Weather Update Today: 12 अगस्त को इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

Monsoon Weather Update 12 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी यूपी, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और गुजरात समेत कई राज्यों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

Aug 12, 2026 - 12:19
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Weather Update Today: 12 अगस्त को इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी
IMD Rain Alert 12 August 2026
  • Monsoon 2026 Alert: दिल्ली-एनसीआर से राजस्थान तक बिगड़ेगा मौसम, जानें आज किन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश
  • बारिश से फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज: IMD ने दिल्ली, यूपी, राजस्थान समेत कई राज्यों के लिए जारी किया येलो अलर्ट
  • IMD Weather Alert: देश के कई राज्यों में मानसून हुआ बेहद सक्रिय, आज भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, 12 अगस्त 2026 को देश के बड़े हिस्से में मानसून के फिर से बेहद सक्रिय होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडिशा और पूर्वी राजस्थान सहित कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से पूर्वी राजस्थान के जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) विकसित होने के कारण आने वाले दिनों में देश भर में वर्षा का यह दौर लगातार जारी रहने का अनुमान है।

देश भर में मानसून की ट्रफ रेखा अपनी सामान्य स्थिति में बनी हुई है, जिससे कई मैदानी और तटीय इलाकों में मौसमी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 12 अगस्त को देश के कम से कम आठ से दस प्रमुख राज्यों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

बुधवार सुबह जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बन रहा है, जो अगले 24 से 48 घंटों में कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा। इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से नमी वाली मानसूनी हवाएं उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत की ओर तेजी से बढ़ रही हैं।

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र (दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और दिन के समय कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों, जैसे मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद और अलीगढ़ में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है।

पूर्वी राजस्थान में कोटा, उदयपुर, जयपुर और अजमेर संभाग के जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका के चलते प्रशासनिक अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से सटे मैदानी इलाकों में भी मध्यम से तेज वर्षा का अनुमान है। मध्य प्रदेश और गुजरात में भी रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में समुद्र से आ रही मानसूनी हवाओं के कारण वर्षा की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है।

मौसम विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने जानकारी दी है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया सिस्टम मानसून को अगले एक सप्ताह तक जीवंत रखेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगस्त के दूसरे सप्ताह में बन रही यह स्थिति खेती और जल निकायों के जलस्तर को सुधारने में बेहद मददगार साबित होगी।

स्थानीय निकायों और आपदा प्रबंधन टीमों ने भारी बारिश की आशंका वाले जिलों में तैयारियां तेज कर दी हैं। दिल्ली, नोएडा और जयपुर जैसे बड़े शहरों की नगर निगम टीमों को निचले इलाकों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज पंपों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रैफ़िक पुलिस ने भी वाहन चालकों को बारिश के दौरान दृश्यता कम होने और सड़कों पर पानी भरने की स्थिति में धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी है।

बारिश का यह नया दौर एक तरफ जहां भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाएगा, वहीं दूसरी तरफ शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ट्रैफ़िक जाम की गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। कृषि क्षेत्र के लिहाज से यह बारिश धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी, हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है, वहां फसलों को जलजमाव से बचाने के इंतजाम करने होंगे।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 12 अगस्त से शुरू हो रहा बारिश का यह दौर 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस तक जारी रह सकता है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र और मजबूत होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके असर से अगले तीन-चार दिनों तक उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी तटीय क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह मेहरबान रहेगा।

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