मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बने नरेंद्र मोदी, भारत-मालदीव संबंधों में नया अध्याय

उसी दिन मोदी और मुइज्जू के बीच व्यापक वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, आधारभूत ढांचा, और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। भारत ने माल

Jul 27, 2025 - 12:18
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मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बने नरेंद्र मोदी, भारत-मालदीव संबंधों में नया अध्याय
मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बने नरेंद्र मोदी

26 जुलाई 2025 को मालदीव की राजधानी माले के रिपब्लिक स्क्वायर में 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का भव्य आयोजन हुआ। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दो दिवसीय यात्रा भारत और मालदीव के बीच संबंधों को मजबूत करने और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इस दौरान दोनों देशों ने आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए और कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ।

  • यात्रा का पहला दिन: भव्य स्वागत और महत्वपूर्ण वार्ता

नरेंद्र मोदी 25 जुलाई 2025 को माले के वेलाना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। राष्ट्रपति मुइज्जू, विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री और गृह सुरक्षा मंत्री ने उनका स्वागत किया। माले की सड़कों को भारतीय और मालदीव के झंडों से सजाया गया था। कई जगहों पर मोदी की तस्वीरों वाले बैनर लगे थे। भारतीय समुदाय ने "वंदे मातरम" के नारे लगाकर उनका जोश भरा स्वागत किया। बच्चों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुति दी।

उसी दिन मोदी और मुइज्जू के बीच व्यापक वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, आधारभूत ढांचा, और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। भारत ने मालदीव को 4,850 करोड़ रुपये (565 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की ऋण सहायता देने की घोषणा की। इसके अलावा, मालदीव के वार्षिक ऋण चुकौती दायित्वों में 40% की कमी का ऐलान हुआ। दोनों देशों ने भारत-मालदीव राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ पर एक विशेष डाक टिकट जारी किया।

मोदी ने मालदीव के रक्षा मंत्रालय के नए भवन, धोशिमेना बिल्डिंग, का उद्घाटन किया, जिसे भारत की मदद से बनाया गया। उन्होंने मुइज्जू को "भीष्म हेल्थ क्यूब" भेंट किया, जो आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए उपयोगी है। मुइज्जू ने माले में आयोजित भोज में कहा, "मालदीव भारत की मित्रता को बहुत महत्व देता है। संकट के समय भारत ने हमेशा मदद की।"

  • स्वतंत्रता दिवस समारोह: दूसरा दिन

26 जुलाई को मोदी ने माले के रिपब्लिक स्क्वायर में स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लिया। मुइज्जू के साथ वे मंच पर मौजूद रहे। समारोह में मालदीव की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और परेड हुईं। मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य अतिथि बनना मेरे लिए सम्मान की बात है। भारत के सभी लोग मालदीव को बधाई देते हैं।" उन्होंने दोनों देशों की दोस्ती को "इतिहास से पुराना और सागर जितना गहरा" बताया।

मोदी ने मालदीव के उपराष्ट्रपति हुसैन मोहम्मद लतीफ, पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद, और स्पीकर अब्दुल रहीम अब्दुल्ला से मुलाकात की। उन्होंने मालदीव की विपक्षी पार्टियों के नेताओं और भारतीय समुदाय से भी बात की। मालदीव में रहने वाले भारतीयों ने उनकी यात्रा पर गर्व जताया। एक भारतीय कामगार ने कहा, "हमारे प्रधानमंत्री का यहां आना हमें खुशी देता है।"

मालदीव हिंद महासागर में 1,200 द्वीपों का देश है, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों के बीच स्थित है। यह भारत की "पड़ोसी पहले" और "महासागर" (सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास) नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत और मालदीव के बीच 1965 में राजनयिक संबंध बने थे। भारत ने हमेशा मालदीव को आपदा, महामारी, और आर्थिक संकट में मदद की है। मालदीव के सैकड़ों लोग हर साल भारत में शिक्षा, इलाज और व्यापार के लिए आते हैं।

हालांकि, मुइज्जू के 2023 में राष्ट्रपति बनने के बाद "इंडिया आउट" अभियान के कारण दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा था। मुइज्जू ने भारतीय सैन्य कर्मियों को हटाने की मांग की थी, जो दो हेलीकॉप्टर और एक डोर्नियर विमान के संचालन के लिए तैनात थे। मई 2024 में भारत ने सैनिकों की जगह एक सैन्य कंपनी के कर्मचारियों को भेजा। अब इस यात्रा ने तनाव कम करने और विश्वास बहाली का संदेश दिया है।

  • समझौते और परियोजनाएं

इस यात्रा में हुए आठ समझौतों में शामिल हैं:

मुक्त व्यापार समझौता (बातचीत शुरू)

मत्स्य पालन और जलकृषि सहयोग

डिजिटल परिवर्तन और यूपीआई तकनीक

औषधि मानकों में साझेदारी

आधारभूत ढांचा विकास

ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन पर सहयोग

मोदी ने मालदीव को 30 गाड़ियां भी भेंट कीं, जिनकी चाबी मुइज्जू को सौंपी गईं। इनका उपयोग मालदीव की रक्षा बलों के लिए होगा। भारत की मदद से मालदीव में सड़कें, स्कूल, और अस्पताल जैसी कई परियोजनाएं चल रही हैं।

मुइज्जू को पहले चीन समर्थक माना जाता था। उनके कार्यकाल में भारत-मालदीव संबंधों में कुछ तनाव आया था। लेकिन जून 2024 में मोदी के तीसरे शपथ ग्रहण में मुइज्जू के शामिल होने और अब इस यात्रा ने उनके रवैये में बदलाव दिखाया। मुइज्जू ने कहा, "भारत हमारा सबसे विश्वसनीय मित्र है। हमारी दोस्ती शिक्षा, स्वास्थ्य, और सुरक्षा तक फैली है।" उन्होंने मोदी को मालदीव का सर्वोच्च सम्मान देने की भी बात कही।

मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "मालदीव में भारतीय समुदाय का स्वागत मेरे लिए खास रहा। भारत-मालदीव की दोस्ती को और मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।" मालदीव के लोगों ने भी इस यात्रा की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, "मोदी का माले आना हमारे लिए गर्व की बात है।" विदेश मंत्री ने मालदीव को स्वतंत्रता की बधाई दी और दोनों देशों की साझेदारी पर जोर दिया।

नरेंद्र मोदी की मालदीव यात्रा ने दोनों देशों के बीच दोस्ती को नई ऊंचाई दी। 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में उनकी मौजूदगी और आठ समझौतों ने भारत-मालदीव संबंधों में विश्वास बहाल किया।

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