Lucknow Conversion Row: मोहनलालगंज में दो बकरी और पानी की टंकी का लालच देकर धर्मांतरण का आरोप, पादरी हिरासत में
Lucknow Conversion News: लखनऊ के मोहनलालगंज में प्रार्थना सभा की आड़ में दो बकरी और पानी की टंकी जैसे प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का आरोप। पुलिस जांच में जुटी।

- Lucknow Religious Conversion Case: लखनऊ में प्रार्थना सभा की आड़ में प्रलोभन देने का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
- लखनऊ में धर्मांतरण का कथित खेल! दो बकरी, पानी की टंकी और नौकरी का लालच देने का आरोप, हंगामा के बाद पादरी हिरासत में
- Lucknow Conversion Case: मोहनलालगंज में प्रार्थना सभा पर हिंदू संगठनों का हंगामा, धर्मांतरण के आरोप में पादरी से पूछताछ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में एक प्रार्थना सभा की आड़ में कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को दो बकरी, पानी की टंकी, रोजगार और बीमारियों के इलाज का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची मोहनलालगंज थाना पुलिस ने स्थिति को संभाला और प्रार्थना सभा का आयोजन करा रहे पादरी समेत कुछ संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करने की बात कह रही है।
लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र स्थित एक ग्रामीण इलाके में प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी। स्थानीय निवासियों और हिंदू धर्म जागरण से जुड़े कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस सभा में आसपास के निर्धन परिवारों को एकत्र किया गया था। आरोप के अनुसार, वहां मौजूद लोगों को विभिन्न प्रकार के भौतिक लाभों जैसे मवेशी (दो बकरियां), घरेलू उपयोग के लिए पानी की टंकी, बच्चों की शिक्षा, रोजगार के अवसर और गंभीर बीमारियों से मुक्ति दिलाने जैसे प्रलोभन दिए जा रहे थे। इस बात की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और हिंदू कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
घटना वाले दिन सुबह से ही चिन्हित स्थान पर प्रार्थना सभा के नाम पर लोगों का जुटना शुरू हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, सभा में आए लोगों को एक विशेष धार्मिक साहित्य और सामग्री बांटी जा रही थी। जब कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने इस प्रक्रिया का विरोध किया और प्रलोभन दिए जाने का आरोप लगाया, तो वहां बहसबाजी शुरू हो गई। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हो गए और उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया।
घटना की सूचना तत्काल डायल 112 के माध्यम से स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही मोहनलालगंज थाने की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत प्रार्थना सभा को रुकवाया और वहां एकत्र भीड़ को शांत कराया। मौके से पुलिस ने आयोजन से जुड़े पादरी और उनके कुछ सहयोगियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस टीम ने घटनास्थल से कुछ धार्मिक पुस्तकें, पर्चे और अन्य संदिग्ध सामग्री भी जब्त की है, जिन्हें जांच में साक्ष्य के तौर पर शामिल किया जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं और हिंदू संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुप्त रूप से इस प्रकार की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। उनका आरोप है कि अशिक्षित और आर्थिक रूप से विपन्न लोगों की मजबूरियों का फायदा उठाकर उन्हें प्रलोभन दिया जा रहा था, जो उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक सूचना के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मोहनलालगंज पुलिस के अनुसार, सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यदि प्रलोभन देकर अथवा जबरन धर्मांतरण कराने की पुष्टि होती है, तो संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
इस घटना के सामने आने के बाद मोहनलालगंज और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सामाजिक सतर्कता बढ़ गई है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर काफी आक्रोशित दिखे। उत्तर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण रोधी कानून लागू होने के बावजूद इस तरह के मामले सामने आने से प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके में गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह का सांप्रदायिक या सामाजिक सौहार्द न बिगड़े।
पुलिस वर्तमान में हिरासत में लिए गए पादरी और आयोजकों से वित्तीय स्रोतों और सभा के उद्देश्य को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है। जब्त की गई सामग्री का फॉरेंसिक और तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं द्वारा दी गई लिखित तहरीर और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि इस आयोजन के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या बाहरी फंडिंग तो शामिल नहीं है।
Also Read- Jhansi Road Accident: माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत
What's Your Reaction?





