Boxer Narender Berwal PM Modi Interaction: बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने सुनाया नाम से जुड़ा दिलचस्प किस्सा, ठहाके लगाकर हंसे पीएम मोदी
भारतीय मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात में अपने नाम से जुड़ा एक मजेदार किस्सा साझा किया, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री मोदी हंस पड़े।

- Narender Berwal PM Modi Story: जब पीएम मोदी के सामने बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने बयां की 'नरेंद्र नाम' की कहानी, ठहाकों से गूंजा हॉल
- 'नरेंद्र नाम का अपना ही भौकाल है...', बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने सुनाया मजेदार किस्सा तो खुद को हंसने से रोक नहीं पाए पीएम मोदी
- Narender Berwal and PM Modi: पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल का मजेदार किस्सा वायरल, देखें पूरा वाकया
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन करने वाले भारतीय एथलीटों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकातें अक्सर अपने आत्मीय और खुशनुमा पलों के लिए जानी जाती हैं। ऐसी ही एक विशेष बातचीत के दौरान भारतीय हैवीवेट मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने नाम से जुड़ा एक बेहद मजेदार किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री खुद को रोक नहीं पाए और ठहाका लगाकर हंस पड़े। नई दिल्ली में आयोजित एथलीटों के सम्मान समारोह और संवाद कार्यक्रम के दौरान घटित इस वाकये में बॉक्सर नरेंद्र ने अपने गांव और रिंग में 'नरेंद्र नाम' के कारण मिलने वाले विशेष सम्मान और मजेदार स्थितियों का जिक्र किया। इस हल्के-फुल्के संवाद ने न केवल हॉल में मौजूद खिलाड़ियों और कोचों का दिल जीत लिया, बल्कि भारतीय खेल जगत में एथलीटों के प्रति प्रधानमंत्री के सहज जुड़ाव को भी रेखांकित किया।
भारतीय मुक्केबाजी टीम के स्टार हैवीवेट बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान अपने नाम को लेकर एक हल्का-फुल्का संस्मरण साझा किया। एशियाई खेलों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश का मान बढ़ाने वाले नरेंद्र बेरवाल ने मुस्कुराते हुए बताया कि प्रधानमंत्री के नाम जैसा नाम होने के कारण उन्हें अपने साथी खिलाड़ियों, गांव के लोगों और यहां तक कि खेल के मैदान में भी एक अलग ही पहचान और खास तवज्जो मिलती है। उनके सहज और हरियाणवी अंदाज़ में सुनाए गए इस किस्से को सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी प्रसन्न नजर आए और उन्होंने ठहाके लगाकर इसका आनंद लिया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर लौटे भारतीय दल के सम्मान में प्रधानमंत्री आवास पर विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक-एक कर विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों से उनके अनुभवों, चुनौतियों और उपलब्धियों पर चर्चा कर रहे थे। जब मुक्केबाजी टीम की बारी आई, तो हैवीवेट कैटेगरी में रिंग के अंदर प्रतिद्वंद्वियों के पसीने छुड़ाने वाले मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने बेहद बेबाक अंदाज में अपनी बात रखी।
नरेंद्र ने बताया कि जब वे किसी नए कैंप या प्रतियोगिता में जाते हैं और अपना नाम 'नरेंद्र' बताते हैं, तो लोग अक्सर मजाक में या सम्मान के भाव से कहते हैं कि आपका नाम तो देश के प्रधानमंत्री से मिलता है। बॉक्सर ने मुस्कुराते हुए कहा कि 'नरेंद्र' नाम होने के नाते उन पर एक अलग तरह की जिम्मेदारी और रुतबा आ जाता है, जिसे वे अपने खेल में भी सकारात्मक रूप से लागू करने की कोशिश करते हैं। उनके इस देसी अंदाज और बेबाकी से कही गई बात पर वहां मौजूद केंद्रीय खेल मंत्री, भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के पदाधिकारी, कोच और साथी खिलाड़ी हंसने लगे। खुद पीएम मोदी भी उनकी यह बात सुनकर बेहद मुस्कुराए और वातावरण पूरी तरह से अनौपचारिक और आत्मीय हो गया।
मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने इस मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री के साथ बैठकर इस तरह सहज माहौल में अपनी बात रखना किसी भी खिलाड़ी के लिए बेहद गर्व का पल होता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जिस तरह से हर खिलाड़ी को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और उनकी हौसलाअफजाई करते हैं, उससे खेल के मैदान में देश के लिए जान झोंकने की प्रेरणा मिलती है।
वहीं, खेल विशेषज्ञों और कोचों का मानना है कि प्रधानमंत्री और एथलीटों के बीच इस प्रकार की अनौपचारिक और खुशनुमा बातचीत खिलाड़ियों के मानसिक दबाव को कम करने में बड़ी भूमिका निभाती है। जब एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बिना किसी झिझक के अपनी बात रख पाता है, तो इससे पूरी खेल बिरादरी का मनोबल बढ़ता है।
भारतीय खेल संस्कृति में पिछले कुछ वर्षों में आया यह बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि शीर्ष नेतृत्व और खिलाड़ियों के बीच संवाद की दीवारें टूटी हैं। नरेंद्र बेरवाल और पीएम मोदी के बीच का यह हल्का-फुल्का पल सोशल मीडिया और खेल प्रशंसकों के बीच तेजी से चर्चा का विषय बन गया। इस तरह के संवाद से युवा एथलीटों को यह संदेश मिलता है कि देश उनके प्रदर्शन के साथ-साथ उनके मानवीय और व्यक्तिगत पहलुओं को भी समान रूप से सम्मान देता है। हैवीवेट मुक्केबाजी में नरेंद्र बेरवाल भारत के उभरते हुए चेहरे रहे हैं। मुक्केबाजी रिंग में लगातार शानदार प्रदर्शन, पदक जीत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय मुक्केबाजी के बढ़ते प्रभाव के साथ-साथ उनके इस सादगी भरे अंदाज ने प्रशंसकों के दिल में उनके प्रति सम्मान और बढ़ा दिया है।
इस यादगार मुलाकात और प्रधानमंत्री से मिले प्रोत्साहन के बाद मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल का अगला ध्यान आगामी अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं और ओलंपिक क्वालिफायर पर केंद्रित है। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) और राष्ट्रीय कोचों की देखरेख में हैवीवेट श्रेणी में नरेंद्र अपनी तकनीक और स्टेमिना को और बेहतर करने के लिए कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। खेल प्रशंसकों को उम्मीद है कि नाम के इस 'रुतबे' और अपनी मुक्केबाजी की ताकत के बल पर नरेंद्र बेरवाल आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगा लहराना जारी रखेंगे।
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