रूस-यूक्रेन युद्ध में नया मोड़- अमेरिका ने यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी का दस्तावेज दिया, जेलेंस्की बोले - हस्ताक्षर के लिए 100% तैयार
23 जनवरी 2026 को अबू धाबी में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच पहली त्रिपक्षीय वार्ता हुई। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जared कुश्नर ने वार्ता में भाग लिया। दोनों दौर की बैठकें सकारात्मक ब
रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। अमेरिका ने यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी का एक प्रमुख दस्तावेज तैयार कर लिया है, जिसे राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने “100% तैयार” बताया है। जेलेंस्की ने कहा कि अब केवल हस्ताक्षर की तारीख और स्थान की पुष्टि का इंतजार है। यह दस्तावेज अमेरिकी कांग्रेस और यूक्रेन की संसद में अनुमोदन के बाद लागू होगा। अबू धाबी में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता के बाद इस दस्तावेज पर सहमति बनी। हालांकि, क्षेत्रीय विवाद, खासकर डोनबास क्षेत्र पर अभी भी बड़ा मतभेद बरकरार है। वार्ता सकारात्मक बताई गई है लेकिन युद्ध अभी समाप्त नहीं हुआ है। अगला दौर की वार्ता 1 फरवरी 2026 को अबू धाबी में होगी। अमेरिका का मानना है कि सुरक्षा गारंटी तभी मिलेगी जब यूक्रेन शांति समझौते पर सहमत होगा।
अमेरिकी प्रशासन ने युद्ध समाप्त करने के लिए सक्रिय कूटनीति तेज कर दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने रूस और यूक्रेन को एक टेबल पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जेलेंस्की ने विल्नियस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सुरक्षा गारंटी से संबंधित दस्तावेज पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा गारंटी अमेरिका से ही है।
सुरक्षा गारंटी दस्तावेज के मुख्य बिंदु
जेलेंस्की ने कहा कि दस्तावेज 100% तैयार है। हस्ताक्षर के बाद अमेरिकी कांग्रेस और यूक्रेन की संसद में जाएगा। यह दस्तावेज मुख्य रूप से अमेरिकी सुरक्षा गारंटी पर आधारित है। वार्ता में सैन्य और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा हुई। जापोरिज्जिया न्यूक्लियर प्लांट के संचालन पर अभी सहमति नहीं बनी। 15 वर्ष की सुरक्षा गारंटी का प्रस्ताव सामने आया है।
अबू धाबी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता: अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच पहली बार आमने-सामने बैठक, अगला दौर 1 फरवरी को
23 जनवरी 2026 को अबू धाबी में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच पहली त्रिपक्षीय वार्ता हुई। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जared कुश्नर ने वार्ता में भाग लिया। दोनों दौर की बैठकें सकारात्मक बताई गईं। रूस और यूक्रेन दोनों पक्षों ने आगे की वार्ता के लिए सहमति दी। वार्ता में सीजफायर, सुरक्षा गारंटी, क्षेत्रीय मुद्दे और आर्थिक पहलुओं पर चर्चा हुई। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि कुछ प्रगति हुई है लेकिन प्रमुख चुनौतियां बरकरार हैं। क्रेमलिन ने कहा कि वार्ता रचनात्मक थी लेकिन अभी काफी कठिन मुद्दे बाकी हैं। डोनेट्स्क क्षेत्र पर विवाद को सबसे कठिन मुद्दा बताया जा रहा है।
अगले दौर की वार्ता 1 फरवरी 2026 को अबू धाबी में होगी। अमेरिकी पक्ष ने कहा कि वार्ता में अमेरिकी उपस्थिति हो सकती है। दोनों पक्षों ने युद्ध समाप्त करने की इच्छा जताई लेकिन शर्तों पर गहरी असहमति बनी हुई है।
वार्ता की समयरेखा
23 जनवरी 2026: अबू धाबी में त्रिपक्षीय वार्ता शुरू। दो दिनों तक चली बैठकें। वार्ता के बाद अगला दौर 1 फरवरी को तय। जेलेंस्की ने सुरक्षा दस्तावेज को 100% तैयार बताया। क्रेमलिन ने कहा - प्रमुख चुनौतियां बरकरार। डोनेट्स्क मुद्दा सबसे जटिल।
शांति समझौते में अभी भी बाकी हैं बड़े मतभेद: क्षेत्रीय विवाद और सुरक्षा गारंटी पर असहमति, युद्ध अभी समाप्त नहीं
अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी तभी मिलेगी जब वह रूस के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर करेगा। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि समझौते में यूक्रेन को डोनबास क्षेत्र पर कुछ रियायतें देने की संभावना है। जेलेंस्की ने कहा कि क्षेत्रीय विवाद सबसे संवेदनशील मुद्दा है। रूस अपनी पुरानी मांगों पर अड़ा हुआ है। दोनों पक्षों के बीच सीजफायर पर भी अभी पूरी सहमति नहीं बनी है। अमेरिका ने कहा है कि शांति प्रक्रिया में तेजी लाने की कोशिश जारी है। युद्ध अब चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। अबू धाबी वार्ता को कूटनीतिक प्रगति माना जा रहा है लेकिन अंतिम समझौता अभी दूर है।
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