मेरठ से प्रयागराज का सफर अब सिर्फ 6 घंटे, पीएम ने देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे की दी सौगात, 36,230 करोड़ की लागत से तैयार गंगा एक्सप्रेस-वे

सुरक्षा और सामरिक दृष्टिकोण से भी गंगा एक्सप्रेस-वे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने शाहजहांपुर में बनाई गई 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी (Airstrip) का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह आपातकालीन लैंडिंग सुविधा न केवल

Apr 29, 2026 - 13:45
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मेरठ से प्रयागराज का सफर अब सिर्फ 6 घंटे, पीएम ने देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे की दी सौगात, 36,230 करोड़ की लागत से तैयार गंगा एक्सप्रेस-वे
मेरठ से प्रयागराज का सफर अब सिर्फ 6 घंटे, पीएम ने देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे की दी सौगात, 36,230 करोड़ की लागत से तैयार गंगा एक्सप्रेस-वे
  • उत्तर प्रदेश का नया सारथी: गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन, पीएम मोदी ने बताया आधुनिक विकास की नई लाइफलाइन
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की सुपरफास्ट रफ्तार: 36,230 करोड़ की लागत से तैयार गंगा एक्सप्रेस-वे बना यूपी की आर्थिक प्रगति का मुख्य आधार

उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में आज एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई जिले में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करते हुए इसे राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे की तुलना माँ गंगा से करते हुए कहा कि जिस प्रकार माँ गंगा सदियों से उत्तर प्रदेश और पूरे देश की जीवन रेखा रही हैं, उसी प्रकार आधुनिक युग में यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास की नई लाइफलाइन सिद्ध होगा। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ेगा, बल्कि राज्य के 12 महत्वपूर्ण जिलों की दूरी को भी समेट देगा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में साफ किया कि यह प्रोजेक्ट केवल सड़क निर्माण नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है। गंगा एक्सप्रेस-वे की विशालता और इसकी उपयोगिता को लेकर प्रधानमंत्री ने विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह छह लेन का एक्सप्रेस-वे है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित करने की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। लगभग 36,230 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से निर्मित यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) की देखरेख में पूरा किया गया है। मेरठ से शुरू होकर यह एक्सप्रेस-वे हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज पर समाप्त होता है। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के चालू होने से मेरठ और प्रयागराज के बीच लगने वाला 12 घंटे का समय अब घटकर मात्र 6 घंटे रह जाएगा, जो परिवहन और रसद क्षेत्र के लिए किसी क्रांतिकारी बदलाव से कम नहीं है।

सुरक्षा और सामरिक दृष्टिकोण से भी गंगा एक्सप्रेस-वे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने शाहजहांपुर में बनाई गई 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी (Airstrip) का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह आपातकालीन लैंडिंग सुविधा न केवल नागरिक उड्डयन के काम आएगी, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों के टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए भी एक मजबूत विकल्प प्रदान करेगी। आधुनिक इंजीनियरिंग का यह बेजोड़ नमूना दर्शाता है कि आज का भारत अपनी अवसंरचना को दोहरे उपयोग वाली तकनीक के साथ विकसित कर रहा है। यह हवाई पट्टी संकट की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए एक रणनीतिक केंद्र के रूप में कार्य करेगी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

गंगा एक्सप्रेस-वे की मुख्य विशेषताएं

  • कुल लंबाई: 594 किलोमीटर (देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे)।

  • कुल लागत: लगभग 36,230 करोड़ रुपये।

  • प्रवेश द्वार: मेरठ (बिजौली गांव) से प्रयागराज (जुदापुर डांडू गांव)।

  • प्रमुख संरचनाएं: 14 बड़े पुल, 126 छोटे पुल और शाहजहांपुर में 3.5 किमी की एयरस्ट्रिप।

  • विशेषता: पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल, जो निर्बाध और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करता है।

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक कायाकल्प पर जोर देते हुए कहा कि एक्सप्रेस-वे के किनारे अब केवल गाड़ियां ही नहीं दौड़ेंगी, बल्कि उद्योगों का एक जाल बिछेगा। सरकार की योजना इसके किनारे 12 से अधिक 'एकीकृत विनिर्माण और रसद क्लस्टर' (IMLC) विकसित करने की है। इन क्लस्टर्स में वेयरहाउसिंग, मैन्युफैक्चरिंग हब और कृषि-प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जाएगी। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश का सामान वैश्विक बाजारों तक अधिक तेजी और कम लागत में पहुंच सकेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉजिस्टिक्स लागत कम होने से उत्तर प्रदेश के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेंगे, जिससे प्रत्यक्ष रूप से किसानों और छोटे उद्यमियों को लाभ होगा। किसानों के हितों को केंद्र में रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर के जरिए पश्चिमी यूपी के आलू उत्पादक किसान और पूर्वी यूपी के अन्य फसलों के उत्पादक अब सीधे बड़े शहरों और बंदरगाहों से जुड़ सकेंगे। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण फसलों की बर्बादी कम होगी और किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल पाएगा। इस परियोजना के लिए लगभग 6,500 हेक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसके बदले किसानों को उचित मुआवजा और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री ने इसे 'विकास का महामार्ग' करार दिया जो गांव और शहर के बीच की खाई को पाटने का काम करेगा।

पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के संदर्भ में भी यह एक्सप्रेस-वे मील का पत्थर साबित होने वाला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में होने वाले कुंभ मेले और मेरठ जैसे ऐतिहासिक स्थलों के बीच कनेक्टिविटी सुगम होने से पर्यटन क्षेत्र को भारी बढ़ावा मिलेगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यात्रा न केवल सुखद होगी, बल्कि समय की बचत भी होगी। एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक जनसुविधा केंद्र, होटल और फूड कोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बुनियादी ढांचा न केवल भौतिक दूरी को कम करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के साथ जोड़ने का एक सुलभ माध्यम भी बनेगा।

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