दरभंगा के हरिनगर गांव में 210 ब्राह्मणों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज पैसे के लेन-देन और भूमि विवाद में पूरे समाज को आरोपी बनाया गया।
बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में पैसे के लेन-देन और भूमि विवाद को लेकर एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर
- हरिनगर गांव के सभी ब्राह्मण परिवारों पर सामूहिक हमले का आरोप अशर्फी पासवान ने एफआईआर दर्ज कराई जिसमें गांव से दूर रहने वाले भी शामिल
- दरभंगा कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र में ब्राह्मण समाज के 210 लोगों पर एससी-एसटी एक्ट लगाया गया 70 नामजद और 140 अज्ञात आरोपी
बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में पैसे के लेन-देन और भूमि विवाद को लेकर एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें गांव के सभी 210 ब्राह्मणों को आरोपी बनाया गया है। एफआईआर में 70 ब्राह्मणों को नामजद किया गया है जबकि लगभग 140 से 150 अज्ञात ब्राह्मणों को भी आरोपी बनाया गया है। इन अज्ञात आरोपी में वे ब्राह्मण भी शामिल हैं जो गांव में नहीं रहते और अन्य राज्यों या शहरों में नौकरी या मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। विवाद की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई जब अशर्फी पासवान के भाई कैलाश पासवान ने हेमंत झा के लिए मकान निर्माण का कार्य किया था। इस काम के बदले में लगभग ढाई लाख रुपये तय हुए थे जो अब तक नहीं दिए गए हैं। 31 जनवरी की रात में बकाया राशि की मांग को लेकर झड़प हुई जिसमें अशर्फी पासवान के घर पर हमला हुआ और परिवार के सदस्यों को चोटें आईं। एफआईआर में आरोप है कि ब्राह्मण समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से हमला किया और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत अपराध किया। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गांव में तनाव का माहौल है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
- विवाद की शुरुआत और घटना का पूरा क्रम
वर्ष 2015 में कैलाश पासवान ने हरिनगर गांव के हेमंत झा के लिए मकान का निर्माण कार्य किया था। इस काम के लिए लगभग ढाई लाख रुपये तय हुए थे। बकाया राशि की मांग कई बार की गई लेकिन भुगतान नहीं हुआ। 31 जनवरी की रात में बकाया राशि की मांग को लेकर हेमंत झा, श्रीनाथ झा, पंकज झा, ओमप्रकाश झा, सुमित झा और अन्य लोगों के साथ झड़प हुई। इस झड़प में अशर्फी पासवान के घर पर हमला हुआ। हमले में परिवार के सदस्य घायल हुए जिसमें महिलाएं और एक बच्ची भी शामिल हैं। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि ब्राह्मण समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से हमला किया। गांव के सभी 210 ब्राह्मणों को इस सामूहिक हमले का आरोपी बनाया गया है।
- एफआईआर में नामजद और अज्ञात आरोपी
एफआईआर में 70 ब्राह्मणों को नामजद किया गया है। इन नामजद लोगों में हेमंत झा, श्रीनाथ झा, पंकज झा, ओमप्रकाश झा और सुमित झा शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 140 से 150 अज्ञात ब्राह्मणों को आरोपी बनाया गया है। कुल मिलाकर गांव के सभी 210 ब्राह्मणों को आरोपी बनाया गया है। इन अज्ञात आरोपी में वे ब्राह्मण भी शामिल हैं जो गांव में नहीं रहते बल्कि दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों में नौकरी या मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। एफआईआर में पूरे ब्राह्मण समाज को सामूहिक रूप से हमले का जिम्मेदार ठहराया गया है।
- कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र की स्थिति और पुलिस कार्रवाई
कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र में यह एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं लेकिन गांव में तनाव बना हुआ है। एफआईआर में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने घायलों का मेडिकल कराया है। जांच में यह पाया गया कि झड़प बकाया राशि की मांग से शुरू हुई थी।
- अशर्फी पासवान की शिकायत और आरोपों का विवरण
अशर्फी पासवान ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि ब्राह्मण समाज के लोगों ने उनके घर पर सामूहिक हमला किया। हमले में परिवार के सदस्य घायल हुए। एफआईआर में आरोप है कि हमले में जातिगत आधार पर अपमान और हिंसा की गई। पूरे ब्राह्मण समाज को सामूहिक रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है। शिकायत में 70 नामजद और 150 अज्ञात ब्राह्मणों का जिक्र है।
- गांव के ब्राह्मण समाज की संख्या और प्रभावित परिवार
हरिनगर गांव में ब्राह्मण समाज के कुल 210 लोग हैं। एफआईआर में इन सभी को आरोपी बनाया गया है। गांव के अधिकांश ब्राह्मण परिवार प्रभावित हुए हैं। कई ब्राह्मण परिवार के सदस्य गांव से बाहर काम करते हैं लेकिन उन्हें भी आरोपी बनाया गया है। एफआईआर से पूरे समाज पर असर पड़ा है।
- घटना के बाद गांव में तनाव और सुरक्षा व्यवस्था
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई है। हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। पुलिस स्रोतों के अनुसार 31 जनवरी की रात में झड़प हुई जिसमें 10 से अधिक लोग घायल हुए। पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
- विवाद के अन्य पहलू और जांच की प्रक्रिया
विवाद की जड़ 2015 का मकान निर्माण का बकाया भुगतान है। मांग करने पर झड़प हुई। एफआईआर में सामूहिक हमले का आरोप है। पुलिस पूछताछ कर रही है। घायलों का मेडिकल रिपोर्ट तैयार किया गया है। मामला एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज है।
दरभंगा जिले के हरिनगर गांव में 210 ब्राह्मणों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अशर्फी पासवान ने शिकायत की जिसमें 70 नामजद और 140 अज्ञात ब्राह्मण आरोपी हैं। विवाद 2015 के ढाई लाख रुपये के बकाया भुगतान से शुरू हुआ। 31 जनवरी की रात हमला हुआ जिसमें परिवार के सदस्य घायल हुए। गांव से दूर रहने वाले ब्राह्मण भी आरोपी हैं। पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है। गांव में तनाव है लेकिन सुरक्षा बढ़ाई गई है। जांच जारी है।
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