देश विदेश: इंडो-नेपाल सीमा पर डेढ़ दर्जन ड्रोन की घुसपैठ, मधुबनी में हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क। 

बिहार के मधुबनी जिले में भारत-नेपाल सीमा पर 26 मई 2025 की रात एक असामान्य घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया। कमला बॉर्डर आउटपोस्ट...

May 28, 2025 - 12:04
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देश विदेश: इंडो-नेपाल सीमा पर डेढ़ दर्जन ड्रोन की घुसपैठ, मधुबनी में हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क। 

हाइलाइट्स:

  • ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि: मधुबनी के कमला बीओपी इलाके में 26 मई 2025 की रात 15-20 ड्रोन जैसे चमकते हुए उपकरण देखे गए, जो नेपाल से भारतीय सीमा में घुसे।
  • हाई अलर्ट जारी: सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने ड्रोन की पुष्टि की, भारतीय वायुसेना और स्थानीय पुलिस को सूचित कर सीमा पर सतर्कता बढ़ाई गई।
  • नेपाल का इनकार: नेपाली सुरक्षा बलों ने इन ड्रोनों के बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया, जिससे साजिश की आशंका गहराई।
  • PM की बिहार यात्रा से पहले तनाव: घटना पीएम नरेंद्र मोदी की 29 मई को बिहार यात्रा से ठीक पहले हुई, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की गई।
  • Starlink की अटकलें: कुछ सूत्रों ने ड्रोनों को SpaceX के Starlink सैटेलाइट्स से जोड़ा, लेकिन SSB ने इसे ड्रोन मानकर जांच शुरू की।

बिहार के मधुबनी जिले में भारत-नेपाल सीमा पर 26 मई 2025 की रात एक असामान्य घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया। कमला बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) इलाके में करीब 15 से 20 चमकती हुई वस्तुएं, जो ड्रोन जैसी प्रतीत हो रही थीं, नेपाल की ओर से भारतीय सीमा में प्रवेश करती देखी गईं। सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने इसकी पुष्टि करते हुए तत्काल भारतीय वायुसेना के दरभंगा और दिल्ली स्टेशनों को सूचित किया। इस घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत और सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी है, खासकर तब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बिहार यात्रा कुछ ही दिनों में प्रस्तावित है।

26 मई 2025 को रात करीब 7:35 बजे, मधुबनी के जयनगर क्षेत्र में कमला BOP के पास SSB की 48वीं बटालियन ने नेपाल की ओर से उत्तर-पूर्व दिशा में 15-20 चमकती हुई वस्तुओं को भारतीय सीमा में प्रवेश करते देखा। ये वस्तुएं करीब 40 मिनट तक भारतीय क्षेत्र में पूर्व से पश्चिम की ओर मंडराती रहीं, फिर नेपाल की ओर लौट गईं। SSB के सूत्रों के अनुसार, ये वस्तुएं रात के आकाश में ड्रोन जैसे उपकरणों की तरह चमक रही थीं। स्थानीय लोगों ने भी इस असामान्य गतिविधि को देखा और कुछ ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह खबर वायरल हो गई।

SSB के डिप्टी कमांडेंट विवेक ओझा ने बताया, “हमने इन ड्रोन जैसे उपकरणों को नेपाल की ओर से आते देखा। वे जनकी नगर BOP के पास वापस लौट गए। हमने नेपाली सुरक्षा बलों से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी होने से इनकार किया।” SSB ने तत्काल इसकी सूचना दरभंगा और दिल्ली में भारतीय वायुसेना के स्टेशनों को दी, और मधुबनी जिला पुलिस को भी सतर्क किया गया। मधुबनी के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने कहा, “हमने जांच शुरू कर दी है।

ये चमकती वस्तुएं करीब आधे घंटे तक दिखीं और फिर नेपाल की ओर लौट गईं।” इस घटना के बाद भारत-नेपाल सीमा के 729 किलोमीटर लंबे हिस्से, खासकर बिहार से लगे क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। SSB ने अपनी गश्त बढ़ा दी और सीमा पर CCTV निगरानी को और सख्त कर दिया। मधुबनी और पूर्णिया जैसे जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। SSB के पूर्णिया डीआईजी राजेश कुमार टिक्कू ने कहा, “हमने संबंधित एजेंसियों को सूचित कर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी इन उड़ान वस्तुओं की सूचना दी थी। हम हर संभावित खतरे को लेकर सतर्क हैं।”

घटना की गंभीरता को देखते हुए, भारतीय वायुसेना ने भी अपनी जांच शुरू की। कुछ सूत्रों ने इन चमकती वस्तुओं को SpaceX के Starlink सैटेलाइट्स से जोड़ा, जो कम ऊंचाई पर उड़ते हुए सूर्य की रोशनी को परावर्तित करते हैं और रात में चमकते दिखाई देते हैं। हालांकि, SSB ने इसे ड्रोन मानकर जांच को प्राथमिकता दी है, क्योंकि Starlink सैटेलाइट्स की गतिविधियां आमतौर पर पहले से अधिसूचित होती हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 मई 2025 को बिहार के दो दिवसीय दौरे पर आने वाले हैं। इस दौरान वे पटना में एक रोडशो और रोहतास जिले के बिक्रमगंज में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके अलावा, पूर्णिया में पूर्वी भारत का एक बड़ा वायुसेना अड्डा भी मौजूद है, जिसके चलते इस क्षेत्र में सुरक्षा और सख्त कर दी गई है।

हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव को बढ़ा दिया है। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर हमले किए, जिसके बाद भारत-पाक सीमा पर ड्रोन गतिविधियां बढ़ गई थीं। मधुबनी में ड्रोन की यह घटना उसी तनावपूर्ण माहौल का हिस्सा मानी जा रही है, जिसने साजिश की आशंका को और गहरा दिया है। भारत-नेपाल सीमा अपनी छिद्रपूर्ण प्रकृति के लिए जानी जाती है, जिसके चलते तस्करी और अवैध गतिविधियां एक बड़ी चुनौती हैं। पहले भी इस सीमा पर ड्रोन के जरिए तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं। उदाहरण के लिए, जनवरी 2023 में पूर्वी चंपारण में 16 चीनी निर्मित ड्रोन और कैमरे जब्त किए गए थे, जो नेपाल से बिहार लाए जा रहे थे। 2021 में भी SSB ने पूर्वी चंपारण में आठ चीनी ड्रोन जब्त किए थे और तीन तस्करों को गिरफ्तार किया था।

SSB के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “बिहार से लगी 726 किलोमीटर लंबी सीमा खुली है, जिसके चलते तस्करी को पूरी तरह रोकना मुश्किल है। लेकिन हमारी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।” हाल के वर्षों में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ, हथियार, और अन्य प्रतिबंधित सामग्री की तस्करी में वृद्धि देखी गई है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। मधुबनी में ड्रोन की इस घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए, जिनमें चमकती हुई वस्तुएं एक सीधी रेखा में उड़ती दिख रही थीं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “ऐसा पहली बार हुआ है कि इतनी बड़ी संख्या में ड्रोन दिखे। हमें डर है कि यह कोई साजिश हो सकती है।” सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे “बड़ी साजिश” करार दिया, जबकि अन्य ने इसे Starlink सैटेलाइट्स से जोड़ा। सियासी हलकों में भी इस घटना ने हलचल मचा दी। RJD नेता तेजस्वी यादव ने सरकार से सवाल किया कि सीमा पर ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, “बिहार की सीमा पर ड्रोन की घुसपैठ चिंता का विषय है। केंद्र और राज्य सरकार को तत्काल जवाब देना चाहिए।” दूसरी ओर, BJP के स्थानीय नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार और SSB पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी खतरे से निपटने को तैयार हैं।

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यह घटना ड्रोन के बढ़ते उपयोग और उससे जुड़े खतरों को रेखांकित करती है। भारत-पाक सीमा पर ड्रोन की घुसपैठ पहले से ही एक बड़ी चुनौती रही है, जहां 2024 में BSF ने पंजाब में 250 ड्रोन जब्त किए थे। अब इंडो-नेपाल सीमा पर भी ड्रोन की गतिविधियां बढ़ने से सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन के जरिए तस्करी, जासूसी, या आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सकता है। भारत ने हाल के वर्षों में ड्रोन-रोधी तकनीकों पर जोर दिया है। BSF ने पंजाब में एंटी-ड्रोन गन और जैमर तैनात किए हैं, और एक स्वदेशी ड्रोन-रोधी सिस्टम भी जल्द ही लागू होने वाला है। हालांकि, नेपाल सीमा की खुली प्रकृति के कारण ऐसी तकनीकों को लागू करना जटिल है।

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