Delhi NCR Arms Smuggling: कूरियर के जरिए गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़, 10 असलहे बरामद
Delhi Crime: कूरियर पार्सल के जरिए दिल्ली-NCR के गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश। स्पेशल सेल ने 10 अवैध असलहे बरामद किए।

- Delhi Police Special Cell: कूरियर पार्सल में छुपाकर दिल्ली-NCR में भेजते थे अवैध हथियार, स्पेशल सेल ने 10 असलहों के साथ दबोचा
- कूरियर पार्सल से गैंगस्टरों तक पहुंच रहे थे हथियार, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 10 असलहों के साथ सप्लायरों को पकड़ा
- Delhi Crime News: कूरियर सेवा के जरिए अवैध हथियार तस्करी का बड़ा खुलासा, स्पेशल सेल ने 10 असलहों के साथ आरोपियों को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कूरियर सेवाओं का दुरुपयोग कर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सक्रिय गैंगस्टरों तक अवैध हथियार पहुंचाने वाले एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने एक खुफिया इनपुट के आधार पर जाल बिछाकर आरोपियों को हिरासत में लिया और उनके कब्जे से 10 अवैध असलहे बरामद किए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी नियमित कूरियर पार्सल में घरेलू या इलेक्ट्रॉनिक सामान की आड़ में इन अत्याधुनिक हथियारों को पैक कर दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न गिरोहों तक भेजते थे ताकि राजमार्गों पर पुलिस चेकिंग से बचा जा सके। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर नेटवर्क के अन्य संपर्कों की धरपकड़ के लिए अभियान तेज कर दिया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में संगठित अपराध से जुड़े गिरोहों को हथियार मुहैया कराने वाले एक नए और खतरनाक मॉड्यूल का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए उन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जो सामान्य कूरियर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के जरिए हथियारों की तस्करी कर रहे थे। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 10 परिष्कृत अवैध असलहे बरामद किए गए हैं, जिन्हें स्थानीय गैंगस्टरों को डिलीवर किया जाना था।
राजधानी और सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही गैंगवार की घटनाओं और जबरन वसूली के मामलों की जांच के दौरान स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि हथियार आपूर्तिकर्ता पारंपरिक सड़क मार्गों के बजाय अब कमर्शियल कूरियर सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस इनपुट को विकसित करते हुए पुलिस की एक विशेष टीम ने लॉजिस्टिक्स हब और संदिग्ध पार्सल डिलीवरी रूट्स पर निगरानी बढ़ाई।
जैसे ही इस सिंडिकेट से जुड़े संदिग्धों ने हथियारों की एक नई खेप कूरियर के जरिए प्राप्त कर आगे पहुंचाने की कोशिश की, पहले से मुस्तैद स्पेशल सेल की टीम ने उन्हें घेरकर दबोच लिया। मौके पर की गई जांच में पार्सल के अंदर विशेष पैकिंग सामग्री में छिपाकर रखे गए 10 अवैध हथियार बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि पार्सल पर फर्जी पते और फर्जी नाम दर्ज किए जाते थे ताकि डिलीवरी के समय किसी का असली रिकॉर्ड सामने न आ सके।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर फैला हुआ है और मध्य भारत या अन्य विनिर्माण क्षेत्रों से हथियार मंगवाकर एनसीआर के स्थानीय गुर्गों तक पहुंचाता था। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निजी कूरियर कंपनियों के सुरक्षा प्रोटोकॉल और स्कैनर जांच प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा जांच में यह चूक कैसे हुई। वहीं सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिलीवरी सेवाओं में मेटल डिटेक्टर्स और एक्स-रे स्कैनिंग की कड़ाई से मॉनिटरिंग न होना इस तरह की तस्करी को बढ़ावा देता है।
इस कार्रवाई से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय कई आपराधिक गिरोहों के हथियार आपूर्ति नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। त्योहारों और संवेदनशील अवसरों से पहले हथियारों की यह बड़ी खेप पकड़े जाने से कई संभावित गंभीर अपराधों और गैंगवार की साजिशों को टालने में मदद मिली है। इसके साथ ही, राजधानी में काम करने वाली सभी निजी कूरियर और पार्सल कंपनियों के लिए पार्सल बुकिंग के समय पहचान पत्र सत्यापन और आंतरिक सुरक्षा जांच को अनिवार्य करने पर विचार शुरू हो गया है।
स्पेशल सेल ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपियों की रिमांड हासिल कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन हथियारों की अंतिम डिलीवरी किन गैंगस्टरों या उनके गुर्गों को की जानी थी। इसके अतिरिक्त, जिस स्रोत से ये हथियार भेजे गए थे, उस सप्लायर की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अंतरराज्यीय पुलिस टीमों को रवाना किया जा रहा है।
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