Thailand-Cambodia सीमा पर हिंसक झड़प- 16 की मौत, हजारों विस्थापित, हवाई हमले और राजनयिक तनाव की स्थिति बनी।
Thailand और Cambodia के बीच 24 जुलाई 2025 को सीमा पर शुरू हुई सैन्य झड़प ने दोनों देशों के रिश्तों को दशकों के सबसे निचले...
Thailand और Cambodia के बीच 24 जुलाई 2025 को सीमा पर शुरू हुई सैन्य झड़प ने दोनों देशों के रिश्तों को दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया। इस हिंसा में कम से कम 16 लोग मारे गए, जिनमें 14 थाई नागरिक और एक सैनिक शामिल हैं, जबकि Cambodia में एक नागरिक की मौत की खबर है। दोनों देश एक-दूसरे पर पहले हमले का आरोप लगा रहे हैं। Thailand ने Cambodia के सैन्य ठिकानों पर F-16 लड़ाकू विमानों से हवाई हमले किए, जबकि Cambodia ने रॉकेट और तोपों से जवाबी कार्रवाई की। इस संघर्ष ने 1.5 लाख से अधिक लोगों को विस्थापित कर दिया और दोनों देशों ने राजनयिक संबंध तोड़ लिए। यह विवाद प्राचीन मंदिरों ता मुएन थॉम और प्रियाह विहार के आसपास के क्षेत्रों को लेकर है, जो 1907 में फ्रांसीसी औपनिवेशिक शासन के दौरान बनाए गए नक्शे से उत्पन्न हुआ।
23 जुलाई 2025 को Thailand के सूरिन प्रांत और Cambodia के ओड्डार मियानचे प्रांत की सीमा पर ता मुएन थॉम मंदिर के पास एक लैंडमाइन विस्फोट में पांच थाई सैनिक घायल हो गए। Thailand ने दावा किया कि ये बारूदी सुरंगें Cambodia ने हाल ही में बिछाई थीं, जबकि Cambodia ने इसे खारिज कर 20वीं सदी के युद्धों से बची सुरंगें बताया। इस घटना के बाद Thailand ने अपने राजदूत को वापस बुलाया और Cambodia के राजदूत को निष्कासित कर दिया। Cambodia ने भी जवाबी कार्रवाई में अपने सभी राजनयिकों को बैंकॉक से वापस बुला लिया।
24 जुलाई को सुबह ता मुएन थॉम मंदिर के पास झड़प शुरू हुई। थाई सेना ने दावा किया कि Cambodiaई सैनिकों ने ड्रोन भेजा और छह सशस्त्र सैनिक थाई क्षेत्र में घुसे, जिसके बाद गोलीबारी शुरू हुई। Cambodia ने उल्टा आरोप लगाया कि थाई सैनिकों ने पहले ड्रोन उड़ाया और हमला किया, जिसके जवाब में उसने आत्मरक्षा में गोलीबारी की। इसके बाद हिंसा सूरिन, सी साकेत, उबोन रत्चाथानी और बुरिराम जैसे थाई प्रांतों और Cambodia के प्रियाह विहार प्रांत में फैल गई।
Thailand के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 24 जुलाई तक 15 लोग मारे गए, जिनमें 14 नागरिक (8 और 15 साल के बच्चों सहित) और एक सैनिक शामिल हैं। 31 लोग घायल हुए, जिनमें 14 सैनिक और 17 नागरिक हैं। Cambodia में एक नागरिक की मौत की पुष्टि हुई, लेकिन अन्य हताहतों की जानकारी नहीं दी गई। Cambodiaई रॉकेट हमले में सी साकेत प्रांत के कंथारालक जिले में एक गैस स्टेशन और 7-इलेवन स्टोर जल गया, जिसमें छह लोग मारे गए। सूरिन प्रांत में एक अस्पताल सहित कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं।
Thailand ने जवाब में छह F-16 विमानों को तैनात किया, जिनमें से एक ने Cambodia के दो सैन्य ठिकानों पर बमबारी की। Cambodia ने दावा किया कि एक बम प्रियाह विहार मंदिर के पास सड़क पर गिरा, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। Thailand ने मंदिर को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को खारिज किया।
इस हिंसा ने दोनों देशों में बड़े पैमाने पर विस्थापन को जन्म दिया। Thailand में सूरिन, सी साकेत और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों से 1.38 लाख लोग और 428 अस्पताल मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। Cambodia में प्रियाह विहार प्रांत से 20,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए। लोग स्कूलों, खेल परिसरों और अस्थायी आश्रयों में रह रहे हैं। सूरिन में एक विस्थापित व्यक्ति सुफाप वोंगवाई ने कहा, "मेरे बच्चे डरे हुए हैं और रो रहे हैं।"
इस विवाद ने दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्तों को तोड़ दिया। Cambodia के प्रधानमंत्री हुन मानेत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तत्काल बैठक बुलाकर Thailand की "आक्रामकता" को रोकने की मांग की। Thailand के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथम वेचायचाई ने कहा कि जब तक Cambodia हमले बंद नहीं करता, कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने Cambodia पर नागरिक क्षेत्रों पर बिना निशाना बनाए हमले का आरोप लगाया।
Thailand में यह विवाद राजनीतिक संकट का कारण बना। प्रधानमंत्री पेतोंगतार्न शिनावात्रा को जुलाई 2025 में एक लीक फोन कॉल के बाद निलंबित कर दिया गया, जिसमें उन्होंने Cambodia के पूर्व नेता हुन सेन से बात की थी। इस कॉल में उन्होंने अपने सैन्य कमांडर की आलोचना की थी, जिससे Thailand में विवाद पैदा हुआ।
Thailand और Cambodia के बीच 817 किलोमीटर लंबी सीमा पर विवाद 1907 के फ्रांसीसी नक्शे से शुरू हुआ, जब Cambodia फ्रांस का उपनिवेश था। प्रियाह विहार मंदिर (1962 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने Cambodia को दिया) और ता मुएन थॉम जैसे क्षेत्रों पर दोनों देश दावा करते हैं। 2008-2011 में भी इन मंदिरों के पास हिंसक झड़पें हुई थीं, जिनमें 15-20 लोग मारे गए थे। मई 2025 में एक Cambodiaई सैनिक की मौत के बाद तनाव फिर बढ़ा।
जापान: विदेश मंत्री ताकेशी इवाया ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत से समाधान की अपील की।
आसियान: मलेशिया, वर्तमान आसियान अध्यक्ष, ने दोनों पक्षों से हिंसा रोकने और बातचीत शुरू करने को कहा।
चीन: दोनों देशों का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार होने के नाते, चीन इस विवाद में मध्यस्थता का अवसर देख रहा है। उसने Thailand में रेलवे और Cambodia में हवाई अड्डा जैसी परियोजनाओं में निवेश किया है।
यह झड़प आसियान देशों के बीच सैन्य संघर्ष का दुर्लभ उदाहरण है। दोनों देशों में राष्ट्रवादी भावनाएं भड़क रही हैं। Cambodia में हुन सेन ने सोशल मीडिया पर युद्ध कक्ष की तस्वीरें साझा कर थाई नेताओं की आलोचना की। Thailand में नागरिकों ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर लोगों ने चिंता जताई कि यह स्थिति युद्ध में बदल सकती है। एक यूजर ने लिखा, "दोनों देशों को बातचीत से इसे रोकना चाहिए। युद्ध से सिर्फ निर्दोष लोग मरते हैं।"
Thailand और Cambodia के बीच सीमा विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है, जिसमें 16 लोगों की जान गई और हजारों विस्थापित हुए। हवाई हमले, रॉकेट और तोपों के इस्तेमाल ने स्थिति को गंभीर बना दिया। राजनयिक संबंधों के टूटने और दोनों पक्षों के एक-दूसरे पर आरोपों से शांति की उम्मीद कम है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से आसियान और संयुक्त राष्ट्र, को तत्काल हस्तक्षेप कर बातचीत शुरू करानी चाहिए।
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