Paracetamol Overdose Warning: सामान्य दर्द की दवा का अनियंत्रित सेवन पड़ा भारी, छात्र के कई अंगों ने काम करना बंद किया; वेंटिलेटर पर पहुंचा मामला

पैरासिटामोल की ओवरडोज से एक छात्र के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया और उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। जानिए इस सामान्य दवा के अत्यधिक सेवन के गंभीर खतरे और सही खुराक के नियम।

Sep 24, 2026 - 15:15
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Paracetamol Overdose Warning: सामान्य दर्द की दवा का अनियंत्रित सेवन पड़ा भारी, छात्र के कई अंगों ने काम करना बंद किया; वेंटिलेटर पर पहुंचा मामला
  • हेल्थ अलर्ट: क्या ज्यादा पैरासिटामोल लेना जानलेवा हो सकता है? ओवरडोज के बाद मल्टी-ऑर्गन फेल्योर की चपेट में आया छात्र
  • बिना डॉक्टरी सलाह पैरासिटामोल खाने से बचें: ओवरडोज के कारण गंभीर स्थिति में पहुंचा छात्र, विशेषज्ञों ने चेताया
  • Paracetamol Side Effects: मामूली बुखार-दर्द की दवा कैसे बन सकती है जानलेवा? लिवर और किडनी फेल्योर के मामलों पर डॉक्टरों की सलाह

नई दिल्ली। बुखार, सिरदर्द या शरीर दर्द में बिना डॉक्टरी पर्चे के आसानी से ली जाने वाली दवा पैरासिटामोल (एसिटामिनोफेन) का अनियंत्रित सेवन कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसका एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक छात्र द्वारा दर्द और अस्वस्थता से त्वरित राहत पाने के चक्कर में पैरासिटामोल की अत्यधिक मात्रा ले ली गई, जिसके परिणामस्वरूप उसके शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों (मल्टी-ऑर्गन) ने काम करना बंद कर दिया। हालत इतनी गंभीर हो गई कि मरीज को तुरंत सघन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा।

चिकित्सकीय निगरानी में लंबे और जटिल उपचार के बाद छात्र की जान तो बचाई जा सकी, लेकिन इस घटना ने दुनिया भर में सामान्य मानी जाने वाली 'ओवर-द-काउंटर' (OTC) दवाओं के अंधाधुंध इस्तेमाल पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अक्सर पैरासिटामोल को पूरी तरह सुरक्षित मान लेते हैं, जबकि इसकी निर्धारित मात्रा से अधिक खुराक शरीर के आंतरिक तंत्र, विशेष रूप से लिवर और किडनी को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है।

  • क्या हुआ था पूरा मामला?

प्राप्त चिकित्सकीय विवरण के अनुसार, छात्र सामान्य शारीरिक अस्वस्थता और दर्द से जूझ रहा था। बार-बार दर्द उभरने पर उसने थोड़े-थोड़े अंतराल पर पैरासिटामोल की कई गोलियों का सेवन कर लिया। कुछ ही घंटों के भीतर उसके शरीर में दवा के विषैले प्रभाव (टॉक्सिसिटी) के लक्षण दिखने शुरू हो गए। मरीज को पहले तेज उल्टी, पेट में गंभीर ऐंठन और अत्यधिक पसीना आने की शिकायत हुई।

परिजनों द्वारा अस्पताल पहुंचाए जाने तक दवा का असर शरीर में पूरी तरह फैल चुका था। रक्त परीक्षण और अन्य जांचों में लिवर एंजाइम का स्तर खतरनाक सीमा से ऊपर पाया गया और गुर्दे (किडनी) ने अपशिष्ट पदार्थों को छानना बंद कर दिया था। सांस लेने में गंभीर तकलीफ और शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालने में असमर्थ होने के कारण डॉक्टरों को आपातकालीन कदम उठाते हुए मरीज को वेंटिलेटर और डायलिसिस जैसी जीवनरक्षक प्रणालियों पर रखना पड़ा।

  • पैरासिटामोल की अधिक खुराक शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाती है?

चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, जब कोई व्यक्ति पैरासिटामोल लेता है, तो उसका अधिकांश हिस्सा लिवर द्वारा सुरक्षित तरीके से मेटाबोलाइज हो जाता है। हालांकि, दवा के चयापचय के दौरान एक विषैला यौगिक भी बनता है जिसे एन-एसिटाइल-पी-बेंजोक्विनोन इमाइन (NAPQI) कहा जाता है।

सामान्य खुराक में, लिवर में मौजूद 'ग्लूटाथियोन' नामक प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट इस विषाक्त यौगिक को हानिरहित बनाकर शरीर से बाहर निकाल देता है। लेकिन जब कोई व्यक्ति सीमा से अधिक दवा ले लेता है:

ग्लूटाथियोन का भंडार खत्म हो जाता है: लिवर में मौजूद सुरक्षात्मक तत्व समाप्त हो जाते हैं।

लिवर की कोशिकाओं का विनाश: अतिरिक्त विषैला तत्व सीधे लिवर की कोशिकाओं पर हमला करता है, जिससे 'एक्यूट लिवर फेल्योर' (तीव्र यकृत विफलता) की स्थिति बन जाती है।

किडनी और अन्य अंगों पर असर: लिवर खराब होने के कारण रक्त में विषाक्त पदार्थों की मात्रा अनियंत्रित हो जाती है, जिससे किडनी फेल्योर, एसिडोसिस (रक्त में एसिड का बढ़ना) और अंततः मल्टी-ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम (MODS) हो जाता है।

  • सुरक्षित खुराक की सीमा क्या है?

अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों के मुताबिक, किसी भी वयस्क के लिए पैरासिटामोल की अधिकतम दैनिक सीमा निर्धारित होती है:

वयस्कों के लिए: 24 घंटे की अवधि में किसी भी परिस्थिति में 4,000 मिलीग्राम (यानी 500 मिलीग्राम की अधिकतम 8 गोलियां या 650 मिलीग्राम की अधिकतम 6 गोलियां) से अधिक का सेवन नहीं करना चाहिए।

दो खुराकों के बीच अंतराल: प्रत्येक खुराक के बीच कम से कम 4 से 6 घंटे का अंतर होना अनिवार्य है।

बच्चों के लिए: बच्चों में खुराक उम्र से अधिक उनके शरीर के वजन (प्रति किलोग्राम 10-15 मिलीग्राम प्रति खुराक) के अनुसार तय की जाती है, जिसे केवल बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह पर ही दिया जाना चाहिए।

पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए: जिन लोगों को पहले से लिवर, किडनी की समस्या है या जो नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं, उनके लिए सुरक्षित सीमा और भी कम हो जाती है।

  • सेल्फ-मेडिकेशन की आदत बन रही है खतरा?

इस मामले ने उस व्यापक सामाजिक प्रवृत्ति को भी उजागर किया है, जहां लोग अस्पताल जाने या डॉक्टर से मिलने से बचने के लिए खुद ही मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदकर खाने लगते हैं। कई बार सर्दी-जुकाम के लिए उपलब्ध कफ सिरप, एलर्जी की गोलियों और दर्द निवारक दवाओं में पहले से ही पैरासिटामोल शामिल होता है। जब मरीज अलग से भी पैरासिटामोल की गोली ले लेता है, तो अनजाने में 'डबल डोजिंग' हो जाती है, जो विषाक्तता का कारण बनती है। डॉक्टरों की स्पष्ट सलाह है कि बुखार या हल्का दर्द शरीर का एक सुरक्षात्मक संकेत होता है। यदि दवा लेने के 48 घंटों के भीतर राहत न मिले, तो दवा की मात्रा बढ़ाने के बजाय तुरंत योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। किसी भी दवा की अधिकता शरीर के नाजुक संतुलन को मिनटों में तहस-नहस कर सकती है।

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