भुवनेश्वर के अपार्टमेंट में सुबह का तांडव, आग में जलकर दो केयरटेकर की गई जान।

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के लक्ष्मीसागर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बसंत विला अपार्टमेंट में बुधवार तड़के करीब

May 6, 2026 - 11:24
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भुवनेश्वर के अपार्टमेंट में सुबह का तांडव, आग में जलकर दो केयरटेकर की गई जान।
प्रतीकात्मक तस्वीर
  • लक्ष्मीसागर इलाके में आग का कहर, शॉर्ट सर्किट से भड़की लपटों ने ली तीन मासूम जिंदगियां
  • सुरक्षा गार्ड और महिला केयरटेकर की मौत से पसरा मातम, अपार्टमेंट में अफरा-तफरी का माहौल

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के लक्ष्मीसागर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बसंत विला अपार्टमेंट में बुधवार तड़के करीब 4 बजे भीषण आग लग गई। इस हादसे ने दो लोगों की मौके पर ही जान ले ली और एक बच्ची की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित सुरक्षा कक्ष (गार्ड रूम) में लगी थी, जहां केयरटेकर और सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे हिस्से को धुएं के गुबार ने घेर लिया। घटना के समय अधिकतर निवासी सो रहे थे, जिसके कारण शुरुआती कुछ मिनटों तक किसी को भी स्थिति की गंभीरता का अंदाजा नहीं हो सका। जब तक शोर मचा और लोग मदद के लिए दौड़े, तब तक आग काफी फैल चुकी थी और वहां फंसे लोगों के लिए बाहर निकलना लगभग असंभव हो गया था।

मृतकों की पहचान 70 वर्षीय बिस्वजीत बेहरा, जो सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात थे, और 65 वर्षीय सुलभा बेहरा के रूप में हुई है, जो अपार्टमेंट में केयरटेकर का काम करती थीं। ये दोनों पति-पत्नी बताए जा रहे हैं जो परिसर में ही रहकर अपनी सेवाएं दे रहे थे। आग लगने के बाद चारों तरफ काला धुआं भर गया, जिसके कारण इन दोनों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल सका। धुएं के कारण दम घुटने और आग की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में उनकी 10 वर्षीय पोती तेजस्विनी बेहरा भी गंभीर रूप से झुलस गई थी, जिसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। इस घटना ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को छीन लिया, जिससे स्थानीय लोगों और अपार्टमेंट के निवासियों में गहरा दुख व्याप्त है। आग लगने की मुख्य वजह प्रथम दृष्टया बिजली का शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि गार्ड रूम के पास स्थित इलेक्ट्रिकल पैनल बोर्ड में अचानक खराबी आने से चिंगारी उठी और उसने वहां रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ चश्मदीदों का यह भी कहना है कि उन्होंने एक छोटा धमाका सुना था, जिसके बाद लपटें तेजी से ऊपर की ओर उठने लगीं। अपार्टमेंट में बिजली के उपकरणों और पैनलों की भारी संख्या होने के कारण आग को फैलने के लिए पर्याप्त ईंधन मिल गया। पैनल बोर्ड में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और भूतल के एक बड़े हिस्से को काला कर दिया। इस घटना के बाद अपार्टमेंट की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई और चारों ओर चीख-पुकार मच गई।

अग्नि सुरक्षा मानकों पर सवाल

इस हादसे ने बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के मानकों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या अपार्टमेंट में पर्याप्त अग्निशमन यंत्र मौजूद थे और क्या वे कार्यशील स्थिति में थे, इसकी गहन जांच की जा रही है। अक्सर देखा जाता है कि शॉर्ट सर्किट जैसी छोटी दिखने वाली घटनाएं सुरक्षा उपायों के अभाव में बड़े हादसों का कारण बन जाती हैं। स्थानीय प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इमारत के पास आवश्यक फायर एनओसी (No Objection Certificate) उपलब्ध थी।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और इमारत के ऊपरी हिस्सों में फंसे लगभग 27 अन्य निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला। धुएं की वजह से कई लोगों को सांस लेने में कठिनाई हो रही थी, जिन्हें तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई। बचाव कार्य के दौरान दमकलकर्मियों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा क्योंकि सीढ़ियों वाले हिस्से में घना धुआं भर गया था। हालांकि, समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ी त्रासदी को और अधिक भयावह होने से रोक लिया गया, क्योंकि अगर आग ऊपरी मंजिलों तक पहुंच जाती तो हताहतों की संख्या कहीं ज्यादा हो सकती थी।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए हैं ताकि आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। पुलिस प्रशासन इस बात पर भी ध्यान दे रहा है कि क्या अपार्टमेंट प्रबंधन की ओर से सुरक्षा नियमों में कोई ढिलाई बरती गई थी। स्थानीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए शहर के अन्य अपार्टमेंट्स में भी सुरक्षा ऑडिट कराने की योजना बनाई जा रही है। अपार्टमेंट में रहने वाले निवासियों के लिए यह सुबह किसी बुरे सपने जैसी थी। जो लोग सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए, वे अभी भी दहशत के साये में हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अचानक धुआं उठते देखा और जब तक वे कुछ समझ पाते, बाहर निकलने का मुख्य रास्ता आग की चपेट में था। लोगों ने बालकनी और खिड़कियों के जरिए मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद दमकल की सीढ़ियों का उपयोग कर उन्हें नीचे उतारा गया। इस हादसे में न केवल जान का नुकसान हुआ है, बल्कि अपार्टमेंट की संपत्ति को भी भारी क्षति पहुंची है। कई दोपहिया वाहन और बिजली के तार पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं।

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