इमरान खान से उनके परिवार को अदियाला जेल में मुलाकात से रोकने पर हुआ हंगामा, बहनों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके परिवार को एक बड़ा झटका लगा है, जब अदियाला जेल में उनकी बहनों को अदालती
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके परिवार को एक बड़ा झटका लगा है, जब अदियाला जेल में उनकी बहनों को अदालती आदेश के बावजूद मुलाकात से रोका गया। यह घटना रावलपिंडी की अदियाला जेल के बाहर घटी, जहां इमरान खान की बहनें शांतिपूर्ण धरना दे रही थीं। रात के ठंडे मौसम में पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल करके उन्हें तितर-बितर कर दिया। यह कार्रवाई मंगलवार की रात करीब दो बजे हुई, जब बहनें और कुछ समर्थक जेल के बाहर चेकपॉइंट पर बैठे हुए थे। अदियाला जेल में इमरान खान अगस्त 2023 से विभिन्न मामलों में बंद हैं, और अदालत ने परिवार को सप्ताह में दो बार मुलाकात की अनुमति दी थी। लेकिन हाल के हफ्तों में इस अनुमति का बार-बार उल्लंघन हुआ है, जिससे परिवार में चिंता बढ़ गई है। इमरान खान की बहनें अलीमा खान, उजमा खानम और नूरीन निआजी इस घटना में शामिल थीं, जो जेल पहुंची थीं लेकिन चेकपॉइंट पर रोकी गईं। पुलिस ने कहा कि आधिकारिक मुलाकात का समय समाप्त हो चुका था, लेकिन परिवार ने इसे अदालती आदेश का उल्लंघन बताया। इस घटना के बाद जेल के बाहर तनाव बढ़ गया, और समर्थकों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया।
घटना की शुरुआत मंगलवार सुबह हुई, जब इमरान खान की बहनें जेल पहुंचीं। वे अदालत के आदेश के अनुसार मुलाकात के लिए गई थीं, लेकिन कई चेकपॉइंट्स पर रोकी गईं। अंतिम चेकपॉइंट पर एक अस्थायी बाड़ लगाई गई थी, जिससे आगे बढ़ना असंभव हो गया। बहनें और कुछ समर्थक वहीं बैठ गए, उम्मीद में कि अनुमति मिल जाएगी। शाम ढलते-ढलते रात हो गई, और ठंड बढ़ने लगी। फिर भी वे हटने को तैयार नहीं हुईं। करीब दो बजे रात को पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। वाटर कैनन की तेज धार से बहनें और समर्थक गिर पड़े, जिससे कई लोग घायल हो गए। एक सदस्य को पैर में चोट लगी, और सभी को ठंडे पानी से भीगने के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई। यह कार्रवाई फैक्ट्री चेकपॉइंट के पास हुई, जहां सड़कें पहले से ही अवरुद्ध थीं। परिवार ने कहा कि यह मुलाकात का उनका कानूनी अधिकार है, जो अदालत ने सुनिश्चित किया था। लेकिन अधिकारियों ने समय की कमी का हवाला देकर इंकार कर दिया। इस घटना ने जेल के बाहर प्रदर्शन को और भड़का दिया, और समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की। इमरान खान की बहनों ने कहा कि वे केवल अपने भाई से मिलना चाहती थीं, जिनकी सेहत को लेकर चिंता है। पिछले हफ्ते उजमा खानम को केवल 20 मिनट की मुलाकात की अनुमति मिली थी, जिसमें इमरान खान ने अपनी स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें एकांत कारावास में रखा गया है, और परिवार या वकीलों से संपर्क सीमित है। बहनों ने जेल अधीक्षक और अधिकारियों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी, क्योंकि अदालती आदेश का पालन नहीं हो रहा। इस घटना से पहले भी कई बार मुलाकात रोकी गई, जिससे परिवार को संदेह हुआ कि इमरान खान की स्थिति गंभीर हो सकती है। उनके बेटों ने भी चिंता जताई कि कोई अपरिवर्तनीय घटना तो नहीं हो रही। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं, और उन पर कई मामले दर्ज हैं, जिनमें भ्रष्टाचार और अन्य आरोप शामिल हैं। अदियाला जेल रावलपिंडी में है, जहां सुरक्षा कड़ी है। इस जेल में इमरान खान को अलग सेल में रखा गया है, और मुलाकातें सख्त निगरानी में होती हैं।
इस घटना का पृष्ठभूमि इमरान खान की गिरफ्तारी से जुड़ी है। वे 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे, और उसके बाद विभिन्न राजनीतिक घटनाओं के बाद सत्ता से हट गए। अगस्त 2023 में उन्हें गिरफ्तार किया गया, और तब से वे जेल में हैं। उन पर 186 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें भ्रष्टाचार के प्रमुख मामले शामिल हैं। एक मामले में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई गई, जो अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़ा है। इस ट्रस्ट को इमरान खान और उनकी पत्नी ने स्थापित किया था, और आरोप है कि इसमें जमीन का अवैध लेन-देन हुआ। एक अन्य मामले में राज्य रहस्य लीक करने के लिए 10 साल की सजा मिली। तौशाखाना मामले में भी 14 साल की सजा हुई, जहां विदेशी उपहारों के गलत बिक्री का आरोप है। इन सभी मामलों में इमरान खान ने कहा कि ये राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी सात साल की सजा मिली है। परिवार का कहना है कि ये मामले उन्हें राजनीति से दूर रखने के लिए हैं। जेल में रहते हुए इमरान खान की सेहत को लेकर कई अफवाहें फैलीं, जिनमें उनकी मृत्यु की भी बात कही गई। लेकिन अधिकारियों ने इनका खंडन किया। परिवार की चिंता बढ़ने का एक कारण मुलाकातों पर लगे प्रतिबंध हैं। अदालत ने सप्ताह में दो मुलाकातें अनुमति दी थीं, लेकिन पिछले कई हफ्तों से इन्हें रोका जा रहा है। बहनों ने कहा कि जेल के बाहर प्रदर्शन के कारण स्थानीय लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो रही है, इसलिए इमरान खान को कहीं और शिफ्ट करने की योजना है। लेकिन परिवार को कोई सूचना नहीं दी गई। उनके बेटों ने कहा कि 845 दिनों से इमरान खान जेल में हैं, और पिछले छह हफ्तों से एकांत में रखा गया है। वे प्रूफ ऑफ लाइफ की मांग कर रहे हैं। इमरान खान के बेटे सुलैमान और कासिम ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की कि हस्तक्षेप करें। परिवार का कहना है कि यह केवल राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि मानवाधिकारों का उल्लंघन है। जेल के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सड़कें अवरुद्ध कर दीं, और मीडिया को दूर रखा गया। बहनों ने कहा कि इमरान खान ने मुलाकात में बताया कि उन्हें मानसिक यातना दी जा रही है।
इस घटना के बाद जेल के बाहर तनाव और बढ़ गया। समर्थकों ने कहा कि यह शांतिपूर्ण धरना था, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग किया। वाटर कैनन का इस्तेमाल ठंडे मौसम में किया गया, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा। एक सदस्य को पैर टूट गया, जब वे बहनों को बचाने की कोशिश कर रहे थे। परिवार ने कहा कि यह महिलाओं और बुजुर्गों के खिलाफ है। अदियाला जेल के अधीक्षक पर अवमानना का आरोप लगाया गया, क्योंकि अदालती आदेश का पालन नहीं हुआ। पिछले हफ्ते भी एक बहन को मुलाकात की अनुमति मिली थी, लेकिन केवल सीमित समय के लिए। इमरान खान की बहनों ने कहा कि वे हर मंगलवार आती हैं, लेकिन बार-बार रोकी जाती हैं। यह घटना नवंबर 2025 से चली आ रही है, जब पहली बार मुलाकात रोकी गई। तब से परिवार ने कई याचिकाएं दायर कीं। अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शन से व्यवस्था प्रभावित हो रही है, इसलिए सख्ती जरूरी है। लेकिन परिवार का मानना है कि यह इमरान खान को अलग-थलग करने की कोशिश है। इमरान खान के बेटों ने कहा कि परिवार को कोई प्रत्यक्ष संपर्क नहीं है, और अदालती आदेश के बावजूद मुलाकात नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि इमरान खान को डेथ सेल में रखा गया है, जहां कोई सुविधा नहीं है। परिवार ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील की कि हस्तक्षेप करें। इमरान खान की जेल में स्थिति को लेकर अफवाहें फैलीं, जिसमें उनकी सेहत बिगड़ने की बात कही गई। अधिकारियों ने कहा कि वे स्वस्थ हैं, और कोई स्थानांतरण की योजना नहीं है। लेकिन परिवार संतुष्ट नहीं है। बहनों ने कहा कि इमरान खान ने कहा कि उन्हें मानसिक दबाव सहना पड़ रहा है। जेल में उन्हें वॉकिंग एरिया, कूलर और अन्य सुविधाएं दी गई हैं, लेकिन परिवार को विश्वास नहीं है। यह घटना राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रही है, जहां इमरान खान के समर्थक सड़कों पर उतर रहे हैं। परिवार का कहना है कि यह अन्याय है, और वे लड़ते रहेंगे।
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