पति-पत्नी मिलकर पोस्ट ऑफिस में खाता खोलें, हर महीने इतना फिक्स्ड ब्याज मिलेगा।

भारत पोस्ट द्वारा संचालित मंथली इनकम स्कीम (POMIS) उन लोगों के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक विकल्प है जो नियमित मासिक

Mar 13, 2026 - 09:51
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पति-पत्नी मिलकर पोस्ट ऑफिस में खाता खोलें, हर महीने इतना फिक्स्ड ब्याज मिलेगा।
पति-पत्नी मिलकर पोस्ट ऑफिस में खाता खोलें, हर महीने इतना फिक्स्ड ब्याज मिलेगा।
  • पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) में जॉइंट अकाउंट से रू.15 लाख निवेश पर 7.4% ब्याज
  • सरकारी गारंटी वाली स्कीम, 5 साल की मैच्योरिटी, जोखिम मुक्त नियमित आय का बेहतरीन विकल्प

भारत पोस्ट द्वारा संचालित मंथली इनकम स्कीम (POMIS) उन लोगों के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक विकल्प है जो नियमित मासिक आय चाहते हैं बिना किसी बाजार जोखिम के। इस स्कीम में पति-पत्नी मिलकर जॉइंट अकाउंट खोल सकते हैं, जहां अधिकतम रू.15 लाख तक निवेश किया जा सकता है। वर्तमान ब्याज दर 7.4 प्रतिशत प्रति वर्ष है, जो मासिक आधार पर भुगतान की जाती है। रू.15 लाख के निवेश पर सालाना रू.1,11,000 ब्याज मिलता है, जो मासिक रूप से विभाजित होने पर रू.9,250 की फिक्स्ड राशि बनती है। यह राशि सीधे खाते में ट्रांसफर हो जाती है, जिससे रिटायरमेंट या अतिरिक्त आय की जरूरत वाले परिवारों को स्थिर मदद मिलती है। स्कीम की मैच्योरिटी 5 साल की होती है और मूलधन पर कोई जोखिम नहीं होता क्योंकि यह सरकार द्वारा गारंटीड है। जॉइंट अकाउंट में पति-पत्नी दोनों नाम से निवेश कर सकते हैं, जिससे अधिकतम लिमिट का फायदा उठाया जा सकता है। यह योजना छोटे निवेशकों, सीनियर सिटीजन और मध्यम वर्ग के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है, जहां बैंक FD से बेहतर रिटर्न मिलता है साथ ही सरकारी सुरक्षा भी।

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम की मुख्य विशेषता यह है कि ब्याज हर महीने अलग से मिलता है, जबकि मूल राशि मैच्योरिटी तक सुरक्षित रहती है। जॉइंट अकाउंट के लिए अधिकतम सीमा रू.15 लाख है, जबकि सिंगल अकाउंट में केवल रू.9 लाख तक निवेश संभव है। रू.15 लाख पर 7.4% ब्याज से सालाना रू.1,11,000 ब्याज बनता है, जो 12 महीनों में बांटने पर रू.9,250 मासिक आय देता है। ब्याज की गणना सालाना आधार पर होती है लेकिन पेमेंट मासिक होता है, जो घरेलू खर्चों के लिए सुविधाजनक है। यदि मासिक ब्याज नहीं निकाला जाता तो वह पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट में क्रेडिट हो जाता है, लेकिन उस पर अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता। स्कीम में न्यूनतम निवेश रू.1,000 से शुरू होता है और रू.1,000 के मल्टीपल में किया जा सकता है। पति-पत्नी जॉइंट अकाउंट खोलकर अधिकतम लाभ उठा सकते हैं, जहां दोनों को बराबर हिस्सेदारी मानी जाती है। यह योजना टैक्स सेविंग नहीं है, ब्याज पर इनकम टैक्स लागू होता है लेकिन TDS नहीं कटता, जिससे निवेशक को पूरा ब्याज मिलता है।

स्कीम खोलने की प्रक्रिया काफी सरल है और किसी भी पोस्ट ऑफिस में जाकर किया जा सकता है। पति-पत्नी को दोनों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, एड्रेस प्रूफ और पासपोर्ट साइज फोटो के साथ आवेदन फॉर्म भरना होता है। जॉइंट अकाउंट में दोनों के नाम से खाता खुलता है और मैच्योरिटी पर मूल राशि दोनों को मिलती है या नामित व्यक्ति को। 5 साल की अवधि पूरी होने पर निवेशक अकाउंट को रिन्यू कर सकते हैं या राशि निकाल सकते हैं। यदि 1 साल से पहले निकासी की जाए तो कोई ब्याज नहीं मिलता, 1-3 साल के बीच 2% पेनल्टी और 3-5 साल के बीच 1% पेनल्टी कटती है। यह पेनल्टी प्रीमैच्योर क्लोजर पर लागू होती है, जिससे निवेशकों को मैच्योरिटी तक रुकने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। स्कीम में कोई बाजार जोखिम नहीं है, इसलिए यह उन लोगों के लिए आदर्श है जो FD या अन्य स्कीम्स से बेहतर लेकिन सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं।

पति-पत्नी के लिए यह स्कीम विशेष रूप से फायदेमंद है क्योंकि जॉइंट अकाउंट से अधिक निवेश की अनुमति मिलती है। उदाहरण के लिए यदि पति रू.9 लाख और पत्नी अलग से रू.9 लाख निवेश करें तो दोनों को अलग-अलग रू.5,550 मासिक ब्याज मिलेगा लेकिन जॉइंट अकाउंट से एक साथ रू.15 लाख पर रू.9,250 मिलता है। यह परिवार की कुल आय बढ़ाने में मदद करता है और रिटायरमेंट प्लानिंग में उपयोगी साबित होता है। ब्याज दर तिमाही आधार पर सरकार द्वारा तय की जाती है और जनवरी-मार्च 2026 के लिए 7.4% बनी हुई है। कई निवेशक इसे पेंशन जैसी आय के रूप में देखते हैं, जहां मूल राशि सुरक्षित रहती है और मासिक पेमेंट मिलता रहता है। स्कीम में कोई उम्र सीमा नहीं है, नाबालिग भी माता-पिता के माध्यम से खाता खोल सकते हैं लेकिन जॉइंट अकाउंट वयस्कों के लिए है।

यह योजना छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोकप्रिय है क्योंकि पोस्ट ऑफिस हर जगह उपलब्ध हैं और प्रक्रिया सरल है। निवेशक ब्याज को पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट में ट्रांसफर करवा सकते हैं, जहां से जरूरत पड़ने पर निकाला जा सकता है। मैच्योरिटी पर मूल राशि वापस मिलती है और निवेशक इसे रिन्यू कर सकते हैं। यदि ब्याज नहीं निकाला जाता तो वह सेविंग्स अकाउंट में जमा होता है लेकिन स्कीम के ब्याज पर कोई कंपाउंडिंग नहीं होती। यह फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो मासिक आय नहीं चाहते बल्कि लंबे समय में बचत बढ़ाना चाहते हैं। स्कीम की सुरक्षा सरकार द्वारा गारंटीड होने से निवेशकों का भरोसा बना रहता है।

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम अन्य निवेश विकल्पों जैसे बैंक FD से तुलना में बेहतर मासिक पेआउट देती है, जहां FD में ब्याज तिमाही या सालाना मिलता है। जॉइंट अकाउंट से पति-पत्नी मिलकर अधिक निवेश कर अधिक आय प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए फायदेमंद है जहां एक सदस्य रिटायर्ड है और नियमित आय की जरूरत है। ब्याज पर टैक्स लागू होने के बावजूद कोई TDS नहीं कटता, जिससे पूरा अमाउंट मिलता है। स्कीम में निवेश करने से पहले पोस्ट ऑफिस में जाकर लेटेस्ट रेट्स और नियम कन्फर्म करना चाहिए। पति-पत्नी मिलकर इस स्कीम में निवेश करके घरेलू खर्चों के लिए फिक्स्ड मासिक आय सुनिश्चित कर सकते हैं। रू.15 लाख पर रू.9,250 मासिक ब्याज से कई परिवारों की मदद हो रही है, खासकर जहां पेंशन कम है या कोई अतिरिक्त आय स्रोत नहीं है। यह सरकारी योजना निवेशकों को सुरक्षा और नियमित रिटर्न दोनों प्रदान करती है।

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