'पीएम मोदी ने लिए वो फैसले जिनसे पहले के नेता कतराते थे', राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को बताया 'साहसिक और निर्णायक'।
भारतीय राजनीति में एक अप्रत्याशित और नाटकीय मोड़ देखने को मिला है, जब आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक और
- राघव चड्ढा ने की प्रधानमंत्री की प्रशंसा: आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने और भारत को आर्थिक शक्ति बनाने के फैसलों को बताया ऐतिहासिक
भारतीय राजनीति में एक अप्रत्याशित और नाटकीय मोड़ देखने को मिला है, जब आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के साथ ही चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की खुले दिल से प्रशंसा की है, जो उनके पिछले एक दशक के राजनीतिक रुख के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि प्रधानमंत्री ने बीते वर्षों में कई ऐसे साहसिक और कड़े फैसले लिए हैं, जो देश के उज्जवल भविष्य के लिए अनिवार्य थे। चड्ढा के अनुसार, मोदी सरकार ने उन बुनियादी समस्याओं को सुलझाने का साहस दिखाया है जिन्हें पूर्ववर्ती सरकारों ने अपनी राजनीतिक सुविधा के लिए दशकों तक लटकाए रखा था। राघव चड्ढा ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री की निर्णय लेने की क्षमता पर बल देते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने उन क्षेत्रों में कड़े कदम उठाए हैं जहाँ पहले के नेता कदम रखने से भी कतराते थे। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति और सीमाओं की सुरक्षा को लेकर लिए गए फैसलों को ऐतिहासिक करार दिया। चड्ढा का तर्क है कि भारत आज वैश्विक पटल पर जिस मजबूत स्थिति में खड़ा है, उसके पीछे प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता और बिना किसी दबाव के राष्ट्रहित में कड़े फैसले लेने की इच्छाशक्ति है। उन्होंने कहा कि जनता ने प्रधानमंत्री के इस नेतृत्व को न केवल एक या दो बार, बल्कि बार-बार अपना भारी समर्थन देकर यह सिद्ध कर दिया है कि देश की कमान सही हाथों में है। राघव चड्ढा के साथ ही आम आदमी पार्टी के छह अन्य राज्यसभा सांसदों ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है, जिससे राज्यसभा में शक्ति का संतुलन काफी हद तक बदल गया है। यह घटनाक्रम आगामी विधानसभा चुनावों और संसदीय राजनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अपने राजनीतिक जीवन के इस नए अध्याय की शुरुआत करते हुए चड्ढा ने अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर प्रधानमंत्री की उपलब्धियों को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं की कतार में खड़ा करना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। चड्ढा ने जीएसटी (GST) जैसे जटिल आर्थिक सुधारों और डिजिटल इंडिया की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि इन फैसलों ने देश की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे स्वयं एक चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे हैं और इस आधार पर वे समझते हैं कि इन सुधारों के लिए किस स्तर की प्रशासनिक और राजनीतिक दृढ़ता की आवश्यकता होती है। उनके अनुसार, देश की आर्थिक नींव अब इतनी मजबूत हो चुकी है कि भारत वैश्विक चुनौतियों का डटकर सामना कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राघव चड्ढा का यह हृदय परिवर्तन महज एक दल से दूसरे दल में जाना नहीं है, बल्कि एक वैचारिक बदलाव का भी प्रतीक है। चड्ढा ने अपनी पुरानी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह दल अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक गया है और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा कि वहां केवल काम करने और राष्ट्र को आगे ले जाने का जुनून है। चड्ढा ने स्पष्ट किया कि वे अब उस दृष्टिकोण के साथ काम करना चाहते हैं जो राष्ट्र निर्माण को दलगत राजनीति से ऊपर रखता है। उनके इस बयान ने यह संकेत दिया है कि वे भाजपा के भीतर एक बड़ी जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं और प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के सपने में योगदान देना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों की सराहना करते हुए राघव चड्ढा ने आंतरिक सुरक्षा और शांति व्यवस्था पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों में शांति और स्थिरता लाने के लिए जो कदम उठाए गए, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए नजीर पेश करेंगे। चड्ढा का मानना है कि कड़े फैसलों का मतलब केवल कठोरता नहीं होता, बल्कि उसका अर्थ नागरिकों को एक सुरक्षित और समृद्ध जीवन प्रदान करना भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री को एक ऐसा नेता बताया जो संकट के समय में न केवल खड़ा रहता है बल्कि पूरी दुनिया को दिशा दिखाने की क्षमता रखता है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री की वैश्विक छवि ने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा किया है। चड्ढा ने अपने संबोधन में यह भी आश्वासन दिया कि वे संसद में जनता के मुद्दों को उठाना जारी रखेंगे, लेकिन अब उनके पास एक ऐसा नेतृत्व है जो उन मुद्दों को सुनकर उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठा सकता है। उन्होंने कहा कि पहले की व्यवस्था में वे अपनी ही पार्टी के भीतर हाशिए पर थे और उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन अब वे खुलकर राष्ट्रहित में अपनी बात रख सकेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की कार्यक्षमता और ऊर्जा की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके साथ काम करना उनके लिए एक सौभाग्य की बात है। वे अब पूरी ऊर्जा के साथ उन नीतियों को जमीन पर उतारने में मदद करेंगे जो गरीबों और मध्यम वर्ग के उत्थान के लिए बनाई गई हैं।
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