'चक दे इंडिया', 25 साल बाद वर्ल्ड चैंपियन बनी इंडियन वीमेन टीम, टीम बोली- 'कप अब हमारा है!
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने नवंबर 2025 में नवि मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए आईसीसी
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने नवंबर 2025 में नवि मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए आईसीसी महिला वनडे विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार ट्रॉफी अपने नाम की। यह भारत का पहला महिला वनडे विश्व कप खिताब है। इससे पहले भारत 2005 और 2017 में फाइनल तक पहुंचा था, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत सका। दक्षिण अफ्रीका भी पहली बार फाइनल में पहुंची थी और उसके लिए भी यह मौका खिताब जीतने का था। मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सात विकेट खोकर 298 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 45.3 ओवर में 246 रन पर ऑलआउट हो गई। शेफाली वर्मा को उनकी 87 रनों की पारी और दो विकेट के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। दीप्ति शर्मा को पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड मिला।
मैच की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनकर की। भारतीय ओपनर शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने मजबूत शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 80 रन जोड़े। स्मृति ने 45 रन बनाए, जिसमें आठ चौके शामिल थे। शेफाली ने 78 गेंदों में 87 रन ठोके, जिनमें सात चौके और दो छक्के थे। उनकी पारी ने भारत को मजबूत आधार दिया। जेमिमा रॉड्रिग्स ने 24 रन का योगदान दिया। हर ख़त्म होने से पहले दीप्ति शर्मा ने 58 रनों की उपयोगी पारी खेली। रिचा घोष ने 34 रन बनाकर स्कोर को 298 तक पहुंचाया। दक्षिण अफ्रीका की ओर से आयाबोंगा खाका ने तीन विकेट लिए, जबकि नोनकुलुलेखो म्लाबा, नादिन डी क्लर्क और क्लो ट्रायॉन ने एक एक विकेट हासिल किया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी रही। कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट ने 101 रनों की शतकीय पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज साथ नहीं दे सके। तजमिन ब्रिट्स जल्दी आउट हो गईं। अमानजोत कौर ने शानदार फील्डिंग करते हुए वोल्वार्ड्ट का कैच लिया। अननेरी डर्क्सन ने 35 रन बनाए, लेकिन दीप्ति शर्मा ने पांच विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका की कमर तोड़ दी। शेफाली वर्मा ने भी दो विकेट चटकाए। रेनुका सिंह और श्री चारानी ने एक एक विकेट लिया। दक्षिण अफ्रीका की टीम 246 रन पर सिमट गई। दीप्ति की गेंदबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
यह विश्व कप भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेला गया। टूर्नामेंट 30 सितंबर से शुरू हुआ और दो नवंबर को फाइनल के साथ खत्म हुआ। भारत ने लीग स्टेज में तीन मैच हारे, लेकिन सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में भारत ने 339 रनों का रिकॉर्ड लक्ष्य चेज किया था। जेमिमा रॉड्रिग्स की नाबाद 127 और हरमनप्रीत की 89 रनों की पारी यादगार रही। दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 125 रनों से हराया था। लॉरा वोल्वार्ड्ट की 169 रनों की पारी और मारिजाने कैप की पांच विकेट ने उन्हें फाइनल तक पहुंचाया।
भारत की जीत के हीरो कई रहे। शेफाली वर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दीप्ति शर्मा का ऑलराउंड प्रदर्शन, स्मृति मंधाना की स्थिरता और हरमनप्रीत की कप्तानी सराहनीय रही। फील्डिंग में भी भारत ने कमाल दिखाया। अमानजोत कौर का कैच और रिचा घोष की विकेटकीपिंग ने मैच में बड़ा अंतर पैदा किया। दक्षिण अफ्रीका की टीम ने अच्छा संघर्ष किया, लेकिन आखिरी ओवरों में दबाव में विकेट गंवाए।
यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए मील का पत्थर है। 25 साल बाद कोई नई टीम चैंपियन बनी। आखिरी बार 2000 में न्यूजीलैंड ने खिताब जीता था, जब ऑस्ट्रेलिया का दबदबा नहीं था। अब भारत ने साबित कर दिया कि वह विश्व की नंबर एक टीम बनने की राह पर है। स्टेडियम में 45 हजार दर्शक थे, जो लगातार भारत भारत चिल्ला रहे थे। जीत के बाद खिलाड़ी भावुक हो गईं। हरमनप्रीत ने ट्रॉफी उठाई और टीम ने एक दूसरे को गले लगाया। स्मृति मंधाना की आंखों में आंसू थे। दीप्ति शर्मा ने कहा कि यह सपना सच होने जैसा है।
विश्व कप की विजेताओं की सूची इस प्रकार है। 1973 में इंग्लैंड ने पहला खिताब जीता। 1978, 1982, 1988, 1997, 2005, 2013 और 2022 में ऑस्ट्रेलिया चैंपियन बनी। इंग्लैंड ने 1993, 2009 और 2017 में ट्रॉफी उठाई। न्यूजीलैंड ने 2000 में एक बार जीत हासिल की। अब 2025 में भारत का नाम जुड़ गया। ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम है, जिसने सात बार खिताब जीता। भारत तीसरी फाइनल में पहुंचकर पहली बार चैंपियन बना।
यह टूर्नामेंट महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले गया। रिकॉर्ड दर्शक, हाई स्कोरिंग मैच और युवा खिलाड़ियों का उभरना। भारत में महिला क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ेगी। बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को 39 करोड़ रुपये का इनाम देने का ऐलान किया। पूरा देश जश्न मना रहा है। प्रधानमंत्री से लेकर क्रिकेट लीजेंड्स तक ने बधाई दी। सचिन तेंदुलकर ने कहा कि यह गर्व का पल है। विराट कोहली और रोहित शर्मा ने भी संदेश भेजे।
भारतीय टीम की यात्रा आसान नहीं थी। लीग स्टेज में न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका से हार मिली। लेकिन टीम ने हार से सीखा। कोच अमोल मुजुमदार ने फिटनेस और फील्डिंग पर जोर दिया। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराना बड़ा झटका था। सात बार की चैंपियन को घरेलू मैदान पर हराकर भारत ने आत्मविश्वास हासिल किया। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी लीग मैच में हार मिली थी, लेकिन फाइनल में टीम ने बदला लिया।
शेफाली वर्मा इस विश्व कप की स्टार बनीं। पहले उन्हें टीम में जगह नहीं मिल रही थी, लेकिन चोट के कारण मौका मिला और उन्होंने दोनों हाथों से लपक लिया। उनकी तेज बल्लेबाजी और ऑफ स्पिन गेंदबाजी ने मैच पलट दिए। दीप्ति शर्मा ने पूरे टूर्नामेंट में विकेट लिए और रन बनाए। स्मृति मंधाना टॉप स्कोरर रहीं। हरमनप्रीत की कप्तानी में टीम एकजुट रही।
दक्षिण अफ्रीका की टीम भी सराहना की पात्र है। पहली बार फाइनल में पहुंचकर उन्होंने साबित किया कि वे मजबूत हैं। लॉरा वोल्वार्ड्ट ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाए। मारिजाने कैप का ऑलराउंड प्रदर्शन शानदार रहा। लेकिन फाइनल में दबाव में वे लड़खड़ा गईं।
यह जीत लड़कियों के लिए प्रेरणा है। अब हर गांव की बेटी क्रिकेट खेलना चाहेगी। महिला आईपीएल को और बढ़ावा मिलेगा। बीसीसीआई ने मैच फीस बराबर करने का फैसला किया था, जो अब और मजबूत होगा। विश्व कप की पुरस्कार राशि 13.88 मिलियन डॉलर थी, जिसमें भारत को बड़ा हिस्सा मिलेगा।
भारत की जीत ने क्रिकेट जगत को नया चैंपियन दिया। 25 साल बाद कोई नई टीम विश्व विजेता बनी। ऑस्ट्रेलिया का एकछत्र राज खत्म हुआ। अब महिला क्रिकेट में भारत, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड जैसी टीमें आगे आएंगी। अगला विश्व कप 2029 में होगा, जहां भारत डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरेगा।
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