Malaysia Job Advisory: मलेशिया में नौकरी तलाश रहे भारतीयों के लिए उच्चायोग की सख्त चेतावनी, टूरिस्ट वीजा पर काम करने पर जेल

मलेशिया में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़े को लेकर भारतीय उच्चायोग ने सख्त एडवाइजरी जारी की है। टूरिस्ट वीजा पर नौकरी ढूंढने वालों को जेल, जुर्माना व डिपोर्टेशन की चेतावनी दी गई है।

Sep 22, 2026 - 10:54
 0  1
Malaysia Job Advisory: मलेशिया में नौकरी तलाश रहे भारतीयों के लिए उच्चायोग की सख्त चेतावनी, टूरिस्ट वीजा पर काम करने पर जेल

कुआलालंपुर/नई दिल्ली। रोजगार की तलाश में दक्षिण-पूर्व एशियाई देश मलेशिया जाने की योजना बना रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और सतर्क करने वाली आधिकारिक जानकारी सामने आई है। कुआलालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग (High Commission of India, Kuala Lumpur) ने मलेशिया में नौकरी पाने के नाम पर सक्रिय अवैध एजेंटों, मानव तस्करी सिंडिकेट्स और फर्जी रिक्रूटमेंट नेटवर्क्स से सावधान रहने के लिए एक विस्तृत परामर्श (कंसुलर एडवाइजरी) जारी की है। उच्चायोग ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि विजिटर अथवा टूरिस्ट वीजा (पर्यटक वीजा) पर मलेशिया पहुंचकर रोजगार तलाशना या काम करना स्थानीय कानूनों के तहत एक गंभीर आपराधिक कृत्य है।

भारतीय मिशन के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जहां पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और तेलंगाना समेत देश के विभिन्न राज्यों से युवाओं को लुभावने वेतन और शानदार नौकरियों का झांसा देकर टूरिस्ट वीजा अथवा 'ई-वीजा' पर मलेशिया भेजा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर इन भोले-भाले कामगारों से यह झूठा वादा किया जाता है कि वहां पहुंचने के बाद उनके पर्यटक वीजा को 'एम्प्लॉयमेंट पास' या वैध वर्क परमिट में तब्दील करा दिया जाएगा। उच्चायोग ने साफ कर दिया है कि मलेशियाई आव्रजन कानूनों में ऐसा कोई कानूनी प्रावधान मौजूद नहीं है।

टूरिस्ट वीजा पर काम करना गैरकानूनी, होगी जेल और डिपोर्टेशन

भारतीय उच्चायोग द्वारा जारी आधिकारिक परामर्श में कहा गया है कि मलेशियाई आव्रजन अधिनियम (Malaysian Immigration Act) बेहद कड़े नियमों पर आधारित है। यदि कोई विदेशी नागरिक विजिट पास (सोशल), टूरिस्ट वीजा या वीजा-मुक्त प्रवेश सुविधा का दुरुपयोग करते हुए किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि, मजदूरी, दुकानदारी या कॉर्पोरेट कार्य में संलग्न पाया जाता है, तो उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाता है।

मलेशिया में अवैध रूप से काम करने या वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी रुकने (ओवरस्टे) के मामलों में भारी वित्तीय जुर्माना, लंबी कैद की सजा, बेंत मारने (कैनिंग) का शारीरिक दंड और ब्लैकलिस्ट करके देश से निष्कासित (डिपोर्ट) करने का विधिक प्रावधान है। डिपोर्ट होने के बाद व्यक्ति के पासपोर्ट पर स्थायी रूप से प्रतिबंध का ठप्पा लगा दिया जाता है, जिससे वह भविष्य में कई अन्य देशों की यात्रा के लिए भी अयोग्य हो जाता है।

फर्जी एजेंटों का खतरनाक जाल और डिजिटल फ्रॉड

हालिया वर्षों में मलेशिया और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसे गिरोह सक्रिय हुए हैं जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए रेस्टोरेंट वर्कर, सिक्योरिटी गार्ड, मॉल हेल्पर, आईटी ऑपरेटर और डेटा एंट्री एग्जीक्यूटिव की फर्जी वेकेंसी विज्ञापित करते हैं।

एजेंट्स उम्मीदवारों से 2 लाख से 5 लाख रुपये तक की भारी रकम वसूल लेते हैं। जब युवा मलेशिया के हवाई अड्डे पर पहुंचते हैं, तो वहां से उन्हें किसी दूरदराज के इलाके, कारखाने या अवैध कॉल सेंटर्स में ले जाया जाता है। वहां उनके पासपोर्ट और मोबाइल फोन छीन लिए जाते हैं और उन्हें बंधक जैसी परिस्थितियों में काम करने के लिए विवश किया जाता है। कई मामलों में भारतीय युवाओं को अवैध ऑनलाइन गेमिंग और साइबर फ्रॉड करने वाले सिंडिकेट्स के हाथों बेच दिया जाता है, जहां से निकलना लगभग असंभव हो जाता है।

ई-माइग्रेट पोर्टल और वैध प्रक्रिया का पालन अनिवार्य

भारतीय उच्चायोग ने विदेशों में रोजगार तलाश रहे भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा स्थापित आधिकारिक 'ई-माइग्रेट' (e-Migrate) प्रणाली का ही उपयोग करें।

उच्चायोग ने प्रमुख सुरक्षा मानक रेखांकित किए हैं:

  1. पंजीकृत भर्ती एजेंसियां: केवल विदेश मंत्रालय से विधिवत लाइसेंस प्राप्त और पंजीकृत रिक्रूटमेंट एजेंटों (Registered Recruitment Agents) के माध्यम से ही विदेशों में नौकरी के लिए आवेदन करें।

  2. वैध वर्क परमिट: भारत छोड़ने से पहले आपके हाथ में मलेशियाई सरकार द्वारा जारी आधिकारिक 'एम्प्लॉयमेंट पास' (Employment Pass) या वैध 'वर्क वीजा' (विथ इमिग्रेशन अप्रूवल) होना चाहिए।

  3. रोजगार अनुबंध: कंपनी का लेटरहेड, जॉब रोल, कार्य घंटे, वेतन, चिकित्सा बीमा और आवास की शर्तों वाला हस्ताक्षरित अनुबंध पहले से सत्यापित करें।

  4. ईसीआर पासपोर्ट धारक: इमिग्रेशन चेक रिक्वायर्ड (ECR) श्रेणी के पासपोर्ट धारकों के लिए ई-माइग्रेट पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण और अनापत्ति प्रमाण पत्र आवश्यक है।

संकट में फंसे नागरिक कैसे करें भारतीय मिशन से संपर्क?

कुआलालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग ने आश्वासन दिया है कि वह अपने नागरिकों के विधिक अधिकारों और कल्याण की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। यदि कोई भारतीय नागरिक मलेशिया में किसी फर्जी एजेंट के चंगुल में फंस गया है या उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है, तो वह तत्काल उच्चायोग के लेबर विंग और कांसुलर हेल्पलाइन से संपर्क कर सकता है।

उच्चायोग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना जांच-परख किए किसी अज्ञात खाते में पैसे ट्रांसफर न करें और 'टूरिस्ट वीजा पर तुरंत नौकरी' जैसे भ्रामक दावों को सिरे से खारिज करें। सतर्कता और वैध कानूनी प्रक्रियाओं का पालन ही विदेशी धरती पर सुरक्षित भविष्य की एकमात्र गारंटी है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow