Maruti Baleno CNG AMT Launch: मारुति सुजुकी ने पेश किया बलेनो सीएनजी ऑटोमैटिक, डेल्टा और जेटा वेरिएंट में मिलेगा नया विकल्प
मारुति सुजुकी ने बलेनो सीएनजी को ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन (AMT) के साथ पेश किया है। यह नया विकल्प डेल्टा और जेटा वेरिएंट में उपलब्ध कराया गया है।

- ऑटोमोबाइल बाजार में मारुति का बड़ा दांव: अब Baleno CNG में भी मिलेगा AMT गियरबॉक्स, क्लच के झंझट से मिलेगी मुक्ति
- Baleno S-CNG AMT: प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में ऑटोमैटिक सीएनजी का विस्तार, माइलेज और आराम दोनों का संतुलन
- मारुति बलेनो सीएनजी अब ऑटोमैटिक अवतार में उपलब्ध: डेल्टा और जेटा ट्रिम्स में नया पावरट्रेन, जानिए क्या बदला
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने अपनी लोकप्रिय प्रीमियम हैचबैक बलेनो के सीएनजी लाइनअप में बड़ा तकनीकी विस्तार किया है। कंपनी ने बलेनो एस-सीएनजी (S-CNG) के साथ ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन (एएमटी) का विकल्प बाजार में पेश कर दिया है। अब तक फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी किट वाली बलेनो केवल 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ ही उपलब्ध थी। इस नए पावरट्रेन विकल्प को मौजूदा मॉडल की तरह ही डेल्टा (Delta) और जेटा (Zeta) वेरिएंट्स में उतारा गया है।
भारतीय कार बाजार में बढ़ते ट्रैफिक और भारी जाम की स्थिति को देखते हुए ऑटोमैटिक कारों की मांग तेजी से बढ़ी है। दूसरी तरफ, महंगे पेट्रोल और डीजल के बीच सीएनजी को कम परिचालन लागत (रनिंग कॉस्ट) के चलते प्राथमिकता दी जाती है। मारुति सुजुकी द्वारा सीएनजी में एएमटी पेश करने से उन शहरी ग्राहकों को सीधा विकल्प मिलेगा, जो ईंधन की बचत के साथ-साथ क्लच-फ्री ड्राइविंग का आराम भी चाहते हैं।
केवल डेल्टा और जेटा ट्रिम्स में रहेगा विकल्प
मारुति सुजुकी ने अपनी उत्पाद रणनीति के तहत इस नए एएमटी ट्रांसमिशन को बलेनो सीएनजी के मध्यवर्ती वेरिएंट्स में सीमित रखा है। जिस तरह मैनुअल सीएनजी केवल डेल्टा और जेटा में उपलब्ध है, ठीक उसी व्यवस्था को ऑटोमैटिक के साथ भी जारी रखा गया है:
डेल्टा सीएनजी एएमटी: यह वेरिएंट उन ग्राहकों के लिए एक किफायती विकल्प बनता है जो बजट के भीतर ऑटोमैटिक सीएनजी कार चाहते हैं। इसमें बुनियादी सुरक्षा फीचर्स, ऑडियो सिस्टम, स्टीयरिंग माउंटेड कंट्रोल्स और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल जैसे आवश्यक फीचर्स मिलते हैं।
जेटा सीएनजी एएमटी: यह अपेक्षाकृत प्रीमियम फीचर्स पसंद करने वाले खरीदारों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें 7-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, स्मार्टप्ले प्रो कनेक्टिविटी, अलॉय व्हील्स, पुश-बटन स्टार्ट-स्टॉप, रियर एसी वेंट्स और 6 एयरबैग्स जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
कंपनी ने शुरुआती बेस वेरिएंट 'सिग्मा' और टॉप-एंड 'अल्फा' ट्रिम में सीएनजी विकल्प न देने की अपनी पुरानी नीति को इस बार भी बरकरार रखा है।
इंजन और तकनीकी विनिर्देश
तकनीकी नजरिए से देखें तो बलेनो सीएनजी एएमटी में परिचित 1.2-लीटर, 4-सिलेंडर, के-सीरीज डुअलजेट, डुअल वीवीटी पेट्रोल इंजन दिया गया है।
जब यह वाहन पेट्रोल मोड पर काम करता है, तो यह इंजन लगभग 88.5 बीएचपी (bhp) की पावर और 113 एनएम (Nm) का पीक टॉर्क जनरेट करता है। वहीं, सीएनजी मोड में जाने पर इसका पावर आउटपुट लगभग 76.4 बीएचपी और टॉर्क 98.5 एनएम रहता है। इस इंजन के साथ 5-स्पीड ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन (एजीएस/एएमटी) को ट्यून किया गया है, जो बिना क्लच दबाए गियर बदलने की सुविधा देता है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर ड्राइवर इसे मैनुअल मोड में डालकर अपनी पसंद से भी गियर अप या डाउन कर सकते हैं।
सीएनजी किट के साथ आने वाली यह कार मारुति के प्रमाणित सुरक्षा मानकों जैसे इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), हिल-होल्ड असिस्ट, एबीएस के साथ ईबीडी और डुअल इंटरडिपेंडेंट ईसीयू (ECU) सेटअप के साथ आती है, जिससे गैस रिसाव की स्थिति में ईंधन आपूर्ति तुरंत स्वतः कट जाती है।
ईंधन दक्षता और शहरी ड्राइविंग पर प्रभाव
बलेनो के मैनुअल सीएनजी वेरिएंट का प्रमाणित माइलेज 30.61 किमी प्रति किलोग्राम के आसपास रहा है। ऑटोमोबाइल जानकारों का मानना है कि मारुति की आधुनिक एएमटी तकनीक ईंधन की खपत को काफी हद तक मैनुअल के करीब बनाए रखने में सक्षम है। ऐसे में बलेनो सीएनजी एएमटी का वास्तविक माइलेज भी शहरी और हाईवे स्थितियों में काफी प्रभावशाली रहने की उम्मीद है।
शहरों में रोजाना 40 से 60 किलोमीटर की दूरी तय करने वाले कामकाजी पेशेवरों और परिवारों के लिए यह मॉडल एक व्यावहारिक समाधान के रूप में उभरता है। मैनुअल गियरबॉक्स में बार-बार क्लच दबाने और ट्रैफिक में पैर थकने की जो परेशानी होती थी, एएमटी विकल्प से वह झंझट खत्म हो जाएगा। वहीं, इलेक्ट्रिक कारों की तुलना में यह तत्काल रिफ्यूलिंग और स्थापित सीएनजी पंप नेटवर्क का लाभ भी प्रदान करती है।
प्रीमियम हैचबैक और कॉम्पैक्ट हैचबैक सेगमेंट में ऑटोमैटिक सीएनजी की मांग काफी समय से महसूस की जा रही थी। हाल के समय में टाटा मोटर्स ने अपनी टियागो और टिगोर के सीएनजी मॉडल्स में एएमटी ट्रांसमिशन पेश करके इस सेगमेंट में पहली बढ़त बनाई थी। मारुति सुजुकी ने अब बलेनो के जरिए प्रीमियम हैचबैक श्रेणी में अपनी स्थिति को मजबूत किया है।
ऑटोमोबाइल उद्योग के विश्लेषकों का आकलन है कि बलेनो सीएनजी एएमटी के आने से मारुति की बिक्री में सीएनजी का योगदान और अधिक बढ़ेगा। साथ ही यह कदम निकट भविष्य में टोयोटा ग्लैंजा (Toyota Glanza) में भी इसी तरह के सीएनजी ऑटोमैटिक पावरट्रेन आने का मार्ग प्रशस्त करता है, क्योंकि दोनों गाड़ियां एक ही प्लेटफॉर्म और पावरट्रेन साझा करती हैं।
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