भारत की ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एयर स्ट्राइक- पाकिस्तानी आतंकियों का सफाया, मारे गए प्रमुख आतंकवादियों के नाम। 

भारत ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर एक सटीक और शक्तिशाली...

May 10, 2025 - 14:44
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भारत की ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एयर स्ट्राइक- पाकिस्तानी आतंकियों का सफाया, मारे गए प्रमुख आतंकवादियों के नाम। 

नई दिल्ली: भारत ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर एक सटीक और शक्तिशाली एयर स्ट्राइक की, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया। यह सैन्य कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस हमले में आतंकियों ने हिंदू पुरुषों को निशाना बनाया था, जिससे देश में आक्रोश फैल गया था। भारतीय सेना ने इस बदले की कार्रवाई में 90 से 100 आतंकवादियों को ढेर करने का दावा किया है, जिसमें कई कुख्यात आतंकी कमांडर शामिल हैं।

भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना के संयुक्त अभियान के तहत 7 मई को रात 1:05 बजे पाकिस्तान के चार और पीओके के पांच आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया। भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) ने इन ठिकानों की सटीक जानकारी प्रदान की थी। हमले में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई इतनी गुप्त और तेज थी कि पाकिस्तान को जवाबी कार्रवाई का मौका तक नहीं मिला।

  • हमले के प्रमुख लक्ष्य थे:

बहावलपुर: जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय, अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किमी दूर।
मुरीदके: लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वार्टर, लाहौर से 30 किमी दूर, जो 26/11 मुंबई हमले से जुड़ा था।
मुजफ्फराबाद: लश्कर का सवाई नाला कैंप, जहां पहलगाम हमले की साजिश रची गई थी।
कोटली, बाघ, भीमबेर, चेक आमरू, सियालकोट, और शकरगढ़: आतंकी प्रशिक्षण शिविर और हथियार डिपो।
मारे गए प्रमुख आतंकवादियों के नाम

भारत सरकार और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में कई वांछित आतंकवादियों को मार गिराया गया। इनमें से कुछ के नाम निम्नलिखित हैं:

हाफिज मुहम्मद जमील (जैश-ए-मोहम्मद): मसूद अजहर का बहनोई, बहावलपुर में मारा गया। वह जैश के वित्तीय और रणनीतिक संचालन का प्रमुख था।
मोहम्मद यूसुफ अजहर (जैश-ए-मोहम्मद): मसूद अजहर का साला, संगठन के प्रशिक्षण शिविरों का प्रभारी।
मोहम्मद खालिद (जैश-ए-मोहम्मद): आतंकी हमलों की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका।
मुदस्सर खदियान खास (लश्कर-ए-तैयबा): मुरीदके में ढेर, लश्कर का प्रमुख कमांडर और 26/11 हमले से जुड़ा था।
कारी अब्दुल मलिक (लश्कर-ए-तैयबा): मुरीदके में मारा गया, आतंकी भर्ती और प्रशिक्षण का प्रभारी।
खालिद (लश्कर-ए-तैयबा): पहलगाम हमले की साजिश में शामिल।
मुदासिर (लश्कर-ए-तैयबा): लश्कर का वरिष्ठ ऑपरेटिव, मुरीदके में मारा गया।
मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य: जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर की बड़ी बहन, बहनोई, भांजा, भांजी, और उनके परिवार के पांच बच्चे बहावलपुर में मारे गए।
मसूद अजहर के चार करीबी सहयोगी: जैश के वरिष्ठ कमांडर, जो हमले की योजना और निष्पादन में शामिल थे।

जैश-ए-मोहम्मद ने अपने बयान में पुष्टि की कि बहावलपुर में उनके प्रमुख ठिकाने को नष्ट कर दिया गया, जिसमें मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य मारे गए। लश्कर-ए-तैयबा के मुरीदके स्थित मरकज-ए-तैयबा को भी पूरी तरह तबाह कर दिया गया। इस हमले में लश्कर के 30 आतंकवादी मारे गए, जिनमें कई वरिष्ठ कमांडर शामिल थे।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया कि भारत ने 24 मिसाइलें दागीं, जिसमें 8 लोगों की मौत हुई और 33 घायल हुए। हालांकि, भारतीय सूत्रों ने इसे खारिज करते हुए कहा कि हमले में केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, न कि नागरिक या सैन्य प्रतिष्ठानों को। पाकिस्तान ने लाहौर और सियालकोट में अपने हवाई अड्डे 48 घंटे के लिए बंद कर दिए और अपना हवाई क्षेत्र भी सीमित कर दिया।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री और भारतीय सेना की लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतीक है। मिस्री ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को शरण देने का आरोप लगाते हुए सबूत पेश किए। उन्होंने कहा, “हमने केवल उन लोगों को निशाना बनाया, जिन्होंने हमारे लोगों को मारा।”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन की निगरानी की और इसे पहलगाम हमले में मारे गए लोगों, विशेष रूप से नवविवाहित पुरुषों की विधवाओं, को श्रद्धांजलि बताया। ऑपरेशन का नाम ‘सिंदूर’ इसलिए रखा गया, क्योंकि आतंकियों ने शादीशुदा पुरुषों को निशाना बनाकर उनकी पत्नियों की मांग उजाड़ी थी।

पहलगाम हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के पिता संजय द्विवेदी ने कहा, “मेरे बेटे की आत्मा को आज शांति मिली होगी।” उनकी पत्नी आशान्या ने भी इस कार्रवाई को “मेरे सिंदूर का बदला” बताया। पुणे की संगीता गणबोटे, जिनके पति कौस्तुभ गणबोटे हमले में मारे गए, ने कहा कि इस ऑपरेशन ने महिलाओं का सम्मान किया है।

ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ता को दर्शाया, बल्कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों की कमर भी तोड़ दी। मारे गए आतंकवादियों में कई ऐसे थे, जो भारत में लंबे समय से आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। यह कार्रवाई भारत के लिए एक रणनीतिक जीत है और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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