CM Hemant Soren Resignation Demand: हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग पर अड़े BJP विधायक, CM आवास की सड़क पर दिया धरना

Jharkhand BJP Protest: JPSC और JSSC भर्ती धांधली के खिलाफ बीजेपी विधायकों ने रांची में सीएम आवास के बाहर धरना दिया। बाबूलाल मरांडी समेत कई नेता पुलिस हिरासत में।

Aug 10, 2026 - 12:30
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CM Hemant Soren Resignation Demand: हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग पर अड़े BJP विधायक, CM आवास की सड़क पर दिया धरना
BJP MLAs Protest Outside CM Residence
  • Jharkhand BJP Protest Ranchi: JPSC-JSSC धांधली पर उग्र हुई बीजेपी, मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे 21 विधायक, बाबूलाल मरांडी हिरासत में
  • झारखंड में सियासी भूचाल! JPSC-JSSC धांधली पर सीएम आवास के बाहर सड़क पर बैठे बीजेपी विधायक, पुलिस ने बाबूलाल मरांडी समेत नेताओं को लिया कस्टडी में
  • Jharkhand Politics: सीएम हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग को लेकर बीजेपी विधायकों का सड़क पर धरना, बाबूलाल मरांडी समेत कई नेता हिरासत में

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और कथित पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीति अपने चरम पर पहुंच गई है। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके आधिकारिक आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। 10 अगस्त 2026 को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रकाश साहू के नेतृत्व में 21 विधायकों सहित दर्जनों पार्टी नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास जाने वाली मुख्य सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती धांधली की सीबीआई जांच कराने तथा मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। स्थिति को देखते हुए रांची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बाबूलाल मरांडी सहित लगभग 50 बीजेपी नेताओं और विधायकों को हिरासत में ले लिया।


झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में कथित धांधली, धांधली के आरोपों और सीबीआई जांच की मांग को लेकर राज्य में सियासी संग्राम छिड़ गया है। एक तरफ जहां हजारों अभ्यर्थी 18 दिनों से रांची की सड़कों पर आंदोलनरत हैं, वहीं अब विपक्षी भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से मैदान में उतर आई है। बीजेपी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की और सीएम आवास के बाहर सड़क पर धरना शुरू कर दिया।

सोमवार सुबह रांची में बीजेपी प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसके तुरंत बाद पार्टी का प्रतिनिधिमंडल नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रकाश साहू, हतिया विधायक नवीन जायसवाल और रांची विधायक सी.पी. सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास के लिए रवाना हुआ। हालांकि, सुरक्षा बलों द्वारा आवास की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दिए जाने के बाद बीजेपी नेता सड़क पर ही चटाई बिछाकर धरने पर बैठ गए।

धरने के दौरान बीजेपी नेताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्टी का कहना है कि 18 दिनों से बारिश के बीच सड़कों पर बैठे हजारों युवाओं की सुध लेने के बजाय सरकार उनके आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेताओं ने मांग की कि विवादित JSSC CGL परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और पूरी पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित करने के लिए जांच का जिम्मा सीबीआई (CBI) को सौंपा जाए। हंगामा बढ़ता देख पुलिस प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त बल बुलाकर बाबूलाल मरांडी, आदित्य प्रकाश साहू और 21 विधायकों समेत करीब 50 पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर बस से पुलिस लाइन भेज दिया।

हिरासत में लिए जाने के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि झारखंड का युवा सड़कों पर न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन हेमंत सोरेन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय लाठियों और बैरिकेडिंग के दम पर दमन कर रही है। भर्ती परीक्षाओं में नौकरियों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और सीबीआई जांच का आदेश नहीं होता, बीजेपी का प्रदर्शन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने पलटवार करते हुए बीजेपी पर आंदोलन को भड़काने और राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया है। सरकार का कहना है कि पुलिस और जांच एजेंसियां पूरी निष्ठा से काम कर रही हैं, कई गिरफ्तारियां भी की गई हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद सख्त फैसले लिए जाएंगे। सरकार ने दावा किया कि युवाओं के हित में सभी पारदर्शी कदम उठाए जा रहे हैं और विपक्ष सिर्फ माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है।

बीजेपी के इस अचानक हुए सड़क प्रदर्शन और प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी के बाद राजधानी रांची का राजनीतिक तापमान बेहद गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री आवास और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। इस घटनाक्रम का सीधा असर छात्रों के आंदोलन पर भी पड़ा है, जिससे युवाओं का मुद्दा अब सीधे तौर पर सरकार बनाम विपक्ष की राजनीतिक लड़ाई का रूप ले चुका है। राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई है और सुरक्षा बल फ्लैग मार्च कर रहे हैं। विधानसभा सत्र के शुरू होने से ठीक पहले हुए इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का असर सदन के अंदर भी देखने को मिल सकता है। विपक्षी दल बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वे इस मुद्दे को विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह पूरी ताकत से उठाएंगे। अगर सरकार सीबीआई जांच की मांग पर कोई लिखित आश्वासन नहीं देती है, तो आने वाले दिनों में बीजेपी राज्यव्यापी आंदोलन का रोडमैप तैयार कर सकती है।

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