Kashmiri Pandits Threat News: कश्मीरी पंडितों को आतंकियों की धमकी, घाटी में बढ़ाई गई सुरक्षा, WFH के निर्देश
Jammu Kashmir Terror Threat: जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को आतंकियों की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। कर्मचारियों को WFH की सलाह दी गई है।

- Jammu Kashmir Terror Threat: कश्मीर घाटी में आतंकियों ने दी कश्मीरी पंडितों को धमकी, ट्रांजिट कैंपों पर हाई अलर्ट
- कश्मीरी पंडितों को आतंकियों की धमकी के बाद घाटी में हाई अलर्ट: सरकारी कर्मचारियों को WFH की सलाह, ट्रांजिट कैंपों पर सुरक्षा कड़ी
- Jammu Kashmir Security Alert: आतंकियों की धमकी के बाद कश्मीरी पंडितों के ट्रांजिट कैंपों में सुरक्षा चौकसी बढ़ी, वर्क फ्रॉम होम की सलाह
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी संगठनों द्वारा कश्मीरी पंडितों को जान से मारने की नई धमकी दिए जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। स्वतंत्रता दिवस की पूर्वसंध्या और वर्तमान सुरक्षा स्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने घाटी में तैनात पीएम पैकेज के तहत कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ा दी है। एहतियात के तौर पर कर्मचारियों को अस्थायी रूप से 'वर्क फ्रॉम होम' (WFH) की सलाह दी गई है। वहीं, घाटी भर में बने कश्मीरी पंडितों के ट्रांजिट कैंपों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। सुरक्षा बल अब पूरे इलाके में तलाशी और गश्त अभियान चलाकर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मुस्तैद हैं।
जम्मू-कश्मीर की घाटी में सक्रिय आतंकी समूहों की ओर से कश्मीरी पंडितों और अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों को निशाना बनाने की धमकी भरा पत्र जारी किया गया है। धमकी के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की गंभीरता को समझा और घाटी में व्यापक सुरक्षा इंतजाम लागू कर दिए। सुरक्षा बलों ने कश्मीरी पंडितों की बस्तियों, विशेषकर ट्रांजिट कैंपों की सुरक्षा को बहुस्तरीय (Multi-tier Security) कर दिया है। इसके साथ ही, प्रशासन ने गैर-स्थानीय और अल्पसंख्यक कर्मचारियों को फिलहाल घर से ही अपना काम निपटाने की हिदायत दी है।
बुधवार, 12 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया और अन्य गुप्त माध्यमों से आतंकियों का धमकी भरा संदेश प्रसारित होने की खबर मिलते ही पुलिस और खुफिया तंत्र हरकत में आ गया। श्रीनगर, बडगाम, कुलगाम, अनंतनाग और बारामूला सहित घाटी के विभिन्न हिस्सों में रह रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों में डर का माहौल व्याप्त हो गया। इस खतरे को भांपते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और भारतीय सेना ने एक संयुक्त सुरक्षा रणनीति बनाई।
प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए पीएम पुनर्वास पैकेज के तहत काम कर रहे कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) की व्यवस्था करने के निर्देश दिए ताकि उनकी आवाजाही कम से कम हो सके। इसके साथ ही शेखपोरा (बडगाम), वेशू (कुलगाम) और हाल (पुलवामा) जैसे प्रमुख ट्रांजिट कैंपों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बंकरों की संख्या बढ़ा दी गई है और प्रत्येक आने-जाने वाले व्यक्ति की सघन जांच और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। जगह-जगह वाहन चेकिंग के लिए नाकेबंदी कर दी गई है ताकि किसी संदिग्ध तत्व की आवाजाही को तुरंत रोका जा सके।
कश्मीरी पंडित संगठनों ने आतंकियों की इस नई धमकी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि लक्षित हिंसा (Targeted Killings) के खतरों को देखते हुए उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि जब तक घाटी में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए या रिमोट वर्किंग की स्थाई छूट दी जाए।
दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा तंत्र पूरी तरह से अलर्ट है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धमकी भरे संदेशों का उद्देश्य केवल भय का माहौल पैदा करना है। सुरक्षा बल आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। खुफिया एजेंसियां धमकी देने वाले आतंकी नेटवर्क का सुराग लगाने में जुट गई हैं और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
धमकी के बाद से घाटी में अल्पसंख्यक समुदाय की बस्तियों और कार्यस्थलों पर तनावपूर्ण शांति देखी जा रही है। सुरक्षा कारणों से सरकारी कार्यालयों में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की उपस्थिति सीमित हो गई है। आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए पूरे केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था वैसे भी कड़ी रहती है, ऐसे में इस ताजा धमकी ने सुरक्षा बलों की चुनौती को और बढ़ा दिया है। संवेदनशील इलाकों में गश्त और ड्रोन से निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि सुरक्षा में कोई सेंध न लग सके।
सुरक्षा बल घाटी में सक्रिय आतंकियों और उनके जमीनी तंत्र (Over Ground Workers - OGWs) के खिलाफ बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (CASO) चला रहे हैं। अगले कुछ दिनों तक कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम और आवाजाही पर सतर्कता की सलाह लागू रहेगी। प्रशासन स्थिति का लगातार आकलन कर रहा है और स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों के सुरक्षित समापन तथा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही आगे की एडवाइजरी समीक्षा के बाद हटाई जाएगी।
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