गोवा नाइटक्लब अग्निकांड में बड़ा मोड़, 25 मौतों के आरोपी पूर्व सरपंच रोशन रेडकर ने कोर्ट में किया सरेंडर।

गोवा के अरपोरा-नगोआ क्षेत्र में स्थित बिर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में लगी आग के मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। इस

Jan 23, 2026 - 12:09
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गोवा नाइटक्लब अग्निकांड में बड़ा मोड़, 25 मौतों के आरोपी पूर्व सरपंच रोशन रेडकर ने कोर्ट में किया सरेंडर।
गोवा नाइटक्लब अग्निकांड में बड़ा मोड़, 25 मौतों के आरोपी पूर्व सरपंच रोशन रेडकर ने कोर्ट में किया सरेंडर।
  • बिर्च बाय रोमियो लेन अग्निकांड: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज की, फरार पूर्व सरपंच रोशन रेडकर ने मापुसा कोर्ट में सरेंडर कर दिया
  • गोवा अग्निकांड मामले में एक्शन, अंजुना पुलिस ने सरेंडर करने वाले रोशन रेडकर को हिरासत में लिया, लोकआउट सर्कुलर था जारी

गोवा के अरपोरा-नगोआ क्षेत्र में स्थित बिर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में लगी आग के मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। इस अग्निकांड में 25 लोगों की मौत हुई थी और 50 लोग घायल हुए थे। घटना 6 दिसंबर 2025 को रात लगभग 11:45 बजे हुई थी। नाइटक्लब में डांस पार्टी चल रही थी जब आग लगी और तेजी से फैल गई। नाइटक्लब का प्रवेश द्वार संकरी गली से था जिससे अग्निशमन कार्य में कठिनाई हुई। आग बुझाने में लगभग दो घंटे लगे और बचाव कार्य अगले दिन सुबह तक चला। नाइटक्लब 2024 में खुला था और पर्यटन क्षेत्र में स्थित था। आरोपी पूर्व सरपंच रोशन रेडकर ने 22 जनवरी 2026 को मापुसा के न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास कोर्ट में सरेंडर किया।

रोशन रेडकर अरपोरा-नगोआ पंचायत के पूर्व सरपंच थे जब यह घटना हुई। अंजुना पुलिस ने उन्हें और अन्य लोगों सहित पंचायत सचिव रघुवीर बागकर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि उन्होंने नाइटक्लब को लाइसेंस देने में सहायता की। रोशन रेडकर ने पहले मापुसा के अतिरिक्त जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच में चुनौती दी लेकिन वहां भी 21 जनवरी 2026 को अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई। फरार होने के कारण पुलिस ने उनके खिलाफ लोकआउट सर्कुलर जारी किया था। सरेंडर के बाद कोर्ट ने पुलिस को सूचित किया और अंजुना पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

यह अग्निकांड गोवा के पर्यटन क्षेत्र में हुई एक बड़ी त्रासदी थी। आग लगने से नाइटक्लब में फंसे लोगों को बाहर निकलने में मुश्किल हुई। मृतकों में विभिन्न राज्यों के लोग शामिल थे। जांच में लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगे। रोशन रेडकर पर आरोप है कि उन्होंने पद पर रहते हुए नाइटक्लब को अनुचित तरीके से लाइसेंस जारी करने में मदद की। अन्य आरोपी भी मामले में शामिल हैं। नाइटक्लब के सह-मालिक गौरव और सौरभ लुथरा घटना के बाद थाईलैंड भाग गए थे और वहां हिरासत में लिए गए। पुलिस ने मामले की जांच जारी रखी और विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की।

सरेंडर के बाद रोशन रेडकर को पुलिस हिरासत में लिया गया। कोर्ट ने उन्हें पुलिस कस्टडी में भेज दिया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार उन्हें 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। अंजुना पुलिस ने उन्हें तुरंत दबोच लिया। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के फैसले के एक दिन बाद हुई। पूर्व सरपंच को अयोग्य घोषित किया गया था और पंचायत सचिव रघुवीर बागकर को भी गंभीर कदाचार के लिए बर्खास्त किया गया। मामले में अन्य लोगों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई जारी है।

अग्निकांड के बाद गोवा में सुरक्षा मानकों पर सवाल उठे। नाइटक्लब में आग लगने के कारणों की जांच चल रही है। संकरी गली और अन्य कारकों ने स्थिति को गंभीर बनाया। मृतकों के परिवारों ने न्याय की मांग की और विरोध प्रदर्शन भी हुए। पुलिस ने विभिन्न आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। रोशन रेडकर का सरेंडर मामले में एक महत्वपूर्ण कदम है। जांच एजेंसियां लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया की जांच कर रही हैं।

यह घटना गोवा के नाइटलाइफ क्षेत्र में सुरक्षा की कमी को उजागर करती है। 25 मौतों के बाद विभिन्न स्तरों पर जांच हुई। पूर्व सरपंच पर लाइसेंस में अनियमितता का आरोप है। सरेंडर से पहले फरार रहने के कारण लोकआउट नोटिस जारी था। हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरेंडर किया गया। पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। मामले में आगे की जांच जारी है।

गोवा नाइटक्लब अग्निकांड में रोशन रेडकर का सरेंडर और गिरफ्तारी मामले को नई दिशा दे रही है। 25 मौतों की त्रासदी के बाद न्याय प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। पुलिस और अदालत सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है।

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