बुर्के में वोटिंग पर गिरिराज सिंह का विवादित बयान, बोले ये पाकिस्तान नहीं जहां शरिया कानून चले, आंगनबाड़ी सेविका करेंगी जांच।

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 6 नवंबर 2025 को मतदान चल रहा था। राज्य के 18 जिलों की 121 सीटों पर सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हुई और शाम पांच बजे तक

Nov 6, 2025 - 17:25
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बुर्के में वोटिंग पर गिरिराज सिंह का विवादित बयान, बोले ये पाकिस्तान नहीं जहां शरिया कानून चले, आंगनबाड़ी सेविका करेंगी जांच।
बुर्के में वोटिंग पर गिरिराज सिंह का विवादित बयान, बोले ये पाकिस्तान नहीं जहां शरिया कानून चले, आंगनबाड़ी सेविका करेंगी जांच।

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 6 नवंबर 2025 को मतदान चल रहा था। राज्य के 18 जिलों की 121 सीटों पर सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हुई और शाम पांच बजे तक चली। इस बीच केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह ने लखीसराय जिले के बड़हिया में अपना वोट डाला। मतदान करने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने बुर्का पहनकर वोट डालने वाली महिलाओं की जांच पर बड़ा बयान दे दिया। गिरिराज सिंह ने कहा कि अगर किसी को बुर्के में आए वोटर पर शक होता है तो उसकी पहचान की जांच जरूर होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पाकिस्तान नहीं है जहां शरिया कानून चलता हो। भारत धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां चुनाव आयोग के नियम लागू होते हैं।

गिरिराज सिंह ने बताया कि चुनाव आयोग ने हर बूथ पर आंगनबाड़ी सेविकाओं को तैनात किया है। अगर किसी पोलिंग एजेंट या अधिकारी को लगता है कि बुर्के में कोई फर्जी वोट डाल रहा है तो आंगनबाड़ी सेविका चेहरा देखकर पहचान की पुष्टि करेगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आधार कार्ड बनवाते समय बुर्का उठता है, एयरपोर्ट पर जांच के दौरान उठता है, सरकारी योजनाओं का लाभ लेते समय उठता है तो वोटिंग के समय क्यों नहीं। यह जांच फर्जी वोटिंग रोकने के लिए है न कि किसी धर्म को निशाना बनाने के लिए। गिरिराज सिंह ने कहा कि इसे धर्म से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। भारत में संविधान का राज है शरिया का नहीं।

यह बयान जैसे ही बाहर आया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। एनडीटीवी इंडिया ने गिरिराज सिंह का वीडियो शेयर किया जिसमें वे स्पष्ट बोल रहे हैं कि बुर्के में मतदान करने वालों की जांच हो और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जांच करें। यह भारत है पाकिस्तान नहीं। इंडिया टुडे ने भी रिपोर्ट किया कि गिरिराज सिंह ने कहा कि शरिया यहां नहीं चलती। फर्जी वोटिंग रोकने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तैनाती की गई है। नवभारत लाइव और अन्य चैनलों ने भी इसे प्रमुखता से दिखाया। लोग इसे लेकर दो हिस्सों में बंट गए। एक पक्ष ने गिरिराज सिंह की तारीफ की कि वे फर्जी वोटिंग रोकने की बात कर रहे हैं जबकि दूसरे पक्ष ने इसे मुस्लिम महिलाओं का अपमान बताया।

एनडीए के सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के नेता चिराग पासवान ने गिरिराज सिंह के बयान पर नाराजगी जताई। चिराग पासवान ने कहा कि यह अनावश्यक रूप से हिंदू मुस्लिम मुद्दा बनाने की कोशिश है। चुनाव विकास और रोजगार पर लड़ना चाहिए न कि ऐसे विवाद पैदा करके। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया में पहले से ही नियम हैं और चुनाव आयोग सब संभाल रहा है। ऐसे बयानों से माहौल खराब होता है। चिराग पासवान ने साफ कहा कि यह हिंदू मुस्लिम का मुद्दा बनाने की कोशिश है जो गलत है।

विपक्षी दलों ने गिरिराज सिंह के बयान पर तीखा हमला बोला। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी वाले हर चुनाव में हिंदू मुस्लिम करते हैं क्योंकि उनके पास कोई मुद्दा नहीं है। विकास की बात करें तो जवाब नहीं होता इसलिए बुर्का और शरिया का नाम लेकर वोट बांटने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने भी इसे मुस्लिम महिलाओं का अपमान बताया। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी संविधान की बात करती है लेकिन महिलाओं की गरिमा का सम्मान नहीं करती। चुनाव आयोग को ऐसे बयानों पर संज्ञान लेना चाहिए।

चुनाव आयोग ने पहले ही बुर्का पहनकर वोटिंग पर दिशा निर्देश जारी किए हैं। अगर किसी महिला वोटर पर शक होता है तो महिला अधिकारी या आंगनबाड़ी सेविका ही चेहरा देखकर पहचान करती है। यह प्रक्रिया पुरानी है और फर्जी वोटिंग रोकने के लिए है। बिहार में पहले भी कई बार बुर्के की आड़ में पुरुषों के वोट डालने की शिकायतें आई हैं इसलिए आयोग ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को शामिल किया। गिरिराज सिंह ने इसी व्यवस्था का जिक्र किया लेकिन उनके पाकिस्तान और शरिया वाले शब्दों ने विवाद पैदा कर दिया।

बिहार में मुस्लिम वोटर करीब 18 प्रतिशत हैं और कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। पहले चरण में सीमांचल और कुछ अन्य इलाकों में मुस्लिम आबादी ज्यादा है। बीजेपी और एनडीए मुस्लिम वोटों पर निर्भर नहीं है लेकिन विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर मुस्लिम वोटों को एकजुट करने की कोशिश कर रहा है। गिरिराज सिंह पहले भी ऐसे बयानों के लिए जाने जाते हैं। वे अक्सर कड़े शब्दों में बात करते हैं। इस बार भी उनका बयान चुनावी माहौल को गरमा गया।

मतदान के दिन बिहार में सुबह से ही लंबी कतारें लगीं। महिलाएं बुर्का पहनकर भी वोट डालने पहुंचीं। कई बूथों पर आंगनबाड़ी सेविकाएं तैनात दिखीं। चुनाव आयोग के अधिकारी कहते हैं कि जांच गरिमा के साथ होती है। कोई शिकायत नहीं आई है। पहले चरण में तीन करोड़ से ज्यादा वोटरों ने हिस्सा लिया। शाम तक वोटिंग प्रतिशत 50 के पार पहुंच गया। कई जगहों पर ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतें आईं लेकिन उन्हें ठीक कर लिया गया।

गिरिराज सिंह ने वोट डालने से पहले गांव के मंदिर में पूजा की। वे सुबह सबसे पहले अपने बूथ पर पहुंचे और पहले वोटर बने। मतदान के बाद उन्होंने कहा कि एनडीए सभी 121 सीटें जीतेगा। नीतीश कुमार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे। विकास और गरीब कल्याण ही मुद्दा है। जंगलराज बनाम विकास का चुनाव है। उन्होंने लालू परिवार पर हमला बोला कि वे सिर्फ परिवारवाद करते हैं।

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