बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव का BJP पर तीखा हमला- सरकार बनी तो वक्फ बिल को कूड़ेदान में फेंक देंगे, मुस्लिम वोट बैंक को साधने की जद्दोजहद जारी।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कटिहार में एक चुनावी सभा को संबोधित
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कटिहार में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए वक्फ संशोधन विधेयक पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अगर इंडिया गठबंधन की सरकार बनती है, तो इस बिल को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा। यह बयान मुस्लिम समुदाय के वोट बैंक को साधने की रणनीति का हिस्सा लगता है, जहां विपक्ष केंद्र सरकार के इस कानून को अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बता रहा है। तेजस्वी का यह ऐलान सियासी हलकों में हंगामा मचा गया है। भाजपा ने इसे संविधान विरोधी करार दिया, जबकि आरजेडी ने इसे न्यायपूर्ण बताया। बिहार चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को हैं, और यह मुद्दा अब प्रमुख चुनावी मुद्दा बन चुका है।
यह बयान 26 अक्टूबर 2025 को कटिहार के प्राणनगर में आयोजित एक विशाल जनसभा में दिया गया। तेजस्वी यादव यहां आरजेडी प्रत्याशी के समर्थन में पहुंचे थे। सभा में हजारों समर्थक मौजूद थे, जिनमें मुस्लिम समुदाय के लोग प्रमुख थे। तेजस्वी ने मंच से कहा, जो कानून मुस्लिमों की मर्जी के खिलाफ है, वह भाजपा ने बनाया है। नीतीश कुमार ने इसका समर्थन किया। हमारी सरकार बनेगी तो वक्फ बिल को कूड़ेदान में फेंक देंगे। हम इसे बिहार में लागू नहीं होने देंगे। यह बिल संविधान विरोधी है और अल्पसंख्यकों को मुख्यधारा से अलग करने की साजिश है। तेजस्वी ने आगे कहा कि भाजपा को भारत जलाओ पार्टी कहना चाहिए, क्योंकि वे सांप्रदायिक नफरत फैला रहे हैं। सभा में नारों की गूंज रही, और समर्थकों ने जोरदार तालियां बजाईं।
वक्फ संशोधन विधेयक अप्रैल 2025 में लोकसभा और राज्यसभा से पारित हो चुका है। केंद्र सरकार का दावा है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाएगा, पिछड़े मुसलमानों और महिलाओं को सशक्त करेगा। इसमें वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति, संपत्ति सर्वे और डिजिटलीकरण जैसे प्रावधान हैं। लेकिन विपक्ष का कहना है कि यह मुस्लिमों के धार्मिक अधिकारों का हनन है। आरजेडी ने संसद में इसका विरोध किया और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। तेजस्वी ने कहा कि जैसे हमने आरक्षण की लड़ाई सड़क, सदन और कोर्ट में लड़ी, वैसे ही वक्फ बिल पर लड़ेंगे। यह बिल मस्जिदों, स्कूलों और कब्रिस्तानों की संपत्ति पर कब्जे की कोशिश है।
यह बयान अकेला नहीं है। 25 अक्टूबर को खगड़िया के गोगरी में तेजस्वी की सभा में आरजेडी एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब ने कहा था कि अगर तेजस्वी मुख्यमंत्री बने, तो वक्फ बिल समेत सभी विवादास्पद बिल फाड़ दिए जाएंगे। सोहैब ने मंच से ऐलान किया, तेजस्वी जी मुख्यमंत्री बनेंगे और सारे बिल कूड़ेदान में। यह बयान तेजस्वी की मौजूदगी में आया, जिस पर वे चुप रहे। इससे सियासी भूचाल आ गया। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने वीडियो शेयर कर कहा, आरजेडी का मंच से ऐलान—तेजस्वी सीएम बने तो वक्फ कानून खत्म। यह जंगलराज के लक्षण हैं। जदयू ने भी निंदा की। लेकिन तेजस्वी ने कटिहार में इसे दोहराकर अपनी मंशा साफ कर दी।
तेजस्वी प्रसाद यादव का जन्म 9 नवंबर 1989 को पटना में हुआ। वे लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के बेटे हैं। बचपन से राजनीति का हिस्सा रहे। रूस से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की। 2009 में राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हुए। 2015 में वे बिहार के उपमुख्यमंत्री बने। 2020 में महागठबंधन की हार के बाद विपक्ष के नेता बने। 2024 लोकसभा चुनाव में आरजेडी ने चार सीटें जीतीं। तेजस्वी को युवा नेता माना जाता है। वे सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। उनके ट्वीट्स वायरल होते हैं। इस चुनाव में वे सीएम फेस हैं। आरजेडी ने 144 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। तेजस्वी ने वादा किया कि सरकार बनी तो वृद्धावस्था पेंशन 2000 रुपये, पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय दोगुना और नाई-कुम्हार समाज के लिए विशेष योजनाएं।
बिहार चुनाव 2025 का शेड्यूल 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने जारी किया। 243 सीटों पर दो चरणों में वोटिंग—6 नवंबर को 89 सीटें, 11 नवंबर को 154। नतीजे 14 नवंबर को। कुल 7.4 करोड़ मतदाता हैं। एनडीए में भाजपा-जदयू 101-101 सीटें लड़ेंगे। महागठबंधन में आरजेडी-कांग्रेस सीट बंटवारा पूरा। मुस्लिम-यादव वोट बैंक तेजस्वी की ताकत है। वक्फ बिल मुद्दा मुस्लिम वोटों को एकजुट करने का है। बिहार में 17 फीसदी मुस्लिम आबादी है। विपक्ष का कहना है कि बिल संपत्ति हड़पने का हथियार है। भाजपा कहती है कि यह पारदर्शिता लाएगा।
तेजस्वी के बयान पर भाजपा भड़क गई। सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, वक्फ बिल संसद से पास कानून है। तेजस्वी जनता को गुमराह कर रहे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, यह संविधान तोड़ने की साजिश है। जदयू नेता ने नीतीश कुमार का हवाला देकर कहा कि बिहार में विकास पर फोकस हो। आरजेडी ने बचाव किया। नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा, बिल असंवैधानिक है, इसे रोकना जरूरी। कांग्रेस के सलमान खुर्शीद ने समर्थन दिया। AIMIM के अख्तरुल इमान ने कहा, विपक्ष एकजुट हो। सोशल मीडिया पर #WaqfBillDustbin ट्रेंड कर रहा। मीम्स बने, जहां तेजस्वी कूड़ेदान फेंकते दिखे।
यह विवाद बिहार की राजनीति को ध्रुवीकृत कर रहा। विपक्ष बेरोजगारी, महंगाई पर बोलता है, लेकिन वक्फ बिल ने सांप्रदायिक रंग दे दिया। एनडीए कहता है कि विपक्ष वोट बैंक खेल रहा। महागठबंधन का दावा है कि बिहार की जनता बदलाव चाहती। तेजस्वी ने कहा, भाजपा ने 20 साल दिए, हमें 20 महीने दो। बदलाव आएगा। सभा में पंचायत प्रतिनिधियों, PDS डीलरों के लिए घोषणाएं कीं। वे बोले, त्रिस्तरीय पंचायत मानदेय दोगुना करेंगे।
बिहार में वक्फ संपत्तियां 4 लाख एकड़ हैं, जिनकी कीमत हजारों करोड़। बिल से सर्वे और कलेक्टर की भूमिका बढ़ेगी। विपक्ष कहता है कि यह मस्जिदों पर कब्जा कराएगा। केंद्र ने कहा कि बिल महिलाओं को सशक्त करेगा। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई बाकी। तेजस्वी ने कहा, हम कोर्ट जाएंगे। यह बयान चुनावी रणनीति है। मुस्लिम बहुल सीटों पर असर पड़ेगा। एनालिस्ट कहते हैं, यह विपक्ष को फायदा देगा।
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