सऊदी अरब में मिसाइल हमला, आवासीय परिसर में तबाही, भारतीय नागरिक समेत दो की मौत, 12 घायल।

सऊदी अरब के अल-खर्ज शहर में एक आवासीय परिसर पर गिरे प्रोजेक्टाइल ने दो लोगों की जान ले ली, जिसमें एक भारतीय नागरिक शामिल

Mar 9, 2026 - 11:53
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सऊदी अरब में मिसाइल हमला, आवासीय परिसर में तबाही, भारतीय नागरिक समेत दो की मौत, 12 घायल।
सऊदी अरब में मिसाइल हमला, आवासीय परिसर में तबाही, भारतीय नागरिक समेत दो की मौत, 12 घायल।

सऊदी अरब के अल-खर्ज शहर में एक आवासीय परिसर पर गिरे प्रोजेक्टाइल ने दो लोगों की जान ले ली, जिसमें एक भारतीय नागरिक शामिल है, जबकि 12 अन्य घायल हो गए। यह घटना 8 मार्च 2026 को हुई, जब एक सैन्य प्रोजेक्टाइल रखरखाव और सफाई कंपनी के आवासीय परिसर पर गिरा। सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने बताया कि इस हमले में भारतीय और बांग्लादेशी नागरिकों को नुकसान पहुंचा है, जहां मरने वालों में एक भारतीय और एक बांग्लादेशी शामिल हैं, जबकि सभी घायल बांग्लादेशी मूल के हैं। यह घटना मध्य पूर्व में चल रहे ईरान-इस्राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष का हिस्सा मानी जा रही है, जहां ईरान ने सऊदी अरब पर कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। अल-खर्ज रियाद से दक्षिण-पूर्व में लगभग 107 किलोमीटर दूर स्थित है, और यह क्षेत्र सैन्य महत्व का भी है क्योंकि यहां प्रिंस सुल्तान एयर बेस स्थित है। हमले के बाद सऊदी अधिकारियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इस घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि नागरिक इलाकों पर हमले बढ़ते जा रहे हैं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब में रडार सिस्टम को निशाना बनाया था, लेकिन प्रोजेक्टाइल का आवासीय क्षेत्र में गिरना अनपेक्षित था। यह पहली बार है जब सऊदी अरब में इस युद्ध के दौरान नागरिक मौतें दर्ज की गई हैं, जो 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमलों के बाद शुरू हुआ था। इस घटना ने भारतीय समुदाय में चिंता पैदा की है, क्योंकि सऊदी अरब में लाखों भारतीय काम करते हैं, मुख्य रूप से निर्माण, सफाई और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में।

घटना के बाद सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि प्रोजेक्टाइल एक रखरखाव और सफाई कंपनी के आवासीय साइट पर गिरा, जिससे दो मौतें हुईं और 12 लोग घायल हुए। घायलों की स्थिति अलग-अलग बताई जा रही है, कुछ गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि अन्य को मामूली चोटें आई हैं। बचाव टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मलबा हटाया और घायलों को निकाला, साथ ही क्षेत्र की जांच की ताकि कोई अन्य खतरा न हो। अल-खर्ज गवर्नरेट में यह पहला ऐसा हमला है, लेकिन हाल के दिनों में सऊदी अरब के विभिन्न हिस्सों में ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को इंटरसेप्ट किया गया है। ईरान ने 28 फरवरी को अपने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद जवाबी कार्रवाई शुरू की, जिसमें सऊदी अरब, बहरीन और दुबई जैसे क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। इस हमले में तेल की सुविधाओं और सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन नागरिक क्षेत्रों में गिरना संघर्ष की गंभीरता को दर्शाता है। सऊदी अधिकारियों ने कहा कि वे सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं, जिसमें वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करना शामिल है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चिंतित किया है, क्योंकि मध्य पूर्व में तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। भारतीय दूतावास ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे मृतक के परिवार से संपर्क में हैं और आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं। यह घटना प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, जो अक्सर ऐसे इलाकों में रहते हैं जो सैन्य लक्ष्यों के करीब होते हैं।

सऊदी नागरिक सुरक्षा का बयान

अधिकारी प्रवक्ता ने कहा कि अल-खर्ज गवर्नरेट में रखरखाव कंपनी के आवासीय साइट पर सैन्य प्रोजेक्टाइल गिरने से भारतीय और बांग्लादेशी नागरिक की मौत हुई, जबकि 12 बांग्लादेशी घायल हुए। घटना से सामग्री क्षति भी हुई है, और जांच जारी है।

इस हमले का संदर्भ ईरान-इस्राइल युद्ध से जुड़ा है, जहां अमेरिका और इस्राइल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमले किए, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई उच्च अधिकारी मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के माध्यम से सऊदी अरब पर हमले शुरू किए, जिसमें रडार सिस्टम, तेल रिफाइनरी और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अल-खर्ज में हुआ हमला इसी श्रृंखला का हिस्सा है, जहां ईरान ने दावा किया कि उन्होंने सैन्य लक्ष्यों को हिट किया, लेकिन प्रोजेक्टाइल का आवासीय क्षेत्र में गिरना अनपेक्षित परिणाम था। सऊदी अरब ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया, लेकिन कुछ लक्ष्य तक पहुंच गए। इस संघर्ष ने खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है, जहां बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात भी हमलों का शिकार हुए हैं। जल आपूर्ति संयंत्रों पर हमलों से पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो रही है, और तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि वे सऊदी अरब की मदद कर रहे हैं, और इस घटना में अमेरिकी सैनिक भी प्रभावित हुए हैं। भारतीय नागरिक की मौत ने भारत सरकार को सतर्क किया है, जहां विदेश मंत्रालय ने सऊदी में रहने वाले भारतीयों को सलाह दी है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें। यह घटना नागरिकों पर युद्ध के प्रभाव को दर्शाती है, जहां प्रवासी श्रमिक सबसे अधिक जोखिम में हैं।

मृतक भारतीय नागरिक की पहचान अभी आधिकारिक रूप से नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों से पता चला है कि वह रखरखाव कंपनी में काम करता था और कई वर्षों से सऊदी अरब में रह रहा था। उसके परिवार को सूचित कर दिया गया है, और शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बांग्लादेशी नागरिकों की स्थिति भी दुखद है, जहां घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है। सऊदी सरकार ने घायलों के लिए मेडिकल सहायता प्रदान की है, और कंपनी ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है। यह घटना प्रवासी श्रमिकों के जीवन की असुरक्षा को सामने लाती है, जहां वे कम वेतन में काम करते हैं लेकिन युद्ध जैसी स्थितियों में सबसे पहले प्रभावित होते हैं। मध्य पूर्व में भारतीय प्रवासियों की संख्या करोड़ों में है, और ऐसे हमलों से उनके परिवारों में चिंता बढ़ जाती है। भारत सरकार ने सऊदी दूतावास के माध्यम से स्थिति पर नजर रखी है, और आवश्यकता पड़ने पर निकासी की योजना बनाई जा रही है। ईरान के हमलों ने क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है, जहां तेल उत्पादन में कमी आई है और शिपिंग रूट्स प्रभावित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने युद्धविराम की अपील की है, लेकिन अभी कोई समझौता नहीं हुआ है। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर ध्यान खींचा है, क्योंकि नागरिक मौतें युद्ध के नियमों का उल्लंघन मानी जाती हैं।

इस हमले के बाद सऊदी अरब ने अपनी वायु रक्षा को और मजबूत किया है, जहां अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। ईरान ने आगे के हमलों की चेतावनी दी है, जबकि इस्राइल ने कहा कि वे किसी भी जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हैं। अल-खर्ज में घटना के बाद स्थानीय लोग सतर्क हो गए हैं, और कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर रही हैं। पर्यावरणीय प्रभाव भी देखा जा रहा है, जहां तेल सुविधाओं पर हमलों से प्रदूषण बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस घटना को कवर किया है, जहां नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है। भारत ने ईरान और सऊदी दोनों से बातचीत की है ताकि उसके नागरिक सुरक्षित रहें। युद्ध के नौ दिनों में सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं, और यह घटना उसका हिस्सा है। बांग्लादेश सरकार ने भी अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं। कुल मिलाकर, यह घटना युद्ध के विस्तार को दिखाती है, जहां नागरिक इलाके अब सुरक्षित नहीं हैं।

घटना की जांच जारी है, जहां सऊदी अधिकारियों ने प्रोजेक्टाइल के स्रोत की पुष्टि की है कि यह ईरानी मूल का है। ईरान ने सऊदी अरब को चेतावनी दी थी कि वे अमेरिका और इस्राइल के साथी हैं, इसलिए हमले जारी रहेंगे। इस बीच, खाड़ी देशों ने संयुक्त रक्षा पर जोर दिया है। भारतीय नागरिक की मौत से भारत में परिवार प्रभावित हुआ है, और सहायता के लिए हेल्पलाइन शुरू की गई है। युद्ध के कारण हवाई यात्रा प्रभावित हुई है, और कई उड़ानें रद्द हो गई हैं।

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