महाराष्ट्र में लाड़की बहिन योजना पर विवाद: चित्रा वाघ बोलीं- कांग्रेस और अन्य पार्टियां हमेशा विरोधी रहीं, जिन लाड़ली बहनों का पैसा चुनाव आयोग ने रोका, वे कांग्रेस को नतीजा दिखाएंगी।
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। यह योजना राज्य सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजना है, जिसमें
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। यह योजना राज्य सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजना है, जिसमें पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना की आयु सीमा 21 से 65 वर्ष है और परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इस योजना को 2024 के विधानसभा चुनावों में महायुति गठबंधन की जीत का महत्वपूर्ण कारक माना जाता है।
विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा नेता और मंत्री गिरिश महाजन ने 7 जनवरी 2026 को घोषणा की कि दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की किस्तें कुल 3000 रुपये लाभार्थियों के बैंक खातों में मकर संक्रांति से पहले 14 जनवरी को जमा की जाएंगी। इसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से विशेष उपहार बताया गया। यह घोषणा 15 जनवरी 2026 को होने वाले 29 नगर निगमों के चुनावों से ठीक एक दिन पहले की थी।
कांग्रेस पार्टी ने इस घोषणा पर आपत्ति जताई और इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया। पार्टी ने दावा किया कि मतदान से ठीक पहले इतनी बड़ी राशि ट्रांसफर करना महिला मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है और यह सामूहिक सरकारी रिश्वत के समान है। कांग्रेस ने 10 जनवरी 2026 को राज्य चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज की। शिकायत में कहा गया कि हालांकि पार्टी योजना के विरोध में नहीं है लेकिन चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किस्तें जारी की जानी चाहिए।
राज्य चुनाव आयोग ने शिकायत मिलने पर मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी और 12 जनवरी 2026 को स्पष्ट किया कि योजना के नियमित या बकाया किस्तें जारी की जा सकती हैं लेकिन जनवरी की किस्त अग्रिम रूप से नहीं दी जा सकती। आयोग ने मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के दौरान अग्रिम भुगतान पर रोक लगा दी। इससे लाभार्थी महिलाओं को केवल दिसंबर की बकाया किस्त मिलेगी और जनवरी की किस्त बाद में जारी होगी।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के विरोध पर पलटवार किया। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि कांग्रेस महाराष्ट्र की लाड़ली बहनों के प्रति घृणा से भरी है और वे महिलाओं की खुशी बर्दाश्त नहीं कर सकतीं। उन्होंने योजना को राज्य सरकार की निरंतर योजना बताया जो चुनाव संहिता से प्रभावित नहीं होती। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा कि यह योजना राज्य की निरंतर कल्याणकारी योजना है और इसे रोकना महिलाओं के साथ भेदभाव होगा।
बीजेपी नेता चित्रा वाघ ने इस मुद्दे पर बयान दिया कि कांग्रेस और अन्य पार्टियां हमेशा से लाड़की बहिन योजना के खिलाफ रही हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने कांग्रेस और अन्य पार्टियों की शिकायत पर जिन लाड़ली बहनों का पैसा रोका है वे कांग्रेस को इसका नतीजा दिखाएंगी। वाघ का यह बयान कांग्रेस के विरोध को महिला विरोधी करार देते हुए योजना के लाभार्थियों को कांग्रेस के खिलाफ जुटाने का आह्वान माना जा रहा है। यह विवाद महाराष्ट्र में आगामी नगर निगम चुनावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है जहां महिला मतदाता बड़ी संख्या में हैं। योजना ने 2024 के विधानसभा चुनावों में महायुति को मजबूत समर्थन दिया था। कांग्रेस का कहना है कि घोषणा का समय मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास है जबकि महायुति इसे महिलाओं के अधिकारों से जोड़ रही है। चुनाव आयोग के फैसले से अग्रिम भुगतान रुक गया है लेकिन नियमित किस्तें जारी रहेंगी।
योजना की शुरुआत जून 2024 में हुई थी और यह महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। विवाद के बीच योजना के लाभार्थियों की संख्या एक करोड़ से अधिक बताई जाती है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह योजना का विरोध नहीं कर रही बल्कि केवल चुनावी समय पर अग्रिम भुगतान का विरोध कर रही है। भाजपा ने कांग्रेस को महिला हितों के खिलाफ बताया और कहा कि वे महिलाओं को उनके हक से वंचित करना चाहती हैं। राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के दौरान चल रही योजनाओं का नियमित संचालन जारी रह सकता है लेकिन कोई नई घोषणा या अग्रिम भुगतान नहीं किया जा सकता। इस फैसले से महायुति सरकार को झटका माना जा रहा है क्योंकि 14 जनवरी को 3000 रुपये का भुगतान चुनाव से ठीक पहले होता। कांग्रेस ने इसे वोट प्रभावित करने की कोशिश बताया जबकि सरकार ने इसे निरंतर योजना का हिस्सा कहा
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