तेल का खेल: 22 मई 2026 को देश के महानगरों से लेकर यूपी के जिलों तक क्या हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? देखें विस्तृत रिपोर्ट
आम भारतीय के लिए सिर्फ एक नई तारीख लेकर नहीं आई है, बल्कि यह उसकी जेब, मासिक बजट और दैनिक यात्रा
आज की सुबह किसी भी आम भारतीय के लिए सिर्फ एक नई तारीख लेकर नहीं आई है, बल्कि यह उसकी जेब, मासिक बजट और दैनिक यात्रा की योजना तय करने वाला दिन भी है। भारत जैसे विकासशील और विशाल देश में पेट्रोल और डीजल केवल गाड़ियों में डलने वाला ईंधन मात्र नहीं हैं, बल्कि ये देश की अर्थव्यवस्था की रगों में दौड़ने वाले उस रक्त की तरह हैं जो सीधे तौर पर महंगाई, माल ढुलाई और आम आदमी की क्रय शक्ति (Purchasing Power) को नियंत्रित करते हैं।
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और रुपये के मुकाबले डॉलर की स्थिति के कारण देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) हर रोज सुबह इन कीमतों की समीक्षा करती हैं। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आए बदलावों के कारण देश के कई हिस्सों में ईंधन की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऐसे में आज 22 मई 2026 को देश की राजधानी दिल्ली, आर्थिक राजधानी मुंबई, उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, नोएडा, कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा, हरदोई के साथ-साथ पुणे, कोलकाता, चेन्नई (तमिलनाडु), असम, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में क्या स्थिति है, इसका बारीकी से विश्लेषण करना बेहद जरूरी है।
इससे पहले कि हम आज के लाइव रेट्स की ओर बढ़ें, यह समझना दिलचस्प है कि आखिर अलग-अलग राज्यों और शहरों में कीमतों में इतना बड़ा अंतर क्यों होता है? उदाहरण के लिए, जब दिल्ली में पेट्रोल का भाव ₹98 के आसपास होता है, तो वहीं मुंबई या मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में यह ₹107 से लेकर ₹110 प्रति लीटर तक क्यों चला जाता है?
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केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty): यह केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में एक समान लागू किया जाता है।
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राज्य स्तरीय वैट (VAT / Value Added Tax) और स्थानीय उपकर (Cess): यह हर राज्य सरकार अपने हिसाब से तय करती है। जिन राज्यों में वैट की दरें ऊंची होती हैं या अतिरिक्त उपकर (जैसे रोड डेवलपमेंट सेस) लगाया जाता है, वहां तेल की कीमतें आसमान छूने लगती हैं। इसके अलावा, रिफाइनरी से पेट्रोल पंप की दूरी के आधार पर माल ढुलाई (Freight Charges) का खर्च भी कीमतों को कुछ पैसे प्रभावित करता है।
विश्वसनीय और प्रमाणित आर्थिक स्रोतों के आधार पर पूरी तरह से जांचे-परखे गए पेट्रोल और डीजल के आज के सटीक भाव नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत किए गए हैं। इन कीमतों में किसी भी तरह की विसंगति से बचने के लिए राज्य-वार और शहर-वार दरों को पूरी तरह सत्यापित किया गया है:
| क्रमांक | शहर / राज्य का नाम | पेट्रोल का भाव (₹ प्रति लीटर) | डीजल का भाव (₹ प्रति लीटर) |
| 1 | नई दिल्ली | 98.64 | 91.58 |
| 2 | नोएडा (उत्तर प्रदेश) | 98.84 | 92.11 |
| 3 | लखनऊ (उत्तर प्रदेश) | 98.45 | 91.78 |
| 4 | कानपुर (उत्तर प्रदेश) | 98.47 | 91.79 |
| 5 | बरेली (उत्तर प्रदेश) | 98.09 | 91.42 |
| 6 | शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) | 98.55 | 91.88 |
| 7 | बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) | 98.55 | 91.88 |
| 8 | मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) | 99.12 | 92.38 |
| 9 | आगरा (उत्तर प्रदेश) | 98.33 | 91.64 |
| 10 | हरदोई (उत्तर प्रदेश) | 98.78 | 92.10 |
| 11 | कोलकाता (पश्चिम बंगाल) | 109.70 | 96.07 |
| 12 | पुणे (महाराष्ट्र) | 108.92 | 95.42 |
| 13 | मुंबई (महाराष्ट्र) | 107.59 | 94.08 |
| 14 | चेन्नई (तमिलनाडु) | 104.92 | 96.13 |
| 15 | असम (राज्य औसत) | 104.76 | 93.61 |
| 16 | तमिलनाडु (राज्य औसत) | 105.47 | 97.14 |
| 17 | मध्य प्रदेश (राज्य औसत) | 110.66 | 95.91 |
| 18 | राजस्थान (राज्य औसत) | 110.21 | 94.05 |
अगर हम उत्तर प्रदेश की बात करें, तो लखनऊ से लेकर मुरादाबाद और बरेली तक कीमतों में मामूली अंतर दिखाई देता है। उदाहरण के लिए, आज मुरादाबाद में पेट्रोल ₹99.12 प्रति लीटर है, जबकि बरेली में यह ₹98.09 प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। उत्तर प्रदेश में जिला स्तर पर कीमतों का यह अंतर मुख्य रूप से स्थानीय परिवहन लागत (Transportation Cost) और डीलरों के कमीशन के समायोजन के कारण होता है। औद्योगिक केंद्र होने के कारण कानपुर में डीजल की खपत बहुत अधिक है, और वहां आज डीजल का भाव ₹91.79 प्रति लीटर दर्ज किया गया है। नोएडा और दिल्ली के बॉर्डर पर रहने वाले लोग अक्सर कुछ पैसे बचाने के लिए दिल्ली का रुख करते हैं, क्योंकि दिल्ली में वैट की संरचना उत्तर प्रदेश के मुकाबले थोड़ी भिन्न होने से दिल्ली में ईंधन थोड़ा सस्ता पड़ता है।
महानगरों की बात करें तो कोलकाता आज भी पेट्रोल के मामले में देश के सबसे महंगे शहरों में शामिल है, जहाँ एक लीटर पेट्रोल के लिए लोगों को ₹109.70 चुकाने पड़ रहे हैं। वहीं वित्तीय राजधानी मुंबई में पेट्रोल ₹107.59 और डीजल ₹94.08 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्र चेन्नई में पेट्रोल की कीमत ₹104.92 और डीजल ₹96.13 प्रति लीटर है। इन महानगरों में ऊंची कीमतों की मुख्य वजह राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला भारी वैट और उपकर है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान ऐसे राज्य हैं जहाँ भौगोलिक स्थिति और टैक्स स्लैब के कारण ईंधन की दरें हमेशा ऊपरी स्तर पर रहती हैं। आज मध्य प्रदेश में पेट्रोल का राज्य औसत ₹110.66 प्रति लीटर है, जो देश के सबसे ऊंचे दामों में से एक है। इसी तरह राजस्थान में भी पेट्रोल का औसत भाव ₹110.21 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। इन राज्यों में लंबी दूरी की माल ढुलाई के कारण डीजल की कीमतें भी आम जनता और किसानों के बजट को सीधे प्रभावित करती हैं। इसके विपरीत, असम जैसे उत्तर-पूर्वी राज्यों में केंद्र सरकार की विशेष नीतियों और क्षेत्रीय कर रियायतों के कारण पेट्रोल ₹104.76 और डीजल ₹93.61 प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है।
जब भी पेट्रोल और डीजल के दामों में उतार-चढ़ाव होता है, तो इसका असर केवल कार या बाइक चलाने वाले मध्यम वर्ग तक सीमित नहीं रहता। डीजल की कीमतों में होने वाली कोई भी बढ़ोतरी सीधे तौर पर कृषि क्षेत्र को प्रभावित करती है, क्योंकि भारत में आज भी सिंचाई के पंप और ट्रैक्टर भारी मात्रा में डीजल से चलते हैं। इसके अलावा, देश के भीतर होने वाली 80% से अधिक माल ढुलाई ट्रकों के माध्यम से होती है, जो डीजल पर निर्भर हैं। यदि डीजल महंगा होता है, तो फल, सब्जियां, अनाज और रोजमर्रा के उपभोग की वस्तुओं की परिवहन लागत बढ़ जाती है, जिससे बाजार में चौतरफा महंगाई पैर पसारने लगती है।
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