कोलकाता पुलिस तेज कर रही जांच: I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के पड़ोसियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू।
पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) और इसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी
पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) और इसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। कोलकाता पुलिस अब जबरन प्रवेश और दस्तावेज चोरी के आरोपों की जांच के लिए प्रतीक जैन के पड़ोसियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। यह छापेमारी 8 जनवरी 2026 को हुई थी, जब ईडी की टीमों ने प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास और I-PAC के साल्ट लेक सेक्टर वी स्थित कार्यालय पर तलाशी ली। जांच एक कथित कोयला तस्करी मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत चल रही है।
ईडी ने छापेमारी के दौरान प्रतीक जैन के आवास पर सुबह करीब 6:20 बजे प्रवेश किया और दोपहर करीब 2:50 बजे तक अभियान चलाया। टीम के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान भी मौजूद थे। आरोप है कि ईडी अधिकारियों ने सुरक्षा गार्डों को धक्का देकर बिना उचित प्रक्रिया के परिसर में प्रवेश किया और सुरक्षा कर्मियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए। कोलकाता पुलिस को ईडी ने स्थानीय पुलिस को सूचित करने में देरी की बात सामने आई है, क्योंकि ईडी ने ईमेल के माध्यम से पांच घंटे बाद सूचना दी।
छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम हुआ, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचकर दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की और बाद में I-PAC कार्यालय में भी गईं। आरोप लगे कि संवेदनशील पार्टी से जुड़े चुनावी दस्तावेज, भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक दोनों, छापेमारी के दौरान चुराए गए। इन आरोपों के आधार पर शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन और बिधाननगर इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स पुलिस स्टेशन में शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें आपराधिक धमकी, चोरी, आपराधिक अतिक्रमण और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत मामले दर्ज हुए।
कोलकाता पुलिस ने जांच तेज कर दी है और ईडी अधिकारियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की है। जांच के दौरान प्रतीक जैन के आवास से सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) जब्त किए गए हैं। घर के सुरक्षा रजिस्टर को भी कब्जे में लिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ईडी अधिकारियों ने उस दिन रजिस्टर में क्या लिखा या कुछ लिखा भी या नहीं। घरेलू कर्मचारियों, सुरक्षा गार्डों और भवन के फैसिलिटी मैनेजर के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। यदि आवश्यक हुआ तो प्रतीक जैन, उनकी पत्नी और मां के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
अब पुलिस ने प्रतीक जैन के पड़ोसियों को गवाह बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। लाउडन स्ट्रीट स्थित अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स के निवासियों और पड़ोसियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनसे पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने छापेमारी के दौरान क्या देखा, ईडी अधिकारियों के प्रवेश के तरीके के बारे में क्या जानकारी है और घटना के क्रम में क्या हुआ। पड़ोसियों के बयान दर्ज करने का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या उन्होंने तलाशी के किसी हिस्से को देखा या ईडी टीम के भवन में प्रवेश के तरीके की गवाही दे सकते हैं। कुछ पड़ोसियों को पहले ही जांच टीम द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है।
ईडी ने छापेमारी को कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जोड़ा है, जिसमें अनुप माझी उर्फ लाला जैसे आरोपियों का नाम आता है। एजेंसी का दावा है कि जांच वैध है और किसी राजनीतिक दल से जुड़ी नहीं है। छापेमारी के दौरान ईडी ने दिल्ली और कोलकाता में कुल कई स्थानों पर तलाशी ली, जिसमें I-PAC के छह ठिकाने कोलकाता में और चार दिल्ली में शामिल थे। ईडी ने आरोप लगाया कि जांच में बाधा डाली गई और जब्त दस्तावेजों को जबरन ले लिया गया।
इस मामले में दोनों पक्षों ने अदालतों का रुख किया है। ईडी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की और बाद में सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंची। पश्चिम बंगाल सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल किया। जांच अभी जारी है और पुलिस ईडी अधिकारियों तथा सीआरपीएफ कर्मियों के नाम और विवरण प्राप्त करने के लिए एजेंसी से संपर्क करने की योजना बना रही है। प्रतीक जैन के पड़ोसियों के बयान जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि वे घटना के प्रत्यक्षदर्शी हो सकते हैं।
कोलकाता पुलिस ने जांच को और मजबूत करने के लिए सभी उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र किया है। सीसीटीवी फुटेज को फोरेंसिक लैब में भेजा गया है। जांच के तहत ईडी टीम के प्रवेश के समय, संख्या और तरीके की पुष्टि की जा रही है। पड़ोसियों के बयान से यह स्पष्ट होगा कि क्या जबरन प्रवेश हुआ या कोई अनियमितता हुई। मामले में राजनीतिक विवाद गहरा गया है और जांच के नतीजे महत्वपूर्ण होंगे।
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