ट्रेन में महंगे खाने का विरोध करने पर यात्री को वेंडरों ने बेल्ट से पीटा, वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे ने शुरू की जांच। 

उत्तर प्रदेश के झांसी रेलवे स्टेशन के पास अंडमान एक्सप्रेस ट्रेन में एक यात्री के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। यह घटना तब की है जब मध्य प्रदेश के बीना निवासी निहाल अपने परिवार

Nov 6, 2025 - 17:38
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ट्रेन में महंगे खाने का विरोध करने पर यात्री को वेंडरों ने बेल्ट से पीटा, वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे ने शुरू की जांच। 
ट्रेन में महंगे खाने का विरोध करने पर यात्री को वेंडरों ने बेल्ट से पीटा, वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे ने शुरू की जांच। 

उत्तर प्रदेश के झांसी रेलवे स्टेशन के पास अंडमान एक्सप्रेस ट्रेन में एक यात्री के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। यह घटना तब की है जब मध्य प्रदेश के बीना निवासी निहाल अपने परिवार के साथ श्री माता वैष्णो देवी कटरा से बीना जा रहे थे। ट्रेन संख्या 16032 अंडमान एक्सप्रेस में सफर के दौरान निहाल ने वेज थाली ऑर्डर की। वेंडर ने थाली के 130 रुपये मांगे। निहाल ने बताया कि रेलवे की तय कीमत के अनुसार वेज थाली 110 रुपये की होती है। उन्होंने अतिरिक्त 20 रुपये देने से इनकार कर दिया और शिकायत की।

इस पर वेंडर भड़क गया। वह कुछ देर बाद अपने साथियों के साथ लौटा और निहाल पर हमला कर दिया। वेंडर ने अपनी बेल्ट उतारी और निहाल को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि निहाल बार बार माफी मांगते रहे और छोड़ने की गुहार लगाते रहे लेकिन वेंडर और उसके साथी नहीं रुके। उन्होंने लात घूंसे और बेल्ट से लगातार मारपीट की। निहाल की चीखें सुनकर बोगी में मौजूद अन्य यात्रियों ने बीच बचाव किया और किसी तरह उन्हें बचाया। अगर यात्रियों ने हस्तक्षेप नहीं किया तो बड़ा हादसा हो सकता था।

निहाल ने बताया कि मारपीट झांसी स्टेशन के आसपास हुई। ट्रेन चल रही थी और वेंडरों ने उन्हें धक्का देकर गिराया फिर हमला किया। निहाल ने पोस्ट में लिखा कि वे परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे और सिर्फ ज्यादा पैसे देने से मना किया तो जानलेवा हमला हुआ। उन्होंने लिखा कि मुझे न्याय की कोई उम्मीद नहीं लेकिन रेलवे यात्रा बहुत सुरक्षित है। निहाल ने वीडियो अपने अकाउंट से 1 नवंबर 2025 को शेयर किया। इसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेल मंत्रालय को टैग करके सख्त कार्रवाई की मांग की। न्यूज चैनल्स और अखबारों ने भी इस घटना को प्रमुखता से दिखाया। लोगों का कहना है कि ट्रेन में वेंडरों की गुंटागर्दी बढ़ती जा रही है। पहले भी कई मामलों में ओवरचार्जिंग और मारपीट की शिकायतें आई हैं लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

निहाल ने बीना स्टेशन पहुंचकर जीआरपी थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने कहा कि घटना झांसी क्षेत्र में हुई है इसलिए ग्वालियर या झांसी जाना पड़ेगा। निहाल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है इसलिए वे बार बार पेशी के लिए नहीं जा सके। उन्होंने शिकायत आगे नहीं बढ़ाई और सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर मदद मांगी। निहाल ने पोस्ट में माफी मांगते हुए लिखा कि खाना ऑर्डर करके गलती कर दी।

झांसी रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद मामला उनके संज्ञान में आया है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मारपीट कहां हुई लेकिन जांच शुरू कर दी गई है। दोषी वेंडर और उसके साथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आईआरसीटीसी को भी निर्देश दिए गए हैं कि केटरिंग स्टाफ की ट्रेनिंग और निगरानी बढ़ाई जाए। अगर वेंडर प्राइवेट कंट्राक्टर का है तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

रेलवे के सूत्रों ने बताया कि अंडमान एक्सप्रेस में केटरिंग का ठेका एक प्राइवेट कंपनी को दिया गया है। कंपनी के कर्मचारी ही वेंडर थे। रेलवे ने कंपनी को नोटिस जारी किया है और पूछा है कि ऐसे कर्मचारियों को कैसे रखा गया। यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है और ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

यह घटना रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। ट्रेन में अक्सर वेंडर मनमाने दाम वसूलते हैं। रेल नीर की बोतल 20 रुपये में बेचते हैं जबकि एमआरपी 15 रुपये है। खाने में भी 50 से 100 रुपये तक ज्यादा लेते हैं। शिकायत करने पर धमकी देते हैं या मारपीट कर देते हैं। पहले हेमकुंट एक्सप्रेस में भी ऐसा ही मामला सामने आया था जहां शिकायत करने पर यात्रियों को पीटा गया।

यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में आरपीएफ और जीआरपी की गश्त बढ़ानी चाहिए। हर कोच में सीसीटीवी लगे और हेल्पलाइन नंबर काम करें। आईआरसीटीसी को चाहिए कि तय रेट लिस्ट हर कोच में चस्पा करे और वेंडरों पर सख्ती करे। अगर वेंडर गलत करें तो तुरंत ठेका रद्द हो।

निहाल जैसे आम यात्री ट्रेन में सफर करते हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे की है। इस घटना से साफ है कि वेंडरों को लगता है कि ट्रेन में वे राजा हैं। रेलवे को अब सबक लेना होगा और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। निहाल को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों को सजा। तभी यात्रियों का भरोसा बहाल होगा।

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