क्या 24 घंटे लगातार AC चलाने से ब्लास्ट या आग लगने का रहता है खतरा? तकनीकी पहलुओं को समझना बेहद जरूरी।
गर्मियों के मौसम में बढ़ते तापमान और उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए एयर कंडीशनर (AC) आज के समय में हर घर
- भीषण गर्मी में एयर कंडीशनर (AC) को लगातार चलाने की सुरक्षित समयावधि और इसकी अधिकतम कार्यक्षमता का पूरा सच
- कंप्रेसर पर पड़ने वाले अत्यधिक दबाव और वायरिंग की कमियों को दूर करके हादसों से बचने के सबसे अचूक उपाय
गर्मियों के मौसम में बढ़ते तापमान और उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए एयर कंडीशनर (AC) आज के समय में हर घर और दफ्तर की सबसे प्राथमिक जरूरत बन चुका है। मई और जून के महीनों में जब पारा 45 डिग्री सेल्सियस को पार करने लगता है, तो लोग राहत पाने के लिए अपने घरों में लगे AC को बिना रोके घंटों तक चलाते रहते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल जरूर घूमता है कि एक एयर कंडीशनर लगातार कितने घंटे तक बिना किसी रुकावट के चल सकता है। तकनीकी रूप से देखा जाए तो आधुनिक तकनीक से बने AC को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि वे लंबे समय तक काम कर सकें, लेकिन उनकी भी अपनी एक व्यावहारिक और यांत्रिक सीमा होती है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
आधुनिक इनवर्टर और नॉन-इनवर्टर एयर कंडीशनर की बनावट और कार्यप्रणाली को अगर गहराई से समझा जाए, तो एक सामान्य AC लगातार 15 से 24 घंटे तक बिना किसी परेशानी के चल सकता है। बड़ी व्यावसायिक इमारतों, अस्पतालों और सर्वर रूम में लगे AC तो हफ्तों और महीनों तक लगातार चलते रहते हैं क्योंकि उन्हें उसी हैवी-ड्यूटी क्षमता के साथ तैयार किया जाता है। घरेलू इस्तेमाल वाले AC के मामले में यदि कमरा चारों तरफ से अच्छी तरह बंद है और बाहर का तापमान सामान्य है, तो AC का कंप्रेसर कमरे को ठंडा करने के बाद अपने आप कुछ समय के लिए कट-ऑफ (बंद) हो जाता है। कंप्रेसर का यह ऑटो-कट फीचर ही मशीन को लगातार चलने के बावजूद आंतरिक रूप से आराम देने का काम करता है, जिससे मशीन के कल-पुर्जे अत्यधिक गर्म नहीं हो पाते।
अब बात करते हैं उस सबसे बड़े डर की जो गर्मियों में अक्सर लोगों को सताता है कि क्या AC को लगातार चालू रखने से उसमें आग लग सकती है या वह ब्लास्ट हो सकता है। यह सच है कि गर्मियों के दौरान AC में आग लगने और शॉर्ट सर्किट होने की घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ती हैं, लेकिन इसके लिए केवल AC का लगातार चलना ही जिम्मेदार नहीं होता। आग लगने की मुख्य वजह AC के भीतर लगे कंप्रेसर का अत्यधिक गर्म (Overheating) हो जाना और घर की विद्युत वायरिंग का कमजोर होना होता है। जब एक AC बिना रुके लगातार कई घंटों तक बहुत ज्यादा बाहरी तापमान में काम करता है, तो उसके कंप्रेसर को गैस को संकुचित करने के लिए दोगुनी ताकत लगानी पड़ती है, जिससे उसका तापमान खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है।
ओवरहीटिंग और आग लगने के मुख्य कारण
यदि AC की समय पर सर्विसिंग नहीं कराई गई है और उसके कंडेंसर कॉइल्स या फिल्टर में भारी मात्रा में धूल और गंदगी जमा है, तो गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाती। इसके अलावा, यदि घर की इंटरनल वायरिंग में AC के लोड के मुताबिक सही मोटाई (गेज) के तारों या स्टेबलाइजर का इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो तार आपस में चिपक जाते हैं और चिंगारी सीधे प्लास्टिक बॉडी तक पहुंचकर भीषण आग का रूप ले लेती है।
विद्युत सुरक्षा और यांत्रिक इंजीनियरिंग के बुनियादी नियमों के अनुसार, AC को लगातार चलाने के दौरान कुछ बेहद जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। यदि आपको अपने घर का AC पूरे दिन और रात चलाने की आवश्यकता महसूस होती है, तो सबसे बेहतर तरीका यह है कि इसे लगातार 7 से 8 घंटे चलाने के बाद कम से कम आधे घंटे के लिए बंद कर दिया जाए। इस छोटे से अंतराल के दौरान कंप्रेसर और कंडेंसर फैन को पूरी तरह से ठंडा होने का समय मिल जाता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता दोबारा बढ़ जाती है। इसके साथ ही, कमरे में सीलिंग फैन (छत का पंखा) भी चालू रखना चाहिए ताकि AC की ठंडी हवा पूरे कमरे में तेजी से फैले और AC को कमरा ठंडा करने के लिए बहुत ज्यादा मशक्कत न करनी पड़े।
एक और बहुत बड़ी गलती जो अधिकांश लोग करते हैं, वह है AC के तापमान को बहुत कम यानी 16 या 18 डिग्री सेल्सियस पर सेट करना। जब आप इतने कम तापमान पर AC चलाते हैं, तो कमरे का तापमान कभी भी उस स्तर तक नहीं पहुंच पाता और इस वजह से कंप्रेसर बिना एक सेकंड रुके लगातार चौबीसों घंटे चलता रहता है। कंप्रेसर पर लगातार बने रहने वाले इसी अत्यधिक दबाव के कारण आंतरिक इंसुलेशन फेल हो जाता है और ब्लास्ट जैसी गंभीर स्थिति पैदा होती है। इसलिए, हमेशा AC को 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच के आदर्श तापमान पर ही चलाना चाहिए, क्योंकि यह तापमान मानव शरीर के लिए आरामदायक होने के साथ-साथ मशीन की उम्र को भी लंबा बनाता है।
आधुनिक समय में बाजार में मिलने वाले स्मार्ट और इनवर्टर AC पुराने फिक्स्ड-स्पीड AC की तुलना में काफी सुरक्षित और बिजली की बचत करने वाले होते हैं। इनवर्टर AC का कंप्रेसर कमरे की ठंडक के हिसाब से अपनी गति को धीमा या तेज कर लेता है, जिससे वह कभी भी पूरी तरह से बंद या चालू होने के झटके नहीं झेलता। हालांकि, तकनीक कितनी भी उन्नत क्यों न हो, नियमित रखरखाव का कोई विकल्प नहीं हो सकता। हर सीजन की शुरुआत में और अत्यधिक इस्तेमाल के दौरान हर महीने फिल्टर की सफाई खुद करना और साल में कम से कम दो बार पेशेवर मैकेनिक से इसकी डीप-क्लीनिंग और गैस प्रेशर की जांच कराना हर उपभोक्ता के लिए अनिवार्य होना चाहिए।
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