Shaina NC on Sana Malik: "क्या आप पति को 4 शादी की इजाजत देंगी?" सना मलिक के बयान पर भड़कीं शायना एनसी

Shaina NC on Sana Malik: समान नागरिक संहिता और बहुविवाह प्रथा को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। शिवसेना नेता शायना एनसी ने राकांपा विधायक सना मलिक से तीखा सवाल पूछा है।

Jun 26, 2026 - 12:36
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Shaina NC on Sana Malik: "क्या आप पति को 4 शादी की इजाजत देंगी?" सना मलिक के बयान पर भड़कीं शायना एनसी
Shaina NC on Sana Malik
  • Maharashtra Politics UCC Dispute: समान नागरिक संहिता पर महायुति में रार, शायना एनसी ने एनसीपी विधायक सना मलिक को घेरा
  • "क्या आप अपने पति को 4 बार शादी करने देंगी?" UCC और बहुविवाह के मुद्दे पर शिवसेना नेता शायना एनसी का सना मलिक से सीधा सवाल!
  • महाराष्ट्र राजनीति: समान नागरिक संहिता (UCC) पर महायुति के अंदर जुबानी जंग तेज, शायना एनसी ने सना मलिक पर साधा निशाना

महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति सरकार के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) और व्यक्तिगत धार्मिक कानूनों को लेकर वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। शिवसेना नेता शायना एनसी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP - अजित पवार गुट) की विधायक सना मलिक द्वारा बहुविवाह और मुस्लिम पर्सनल लॉ के पक्ष में दिए गए हालिया बयान पर तीखा पलटवार किया है। मुंबई में मीडिया से बात करते हुए शायना एनसी ने देश में यूसीसी की आवश्यकता पर बल दिया और सना मलिक से सीधा तथा व्यक्तिगत सवाल पूछा कि क्या वह अपने पति को चार शादियां करने की अनुमति देंगी? इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक विमर्श तेज हो गया है और गठबंधन सहयोगियों के बीच नीतिगत मुद्दों पर तल्खी बढ़ती नजर आ रही है।

यह पूरा विवाद देश और राज्य स्तर पर समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने और विभिन्न समुदायों के पर्सनल लॉ के तहत मिलने वाली विशेष छूटों, जैसे बहुविवाह (Polygamy), के इर्द-गिर्द घूम रहा है। राकांपा (अजित पवार गुट) की विधायक सना मलिक ने पूर्व में पारंपरिक मुस्लिम कानूनों के कुछ पहलुओं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का समर्थन किया था। उनके इस रुख के खिलाफ शिवसेना की वरिष्ठ नेता शायना एनसी ने मोर्चा खोल दिया है। शायना का तर्क है कि आधुनिक समाज में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और लैंगिक समानता के लिए एक समान कानून का होना बेहद जरूरी है, चाहे वह किसी भी धर्म से ताल्लुक रखती हों।

विस्तृत घटनाक्रम पर नजर डालें तो इसकी शुरुआत तब हुई जब महाराष्ट्र में आगामी राजनीतिक रणनीतियों और सामाजिक सुधारों के बीच समान नागरिक संहिता का मुद्दा गर्माया। नवाब मलिक की पुत्री और राकांपा विधायक सना मलिक ने मुस्लिम समुदाय के व्यक्तिगत कानूनों और पारंपरिक वैवाहिक व्यवस्था का लोकतांत्रिक दायरे में बचाव किया था। इस बयान को विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्तारूढ़ गठबंधन (महायुति) के कुछ घटक दलों ने भी आड़े हाथों लिया।

इसी कड़ी में शिवसेना की प्रखर नेता शायना एनसी ने इस मुद्दे को लैंगिक न्याय (Gender Justice) से जोड़ते हुए सना मलिक पर सीधा हमला बोला। शायना एनसी ने कहा, "देश में इस समय समान नागरिक संहिता (UCC) की सख्त आवश्यकता है। चाहे हिंदू हों, सिख हों या ईसाई, सभी को एक समानता के साथ न्याय मिलना चाहिए। कानून किसी के साथ भेदभाव नहीं कर सकता।" अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने सना मलिक से एक बेहद तीखा और सीधा सवाल दाग दिया। शायना ने पूछा, "मैं सना मलिक से केवल एक बात पूछना चाहती हूं कि क्या आप अपने पति को अनुमति देंगी कि वे चार बार शादी करें?" इस तीखे सवाल ने इस पूरे मुद्दे को महिलाओं के व्यक्तिगत अधिकारों और व्यावहारिक धरातल पर लाकर खड़ा कर दिया है।

इस राजनीतिक घमासान पर दोनों ही तरफ से प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। शायना एनसी के बयान का भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेताओं और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने समर्थन किया है। उनका कहना है कि प्रगतिशील समाज में किसी भी ऐसी प्रथा को संरक्षण नहीं दिया जा सकता जो महिलाओं के स्वाभिमान और समानता के अधिकार को ठेस पहुंचाती हो।

वहीं दूसरी ओर, सना मलिक के करीबियों और राकांपा के कुछ नेताओं का मानना है कि इस संवेदनशील मुद्दे को व्यक्तिगत स्तर पर ले जाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, देश का संविधान धार्मिक स्वतंत्रता और पर्सनल लॉ की सुरक्षा की गारंटी देता है, और किसी भी नेता के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं किया जाना चाहिए।

इस जुबानी जंग का सीधा प्रभाव महाराष्ट्र की महायुति सरकार (भाजपा-शिवसेना-राकांपा) के आंतरिक राजनीतिक संतुलन पर पड़ता दिख रहा है। आगामी चुनावों से ठीक पहले इस तरह के वैचारिक मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आने से विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) को सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। इसके अतिरिक्त, यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि समान नागरिक संहिता (UCC) एक ऐसा विषय है जिस पर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आम सहमति बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है, भले ही वे एक ही गठबंधन का हिस्सा क्यों न हों।

जैसे-जैसे यह विवाद तूल पकड़ रहा है, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महायुति गठबंधन के शीर्ष नेताओं (मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार) को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ सकता है ताकि सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की बयानबाजी को रोका जा सके। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या सना मलिक, शायना एनसी के इस सीधे सवाल का कोई आधिकारिक या रणनीतिक जवाब देती हैं या फिर पार्टी नेतृत्व इस विवाद को शांत करने के लिए कोई नया स्टैंड अपनाता है।

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