। वे कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। फिल्म जगत ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

- Bollywood News: नहीं रहे अभिनेता मुश्ताक खान, मुंबई के नानावती अस्पताल में ली अंतिम सांस; सिनेमा जगत में शोक की लहर
- Mushtaq Khan Demise: 'मेरी एक टांग नकली है' डायलॉग से दिलों पर राज करने वाले मुश्ताक खान का निधन, कैंसर से लड़ रहे थे जंग
- बॉलीवुड अभिनेता मुश्ताक खान का इंतकाल: 56 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा, चार दशकों के सफर पर एक नजर
मुंबई। हिंदी सिनेमा में अपने सहज अभिनय, बेजोड़ कॉमिक टाइमिंग और यादगार चरित्र भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ अभिनेता मुश्ताक खान का मुंबई में निधन हो गया है। 56 वर्षीय अभिनेता पिछले कुछ समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। स्वास्थ्य बिगड़ने के चलते उन्हें मुंबई के विले पार्ले स्थित नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी और उनके करीबी सहयोगियों ने अभिनेता के निधन की पुष्टि की है। मुश्ताक खान के आकस्मिक निधन की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड उद्योग, टेलीविजन जगत और देश भर के सिनेमा प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।
पारिवारिक और व्यावसायिक सहयोगियों के मुताबिक, मुश्ताक खान कैंसर की गंभीर स्थिति से संघर्ष कर रहे थे। कुछ समय पहले इस बीमारी से उबरने के बाद हाल के दिनों में बीमारी का दोबारा उभार हुआ, जिसके चलते उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ी और उन्हें अस्पताल के सघन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कराना पड़ा था। तमाम चिकित्सीय प्रयासों के बावजूद गुरुवार शाम उनका देहावसान हो गया। शुक्रवार को मुंबई में उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
चार दशकों से अधिक का सिनेमाई सफर
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर कस्बे में जन्मे मुश्ताक खान ने अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान कड़े संघर्ष और लगन के दम पर बनाई। उन्होंने 1980 के दशक की शुरुआत में सिनेमा जगत में कदम रखा था। उनकी शुरुआती स्क्रीन उपस्थिति दिग्गज फिल्मकार सईद अख्तर मिर्जा की फिल्म 'अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है' (1980) में दर्ज हुई थी।
इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। चरित्र अभिनेता के तौर पर उन्होंने महेश भट्ट, डेविड धवन और अनीस बजमी जैसे शीर्ष निर्देशकों के साथ काम किया। 90 के दशक में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'आशिकी' (1990) में उनके किरदार 'रफू मास्टर' ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद 'दिल है कि मानता नहीं', 'सड़क', 'हम हैं राही प्यार के', 'क्रांतिवीर' और 'राजा' जैसी प्रमुख फिल्मों में उनके किरदारों ने कहानी को मजबूती देने का काम किया।
उनकी अदाकारी की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि स्क्रीन पर चाहे उनकी मौजूदगी कुछ मिनटों की ही क्यों न हो, वे अपनी स्वाभाविक संवाद अदायगी और बॉडी लैंग्वेज से उस दृश्य को अविस्मरणीय बना देते थे।
- 'वेलकम' का 'बल्लू' और वह अमर संवाद
यूं तो मुश्ताक खान ने तीन सौ से अधिक फिल्मों और कई धारावाहिकों में काम किया, लेकिन साल 2007 में रिलीज हुई अनीस बजमी की कॉमेडी फिल्म 'वेलकम' में उनका 'बल्लू' का किरदार आज भी जनमानस में जीवंत है। फिल्म में डॉन उदय शेट्टी (नाना पाटेकर) के गिरोह के सदस्य के रूप में उनकी भूमिका को जबरदस्त लोकप्रियता मिली।
फिल्म में उनका यह मोनोलॉग "मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था..." सिनेमा के सबसे लोकप्रिय कॉमिक संवादों में गिना जाता है। सोशल मीडिया और मीम्स के आधुनिक दौर में भी नई पीढ़ी के दर्शक उनके इस दृश्य को बार-बार साझा करते रहे हैं।
इसके अलावा, सनी देओल अभिनीत ऐतिहासिक फिल्म 'गदर: एक प्रेम कथा' (2001) में उनके द्वारा निभाया गया 'गुल खान' (गुल्लू) का किरदार भी खूब सराहा गया था। इस भूमिका की निरंतरता को बनाए रखते हुए उन्होंने दो दशक बाद आई 'गदर 2' (2023) में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी।
- थियेटर से टेलीविजन तक विविध भूमिकाएं
मुश्ताक खान का कार्यक्षेत्र सिर्फ बड़े पर्दे तक सीमित नहीं था। वे रंगमंच (थियेटर) के एक सक्रिय कलाकार थे और लंबे समय तक नाटकों के जरिए दर्शकों से सीधे जुड़े रहे। टेलीविजन धारावाहिकों में भी उन्होंने कई अलग-अलग रंग के किरदार निभाए। कॉमेडी शो 'भाबीजी घर पर हैं!' समेत कई लोकप्रिय धारावाहिकों में उनके काम को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला।
हाल के वर्षों में वे राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर अभिनीत फिल्म 'स्त्री' (2018), 'बधाई दो' (2022) और ब्लॉकबस्टर 'स्त्री 2' (2024) जैसी समकालीन फिल्मों में भी सक्रिय दिखाई दिए। जीवन के अंतिम पड़ाव तक वे लगातार नए प्रोजेक्ट्स में काम करते रहे।
- फिल्म बिरादरी और प्रशंसकों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
अभिनेता के निधन की सूचना मिलते ही बॉलीवुड और मनोरंजन जगत से जुड़ी हस्तियों ने गहरा दुख प्रकट किया है। स्टैंड-अप कॉमेडियन और अभिनेता सुनील पाल ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और लिखा कि सिनेमा ने एक बेहद नेक दिल और मंझा हुआ फनकार खो दिया है। फेडरेशन से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि मुश्ताक खान हमेशा साथी कलाकारों के अधिकारों और सम्मान के पक्षधर रहे।
सोशल मीडिया पर आम दर्शकों ने उनके प्रतिष्ठित दृश्यों और फिल्मों की क्लिप्स साझा करते हुए याद किया कि कैसे उनके किरदारों ने कई पीढ़ियों को हंसाया है। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि मुश्ताक खान जैसे समर्पित चरित्र अभिनेता किसी भी फिल्म के मुख्य आधार स्तंभ होते हैं, जिनके बिना हिंदी सिनेमा की कई कालजयी कहानियां अधूरी रह जातीं।
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