Ghaziabad News: इंदिरापुरम में बनेंगे नए आशियाने, GDA बोर्ड ने शक्तिखंड-4 के कमर्शियल प्लॉट को ग्रुप हाउसिंग में बदला

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) बोर्ड ने इंदिरापुरम के शक्तिखंड-4 स्थित 5,965 वर्ग मीटर कमर्शियल व होटल भूखंड का भू-उपयोग बदलकर ग्रुप हाउसिंग (आवासीय) करने को मंजूरी दी है।

Sep 25, 2026 - 12:16
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Ghaziabad News: इंदिरापुरम में बनेंगे नए आशियाने, GDA बोर्ड ने शक्तिखंड-4 के कमर्शियल प्लॉट को ग्रुप हाउसिंग में बदला
  • Indirapuram GDA Housing: शक्तिखंड में 5,965 वर्ग मीटर जमीन का भू-उपयोग बदला, आवासीय फ्लैट्स के लिए बोर्ड की हरी झंडी
  • गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का बड़ा फैसला: इंदिरापुरम में होटल-कमर्शियल भूखंड अब बना रेजिडेंशियल, नए घरों का रास्ता साफ
  • GDA Board Meeting: प्राइम लोकेशन इंदिरापुरम में बढ़ेगी फ्लैटों की संख्या, शक्तिखंड-4 में ग्रुप हाउसिंग योजना को मिली मंजूरी

गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के सबसे पसंदीदा और पॉश आवासीय इलाकों में शुमार इंदिरापुरम में घर का सपना देख रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 174वीं बोर्ड बैठक में एक बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए इंदिरापुरम के शक्तिखंड-4 स्थित एक बड़े वाणिज्यिक भूखंड का भू-उपयोग (लैंड-यूज) बदलकर आवासीय (ग्रुप हाउसिंग) करने के प्रस्ताव को आधिकारिक स्वीकृति दे दी गई है। इस निर्णय के लागू होने के बाद अब इस प्राइम लोकेशन पर बहुमंजिला आवासीय परियोजना विकसित की जा सकेगी, जिससे क्षेत्र में नए फ्लैट्स और आवासों की उपलब्धता का रास्ता साफ हो गया है।

मेरठ मंडलायुक्त और जीडीए अध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में गाजियाबाद के समग्र शहरी विकास, नई टाउनशिप और आवासीय जरूरतों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में गाजियाबाद के जिलाधिकारी, जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। बोर्ड के समक्ष प्रमुख रूप से यह तथ्य रखा गया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से सीधी कनेक्टिविटी होने के कारण इंदिरापुरम में आवासीय इकाइयों की मांग लगातार बढ़ रही है, जबकि यहां नई परियोजनाओं के लिए खाली जमीन की भारी कमी है।

  • शक्तिखंड-4 में किस जमीन का बदला गया लैंड-यूज?

जीडीए के अधिकारियों द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, इंदिरापुरम के शक्तिखंड-4 में स्थित भूखंड संख्या एसके-IV/01 (होटल प्लॉट) कुल 5,965.29 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। मास्टर प्लान और पूर्व लेआउट में यह जमीन होटल तथा वाणिज्यिक उपयोग के लिए आरक्षित रखी गई थी।

उत्तर प्रदेश कैबिनेट के वर्तमान नियमों के तहत विकास प्राधिकरणों को 6,000 वर्ग मीटर तक के भूखंडों के भू-उपयोग में स्थानीय जरूरतों के आधार पर बदलाव करने का अधिकार प्राप्त है। इसी व्यवस्था का उपयोग करते हुए जीडीए बोर्ड ने इस 5,965.29 वर्ग मीटर के भूखंड को 'होटल/कमर्शियल' श्रेणी से हटाकर 'रेजिडेंशियल ग्रुप हाउसिंग' श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया। इस बदलाव के साथ ही योजना के तलपट मानचित्र (लेआउट प्लान) में आवश्यक संशोधनों को भी अनुमति मिल गई है।

  • इंदिरापुरम में क्यों जरूरी था आवासीय विस्तार?

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, सीआईएसएफ रोड और वैशाली-कौशांबी मेट्रो से सीधे जुड़े होने के चलते इंदिरापुरम दिल्ली-एनसीआर के कामकाजी वर्ग के लिए रिहायश की पहली पसंद रहा है। हालांकि, पिछले एक दशक में इंदिरापुरम लगभग पूरी तरह से विकसित और संतृप्त (सेचुरेटेड) हो चुका है। यहां नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए प्राधिकरण के पास जमीन उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण रीसेल मार्केट में फ्लैटों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।

वाणिज्यिक श्रेणी में लंबे समय से अप्रयुक्त पड़े इस भूखंड को ग्रुप हाउसिंग में बदलने से:

क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से लैस बहुमंजिला आवासीय टावर बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

मध्यम और उच्च-मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए प्रीमियम लोकेशन पर नए फ्लैट खरीदने के अवसर पैदा होंगे।

प्राधिकरण को इस भूखंड के प्रीमियम आवंटन या ई-नीलामी से करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होगा, जिसका इस्तेमाल शहर के बुनियादी ढांचे को सुधारने में किया जाएगा।

जीडीए बोर्ड बैठक में अन्य आवासीय व खेल योजनाओं को भी हरी झंडी

174वीं बोर्ड बैठक में केवल इंदिरापुरम ही नहीं, बल्कि गाजियाबाद के अन्य सेक्टरों के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:

हरनंदीपुरम ग्रीन टाउनशिप: प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम योजना के प्रथम चरण के लेआउट और जमीन के भू-उपयोग परिवर्तन को गति दी गई, जिससे हजारों नए आवासीय भूखंड और ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों का विकास होगा।

इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम: उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के साथ मिलकर बनने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए लैंड पूलिंग, ड्राफ्ट एमओयू और फिजिबिलिटी रिपोर्ट को मंजूरी प्रदान की गई।

कोयल एन्क्लेव और इंद्रप्रस्थ: कोयल एन्क्लेव के दो ग्रुप हाउसिंग भूखंडों (12,868 वर्ग मीटर और 2,020 वर्ग मीटर) तथा इंद्रप्रस्थ के 4,353 वर्ग मीटर भूखंड को आवश्यकतानुसार प्लाटेड डेवलपमेंट में बदलने की अनुमति दी गई, ताकि एकल और बहुमंजिला निर्माण संभव हो सके।

टाउनशिप विस्तार: सनसिटी टाउनशिप के प्रथम चरण और शाहपुर बम्हेटा स्थित सनराइज ग्रीन टाउनशिप की संशोधित डीपीआर को भी हरी झंडी मिली।

  • अब आगे क्या होगी प्रक्रिया?

बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद जीडीए का नियोजन और संपत्ति विभाग संशोधित लेआउट के अनुसार इस भूखंड के विकास व ई-नीलामी की औपचारिक रूपरेखा तैयार करेगा। इसके बाद निर्धारित नियम व शर्तों के तहत बिल्डर या विकासकर्ता को यह जमीन आवंटित की जाएगी, जो तय समयसीमा के भीतर नक्शा पास कराकर ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू कर सकेंगे।

प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि शहर में अनियोजित विकास पर रोक लगाने और नागरिकों को सुनियोजित सोसायटियों में बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए उपयोगिता के आधार पर ऐसे भूखंडों का पुनर्वर्गीकरण समय की जरूरत है। इंदिरापुरम के इस फैसले से आगामी महीनों में स्थानीय रियल एस्टेट बाजार में सकारात्मक हलचल देखने को मिल सकती है।

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