Viral News: कोटा में सनसनीखेज वारदात- RTO इंस्पेक्टर का चालान (Challan) काटना पड़ा भारी, गुस्साए ट्रेलर चालक ने कुचलकर मार डाला।
राजस्थान के कोटा में एक चौंकाने वाली और दुखद घटना ने पूरे परिवहन विभाग को हिलाकर रख दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग 52 (NH-52) पर मंडाना थाना क्षेत्र ...
कोटा / राजस्थान: राजस्थान के कोटा में एक चौंकाने वाली और दुखद घटना ने पूरे परिवहन विभाग को हिलाकर रख दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग 52 (NH-52) पर मंडाना थाना क्षेत्र के गोपालपुरा माताजी टोल प्लाजा के पास शनिवार (3 मई 2025) शाम करीब 7 बजे एक ट्रेलर चालक ने चालान (Challan) काटने से नाराज होकर RTO इंस्पेक्टर नरेश कुमार (Naresh Kumar) को जानबूझकर कुचल दिया। इस भयावह हादसे में 37 वर्षीय इंस्पेक्टर नरेश कुमार (Naresh Kumar) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवहन विभाग की बोलेरो गाड़ी का चालक देवेंद्र घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी चालक भागचंद गुर्जर फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने रविवार (4 मई 2025) को उसे गिरफ्तार कर लिया। यह घटना सड़क किनारे ड्यूटी करने वाले अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
दरअसल, नरेश कुमार (Naresh Kumar), जो कोटा RTO के उड़न दस्ते (फ्लाइंग स्क्वॉड) का हिस्सा थे, अपनी टीम के साथ कोटा-झालावाड़ मार्ग पर NH-52 के गोपालपुरा माताजी टोल प्लाजा के पास वाहनों की रूटीन जांच कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने ट्रेलर (नंबर RJ 09 GA 8713) में कुछ अनियमितताएं पाईं, जिसके बाद चालक भागचंद गुर्जर का ऑनलाइन चालान (Challan) काटा। न्यूज़18 के अनुसार, चालान (Challan) की राशि लगभग 15,000 रुपये थी, जिसने चालक को गुस्से से भर दिया।
चालान (Challan) काटे जाने के बाद गुर्जर ने पहले ट्रेलर को मौके से हटाया और ऐसा लगा कि वह चला गया। लेकिन कुछ ही मिनटों बाद, उसने यूटर्न लेकर तेज रफ्तार में ट्रेलर को वापस लाया और जानबूझकर नरेश कुमार (Naresh Kumar) और उनकी आधिकारिक बोलेरो गाड़ी पर चढ़ा दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ट्रेलर ने तेज गति से इंस्पेक्टर को कुचला, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गाड़ी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
मंडाना पुलिस स्टेशन के SHO अजय शर्मा ने बताया कि ट्रेलर के टायर नरेश कुमार (Naresh Kumar) के पेट के ऊपर से गुजरे, जिससे उनकी तत्काल मृत्यु हो गई। अन्य RTO कर्मचारी, जो उस समय गाड़ी के बाहर थे, बाल-बाल बचे। घटना इतनी भयानक थी कि मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। नरेश कुमार (Naresh Kumar) का शव पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया।
घटना के बाद भागचंद गुर्जर ट्रेलर को छोड़कर फरार हो गया। कोटा जिला ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के नेतृत्व में पुलिस ने जंगली इलाकों में मैनहंट चलाया और रविवार को गुर्जर को अजमेर के सरवाड़ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया और CCTV फुटेज की जांच शुरू की। मंडाना पुलिस स्टेशन में भागचंद गुर्जर के खिलाफ IPC की धारा 302 (हत्या), सरकारी कार्य में बाधा, और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चालान (Challan) में किस अनियमितता के लिए फाइन लगाया गया था और क्या चालक की नाराजगी का कोई अन्य कारण था। टोल प्लाजा और आसपास के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। कोटा के जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी और SP सुजीत शंकर ने घटनास्थल का दौरा किया। कलेक्टर ने मोर्चरी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और परिवार को सहायता का आश्वासन दिया।
घटना के अगले दिन, रविवार (4 मई 2025) को राजस्थान परिवहन निरीक्षक संघ (RPNS) के बैनर तले पूरे राजस्थान के लगभग 350 RTO इंस्पेक्टरों ने एक दिन की प्रतीकात्मक हड़ताल की। इस हड़ताल से परिवहन विभाग को 1 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान हुआ। RPNS अध्यक्ष राजेश चौधरी ने कहा कि मौजूदा फ्लाइंग स्क्वॉड सिस्टम में इंस्पेक्टरों को न तो पर्याप्त सुरक्षा मिलती है और न ही बुनियादी संसाधन। उन्होंने मांग की कि सड़क किनारे ड्यूटी के लिए सुरक्षा उपाय, जैसे बैकअप टीमें और सुरक्षात्मक उपकरण, प्रदान किए जाएं। चौधरी ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। RTO इंस्पेक्टरों को पहले भी गाली-गलौज, उत्पीड़न, और हिंसा का सामना करना पड़ा है।
चालान (Challan) काटने पर अक्सर राजनीतिक दबाव या उच्च अधिकारियों के पास शिकायतें की जाती हैं। RPNS ने चेतावनी दी कि अगर सुरक्षा और कार्य प्रणाली में तुरंत सुधार नहीं किया गया, तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। X पर कई यूजर्स ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता और सड़क किनारे ड्यूटी करने वालों की असुरक्षा का उदाहरण बताया। कुछ ने ऐसी रील्स और वीडियो को सनसनीखेज बताकर उनकी आलोचना भी की, जो घटना को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहे हैं। वायरल वीडियो में क्षतिग्रस्त RTO गाड़ी, टोल प्लाजा पर भीड़, और पुलिस की कार्रवाई के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, कुछ यूजर्स ने संवेदनशीलता की कमी पर सवाल उठाए।
यह घटना सड़क किनारे ड्यूटी करने वाले RTO और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की जोखिम भरी स्थिति को उजागर करती है। प्रमुख मुद्दे:
असुरक्षा: चालान (Challan) काटने पर चालकों का आक्रामक व्यवहार आम है। पहले भी ट्रैफिक पुलिस और RTO कर्मचारियों पर हमले की घटनाएं हो चुकी हैं।
संसाधनों की कमी: RTO इंस्पेक्टरों को न तो बैकअप टीमें दी जाती हैं और न ही सुरक्षात्मक उपकरण, जैसे बॉडी कैमरा या बैरिकेड्स।
राजनीतिक दबाव: चालान (Challan) काटने पर अक्सर स्थानीय नेताओं या प्रभावशाली लोगों का दबाव पड़ता है, जिससे इंस्पेक्टरों का काम और मुश्किल हो जाता है।
जागरूकता की कमी: चालकों में ट्रैफिक नियमों और चालान (Challan) की प्रक्रिया के प्रति जागरूकता की कमी हिंसा को बढ़ावा देती है।
पिछली समान घटनाएं
2019, दिल्ली: एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी को चालान (Challan) के बाद चालक ने घसीटा था।
2023, उत्तर प्रदेश: एक चालक ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की थी।
2012, दिल्ली: डेली मेल की एक रिपोर्ट में बताया गया कि RTO और ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी रिश्वत लेकर ओवरलोडेड ट्रकों को शहर में प्रवेश करने देते हैं, लेकिन चालान (Challan) होने पर चालक हिंसक हो जाते हैं।
37 वर्षीय नरेश कुमार (Naresh Kumar) एक समर्पित RTO इंस्पेक्टर थे, जो अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन कर रहे थे। उनके परिवार ने इस त्रासदी से गहरा सदमा व्यक्त किया है। सहकर्मियों ने उन्हें एक मेहनती और निष्पक्ष अधिकारी बताया। परिवार की आर्थिक और भावनात्मक सहायता के लिए प्रशासन ने आश्वासन दिया है, लेकिन इस नुकसान की भरपाई असंभव है।
कोटा में नरेश कुमार (Naresh Kumar) की हत्या एक ऐसी त्रासदी है, जो न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे परिवहन विभाग और समाज के लिए एक बड़ा झटका है। यह घटना सड़क किनारे ड्यूटी करने वाले अधिकारियों की असुरक्षा, चालकों के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार, और प्रशासनिक कमियों को उजागर करती है। भागचंद गुर्जर की गिरफ्तारी और जांच एक शुरुआत है, लेकिन असल बदलाव तभी आएगा जब सुरक्षा उपायों को लागू किया जाएगा और चालकों में जागरूकता बढ़ेगी।
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